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Chapter 12

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - History of Modern World (1453-1950 AD) (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट
Chapter 11अध्याय 12 / 20Chapter 13

Chapter 12अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

12.1 प्रथम विश्व युद्ध : भूमिका

व्याख्या

12.1 प्रथम विश्व युद्ध : भूमिका

प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) आधुनिक विश्व इतिहास का एक महत्वपूर्ण मोड़ था। यह युद्ध यूरोप के प्रमुख देशों के बीच हुआ, जिसमें विश्व के अन्य हिस्सों के भी कई देश शामिल हुए। युद्ध की भूमिका में राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और सैन्य कारणों का विश्लेषण किया गया है। यूरोप में राष्ट्रवाद, साम्राज्यवाद, सैन्यवाद और गुटबंदी की प्रवृत्तियाँ युद्ध के लिए जिम्मेदार थीं। ऑस्ट्रिया-हंगरी के राजकुमार फ्रांज फर्डिनेंड की हत्या ने युद्ध की चिंगारी को भड़काया। युद्ध के पहले यूरोप में दो प्रमुख गुट बने थे: ट्रिपल एलायंस (जर्मनी, ऑस्ट्रिया-हंगरी, इटली) और ट्रिपल एंटेंट (ब्रिटेन, फ्रांस, रूस)। इन गुटों के बीच तनाव और प्रतिस्पर्धा ने युद्ध को अपरिहार्य बना दिया।

  • युद्ध की भूमिका में राष्ट्रवाद, साम्राज्यवाद, सैन्यवाद और गुटबंदी प्रमुख कारण थे।
  • ऑस्ट्रिया-हंगरी के राजकुमार की हत्या ने युद्ध की शुरुआत को प्रेरित किया।
  • यूरोप में दो प्रमुख गुट बने: ट्रिपल एलायंस और ट्रिपल एंटेंट।
  • युद्ध के पहले यूरोप में राजनीतिक अस्थिरता थी।
  • आर्थिक प्रतिस्पर्धा और उपनिवेशवाद ने तनाव को बढ़ाया।
  • युद्ध की भूमिका में सामाजिक और सांस्कृतिक परिवर्तन भी शामिल थे।
  • 📌 राष्ट्रवाद: अपने देश के प्रति अत्यधिक प्रेम और गर्व की भावना।
  • 📌 साम्राज्यवाद: अन्य देशों या क्षेत्रों पर अधिकार करने की नीति।
  • 📌 सैन्यवाद: सैन्य शक्ति और युद्ध को प्राथमिकता देना।

12.2 प्रथम विश्व युद्ध के कारण

अवधारणा

12.2 प्रथम विश्व युद्ध के कारण

प्रथम विश्व युद्ध के कारणों का विश्लेषण करते हुए NCERT ने कई प्रमुख कारकों को रेखांकित किया है। इनमें राष्ट्रवाद, साम्राज्यवाद, सैन्यवाद, गुटबंदी, उपनिवेशों के लिए प्रतिस्पर्धा, आर्थिक तनाव, और तत्काल कारण के रूप में ऑस्ट्रिया-हंगरी के राजकुमार फ्रांज फर्डिनेंड की हत्या शामिल है। राष्ट्रवाद ने यूरोप के विभिन्न देशों में अपनी श्रेष्ठता की भावना को जन्म दिया, जिससे आपसी तनाव बढ़ा। साम्राज्यवाद के तहत यूरोपीय शक्तियाँ अफ्रीका और एशिया में उपनिवेश स्थापित करने के लिए प्रतिस्पर्धा कर रही थीं। सैन्यवाद के कारण देशों ने अपनी सैन्य शक्ति बढ़ाई और युद्ध की तैयारी की। गुटबंदी से यूरोप दो गुटों में बंट गया, जिससे युद्ध की संभावना बढ़ गई। तत्काल कारण के रूप में 28 जून 1914 को सरायेवो में राजकुमार की हत्या हुई, जिससे ऑस्ट्रिया-हंगरी ने सर्बिया पर आक्रमण किया और युद्ध शुरू हुआ।

  • राष्ट्रवाद ने देशों के बीच तनाव और प्रतिस्पर्धा को बढ़ाया।
  • साम्राज्यवाद के कारण उपनिवेशों के लिए संघर्ष हुआ।
  • सैन्यवाद ने युद्ध की तैयारी को तेज किया।
  • गुटबंदी से यूरोप दो गुटों में बंट गया।
  • आर्थिक तनाव और प्रतिस्पर्धा भी कारण बने।
  • राजकुमार फ्रांज फर्डिनेंड की हत्या युद्ध का तत्काल कारण बनी।
  • 📌 ऑस्ट्रिया-हंगरी: मध्य यूरोप का प्रमुख साम्राज्य।
  • 📌 सरायेवो: वह स्थान जहाँ राजकुमार की हत्या हुई।
  • 📌 फ्रांज फर्डिनेंड: ऑस्ट्रिया-हंगरी के राजकुमार।

12.3 युद्ध की शुरुआत और विस्तार

व्याख्या

12.3 युद्ध की शुरुआत और विस्तार

युद्ध की शुरुआत 28 जून 1914 को ऑस्ट्रिया-हंगरी के राजकुमार फ्रांज फर्डिनेंड की हत्या के बाद हुई। ऑस्ट्रिया-हंगरी ने सर्बिया पर आक्रमण किया, जिससे युद्ध की चिंगारी भड़क गई। जल्द ही जर्मनी, रूस, फ्रांस, ब्रिटेन, इटली और अन्य देश इसमें शामिल हो गए। युद्