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Chapter 10

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - History of Modern World (1453-1950 AD) (Hindi)📖 9 नोट्स⏱️ ~14 मिनट
Chapter 9अध्याय 10 / 20Chapter 11

Chapter 10अध्ययन नोट्स

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परिचय: जर्मनी का एकीकरण

व्याख्या

परिचय: जर्मनी का एकीकरण

इस खंड में जर्मनी के एकीकरण की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, 19वीं सदी के यूरोप में राष्ट्रीयता की भावना के उदय और जर्मन राज्यों की राजनीतिक स्थिति का विस्तृत वर्णन किया गया है। नेपोलियन युद्धों के बाद जर्मन भूभाग 39 स्वतंत्र राज्यों में विभाजित थे, जिन्हें 'जर्मन परिसंघ' (German Confederation) कहा जाता था। इन राज्यों में प्रशा (Prussia) और ऑस्ट्रिया (Austria) सबसे शक्तिशाली थे। राष्ट्रीयता की भावना के उदय के साथ ही जर्मन जनता ने एकीकृत राष्ट्र-राज्य की मांग शुरू की। इस प्रक्रिया में राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक कारकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

  • नेपोलियन युद्धों के बाद जर्मनी 39 राज्यों में विभाजित था।
  • प्रशा और ऑस्ट्रिया दो प्रमुख शक्तिशाली राज्य थे।
  • राष्ट्रीयता की भावना ने एकीकरण की मांग को जन्म दिया।
  • जर्मन परिसंघ (1815) का गठन वियना कांग्रेस के बाद हुआ।
  • राजनीतिक, सामाजिक व आर्थिक कारणों ने एकीकरण को प्रेरित किया।
  • 📌 जर्मन परिसंघ: 1815 में गठित 39 जर्मन राज्यों का संघ।
  • 📌 राष्ट्रीयता: एक समान भाषा, संस्कृति और इतिहास के आधार पर एकता की भावना।

जर्मन परिसंघ और उसकी सीमाएँ

व्याख्या

जर्मन परिसंघ और उसकी सीमाएँ

इस खंड में जर्मन परिसंघ की संरचना, कार्यप्रणाली और उसकी सीमाओं का विश्लेषण किया गया है। 1815 में वियना कांग्रेस के बाद जर्मन परिसंघ का गठन हुआ, जिसमें 39 स्वतंत्र राज्य शामिल थे। परिसंघ का उद्देश्य आपसी रक्षा और सहयोग था, लेकिन इसमें केंद्रीय शक्ति का अभाव था। प्रत्येक राज्य की अपनी संप्रभुता थी और वे अपने-अपने मामलों में स्वतंत्र थे। परिसंघ की कार्यकारिणी 'डाइट' (Diet) थी, जिसमें सभी राज्यों के प्रतिनिधि होते थे, परंतु निर्णय सर्वसम्मति से ही लिए जा सकते थे, जिससे निर्णय प्रक्रिया धीमी और अप्रभावी थी। ऑस्ट्रिया का प्रभाव परिसंघ पर अधिक था, जिससे प्रशा असंतुष्ट था।

  • जर्मन परिसंघ 1815 में गठित 39 राज्यों का संघ था।
  • परिसंघ में केंद्रीय शक्ति का अभाव था।
  • डाइट (Diet) परिसंघ की कार्यकारिणी थी।
  • निर्णय सर्वसम्मति से लिए जाते थे, जिससे प्रक्रिया धीमी थी।
  • ऑस्ट्रिया का प्रभाव अधिक था, जिससे प्रशा असंतुष्ट था।
  • 📌 डाइट: जर्मन परिसंघ की केंद्रीय कार्यकारिणी।
  • 📌 संप्रभुता: प्रत्येक राज्य का अपने मामलों में स्वतंत्र होना।

राष्ट्रीयता की भावना और उदारवादी आंदोलन

व्याख्या

राष्ट्रीयता की भावना और उदारवादी आंदोलन

इस खंड में 19वीं सदी के जर्मनी में राष्ट्रीयता की भावना के विकास और उदारवादी आंदोलनों की भूमिका का विस्तार से वर्णन है। फ्रांसीसी क्रांति और नेपोलियन के प्रभाव से जर्मन जनता में एकता, स्वतंत्रता और समानता की भावना का विकास हुआ। 1830 और 1848 की क्रांत