Chapter 19
Chapter 19 — अध्ययन नोट्स
NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए
परिचय
व्याख्यापरिचय
द्वितीय विश्व युद्ध (1939-1945) आधुनिक विश्व इतिहास का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय है। यह युद्ध यूरोप, एशिया, अफ्रीका और प्रशांत महासागर के क्षेत्रों में लड़ा गया, जिसमें लगभग सभी महाद्वीपों के देश प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल थे। इस युद्ध का आरंभ जर्मनी के पोलैंड पर आक्रमण (1 सितम्बर 1939) से हुआ, जिसके बाद ब्रिटेन और फ्रांस ने जर्मनी के विरुद्ध युद्ध की घोषणा की। द्वितीय विश्व युद्ध के कारणों में प्रथम विश्व युद्ध के परिणाम, वर्साय की संधि की कठोर शर्तें, आर्थिक महामंदी, राष्ट्रवाद, तानाशाही का उदय, और साम्राज्यवादी प्रतिस्पर्धा प्रमुख थे। इस युद्ध ने न केवल राजनीतिक मानचित्र को बदला, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी गहरा प्रभाव डाला। युद्ध के दौरान और बाद में संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) की स्थापना, उपनिवेशवाद का अंत, शीत युद्ध की शुरुआत तथा नवनिर्मित राष्ट्रों का उदय हुआ।
- द्वितीय विश्व युद्ध 1939 से 1945 तक चला।
- युद्ध का आरंभ जर्मनी के पोलैंड पर आक्रमण से हुआ।
- युद्ध के प्रमुख कारणों में वर्साय की संधि, आर्थिक संकट, तानाशाही का उदय शामिल हैं।
- युद्ध के परिणामस्वरूप संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना हुई।
- युद्ध ने विश्व के राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक ढांचे को बदल दिया।
- युद्ध के बाद उपनिवेशवाद का अंत और शीत युद्ध की शुरुआत हुई।
- 📌 द्वितीय विश्व युद्ध: 1939-1945 के बीच लड़ा गया वैश्विक युद्ध।
- 📌 वर्साय की संधि: प्रथम विश्व युद्ध के बाद जर्मनी पर लगाई गई कठोर शर्तों वाली संधि।
- 📌 संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO): 1945 में स्थापित अंतरराष्ट्रीय संगठन।
द्वितीय विश्व युद्ध के कारण
व्याख्याद्वितीय विश्व युद्ध के कारण
द्वितीय विश्व युद्ध के अनेक कारण थे, जिनमें प्रथम विश्व युद्ध के परिणाम, वर्साय की संधि की कठोरता, आर्थिक महामंदी, तानाशाही शासकों का उदय, राष्ट्रवाद, साम्राज्यवाद, तथा सामूहिक सुरक्षा की विफलता प्रमुख हैं। वर्साय की संधि ने जर्मनी को अपमानित किया, उसकी सेना और अर्थव्यवस्था पर कठोर प्रतिबंध लगाए गए। इससे जर्मनी में असंतोष और प्रतिशोध की भावना पनपी। 1929 की आर्थिक महामंदी ने विश्व के अधिकांश देशों की अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया, जिससे बेरोजगारी और असंतोष बढ़ा। इसी दौरान हिटलर (जर्मनी), मुसोलिनी (इटली) और जापान में सैन्य तानाशाही का उदय हुआ, जिन्होंने विस्तारवादी नीति अपनाई। लीग ऑफ नेशन्स (राष्ट्र संघ) सामूहिक सुरक्षा देने में असफल रहा। साम्राज्यवादी प्रतिस्पर्धा, सैन्यकरण और गुटबंदी ने भी युद्ध की पृष्ठभूमि तैयार की।
- वर्साय की संधि ने जर्मनी को अपमानित किया और आर्थिक रूप से कमजोर किया।
- आर्थिक महामंदी (1929) ने विश्व में अस्थिरता फैलाई।
- तानाशाही शासकों (हिटलर, मुसोलिनी, जापान) का उदय हुआ।
- राष्ट्र संघ सामूहिक सुरक्षा देने में असफल रहा।
- साम्राज्यवाद और सैन्यकरण ने युद्ध को बढ़ावा दिया।
- गुटबंदी (धुरी और मित्र राष्ट्र) ने तनाव को बढ़ाया।
- 📌 वर्साय की संधि: प्रथम विश्व युद्ध के बाद जर्मनी पर लगाई गई संधि।
- 📌 आर्थिक महामंदी: 1929 में शुरू हुई वैश्विक आर्थिक संकट।
- 📌 तानाशाही: एक व्यक्ति या दल द्वारा निरंकुश शासन।
युद्ध की प्रमुख घटनाएँ
व्याख्यायुद्ध की प्रमुख घटनाएँ
द्वितीय विश्व युद्ध की प्रमुख घटनाएँ 1939 से 1945 तक फैली हुई हैं। 1 सितम्बर 1939 को जर्मनी ने पोलैंड पर आक्रमण किया, जिससे युद्ध आरंभ हुआ। शीघ्र ही ब्रिटेन और फ्रांस ने जर्मनी के विरुद्ध युद्ध की घोषणा की। 1940 में जर्मनी ने डेनमार्क, नॉर्वे, फ्रांस
SLM - History of Modern World (1453-1950 AD) (Hindi) के सभी 20 अध्याय
History of Modern World (1453-1950 AD) · Vardhman Mahaveer Open University
5 और अध्याय — सभी देखें →