Chapter 11
Chapter 11 — अध्ययन नोट्स
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पूर्वी प्रश्न : परिचय
व्याख्यापूर्वी प्रश्न : परिचय
पूर्वी प्रश्न (Eastern Question) 19वीं शताब्दी के यूरोपीय इतिहास का एक महत्वपूर्ण विषय है, जो मुख्यतः ओटोमन साम्राज्य की गिरावट और उसके कारण यूरोपीय शक्तियों के बीच उत्पन्न होने वाले संघर्षों से संबंधित है। ओटोमन साम्राज्य, जिसे तुर्की साम्राज्य भी कहा जाता है, 15वीं से 19वीं शताब्दी तक यूरोप, एशिया और अफ्रीका के बड़े हिस्से पर शासन करता था। 18वीं शताब्दी के अंत और 19वीं शताब्दी की शुरुआत में ओटोमन साम्राज्य का पतन आरंभ हुआ, जिससे उसके अधीनस्थ क्षेत्रों में विद्रोह और स्वतंत्रता की मांगें बढ़ने लगीं। इस पतन से यूरोपीय शक्तियों—विशेषकर ब्रिटेन, फ्रांस, रूस, ऑस्ट्रिया और प्रशा—के बीच प्रतिस्पर्धा और संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हुई। वे सभी ओटोमन साम्राज्य के कमजोर होने का लाभ उठाकर अपने-अपने हितों की पूर्ति करना चाहते थे। पूर्वी प्रश्न का मुख्य विषय यह था कि ओटोमन साम्राज्य के विघटन के बाद उसके क्षेत्रों का बंटवारा कैसे हो और कौन-सी शक्ति किस क्षेत्र पर अधिकार करे। यह प्रश्न यूरोपीय राजनीति, कूटनीति और युद्धों का केंद्र बिंदु बन गया।
- पूर्वी प्रश्न ओटोमन साम्राज्य के पतन से उत्पन्न हुआ।
- यूरोपीय शक्तियों के बीच ओटोमन क्षेत्रों के बंटवारे को लेकर प्रतिस्पर्धा थी।
- ब्रिटेन, फ्रांस, रूस, ऑस्ट्रिया और प्रशा मुख्य प्रतिस्पर्धी थे।
- यह प्रश्न 19वीं शताब्दी की यूरोपीय राजनीति का केंद्र बिंदु बना।
- ओटोमन साम्राज्य के अधीनस्थ क्षेत्रों में विद्रोह और स्वतंत्रता की मांगें बढ़ीं।
- पूर्वी प्रश्न ने कई युद्धों और समझौतों को जन्म दिया।
- 📌 पूर्वी प्रश्न: ओटोमन साम्राज्य के पतन के कारण यूरोपीय शक्तियों के बीच उत्पन्न होने वाला संघर्ष।
- 📌 ओटोमन साम्राज्य: 15वीं से 19वीं शताब्दी तक यूरोप, एशिया और अफ्रीका में विस्तृत तुर्की साम्राज्य।
ओटोमन साम्राज्य का पतन और यूरोपीय शक्तियों की भूमिका
व्याख्याओटोमन साम्राज्य का पतन और यूरोपीय शक्तियों की भूमिका
ओटोमन साम्राज्य का पतन अनेक कारणों से हुआ, जिनमें आंतरिक कमजोरियां, प्रशासनिक भ्रष्टाचार, आर्थिक संकट, सैन्य कमजोरी और आधुनिकता की कमी प्रमुख थे। साम्राज्य के अधीनस्थ क्षेत्रों में राष्ट्रीयता की भावना जागृत हुई, जिससे विद्रोह और स्वतंत्रता की मांगें बढ़ीं। यूरोपीय शक्तियों ने इन आंतरिक समस्याओं का लाभ उठाया। रूस ने बाल्कन क्षेत्रों में अपने प्रभाव को बढ़ाने का प्रयास किया, जबकि ब्रिटेन और फ्रांस ने ओटोमन साम्राज्य की अखंडता बनाए रखने का प्रयास किया ताकि रूस की शक्ति सीमित रहे। ऑस्ट्रिया और प्रशा ने भी अपने-अपने हितों के अनुसार नीति अपनाई। यूरोपीय शक्तियों के हस्तक्षेप से ओटोमन साम्राज्य की स्थिति और कमजोर हो गई। उन्होंने अपने-अपने हितों के अनुसार विद्रोही क्षेत्रों का समर्थन किया, जिससे साम्राज्य का विघटन तेज हुआ।
- ओटोमन साम्राज्य की आंतरिक कमजोरियां उसके पतन का मुख्य कारण थीं।
- यूरोपीय शक्तियों ने अपने-अपने हितों के अनुसार हस्तक्षेप किया।
- रूस ने बाल्कन क्षेत्रों में प्रभाव बढ़ाने का प्रयास किया।
- ब्रिटेन और फ्रांस ने साम्राज्य की अखंडता बनाए रखने का प्रयास किया।
- विद्रोही क्षेत्रों को यूरोपीय शक्तियों का समर्थन मिला।
- साम्राज्य का विघटन तेज हुआ।
- 📌 राष्ट्रीयता: किसी विशेष जाति या समुदाय में अपनी स्वतंत्र पहचान और राज्य की भावना।
- 📌 अखंडता: किसी राज्य या साम्राज्य की एकता और संपूर्णता।
तुर्कीमाया का युद्ध : कारण
व्याख्यातुर्कीमाया का युद्ध : कारण
तुर्कीमाया का युद्ध (Russo-Turkish War, 1877-78) पूर्वी प्रश्न के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण घटना थी। इस युद्ध के मुख्य कारणों में बाल्कन क्षेत्रों में राष्ट्रीयता की भावना, ओटोमन साम्राज्य की कमजोर स्थिति, रूस की विस्तारवादी नीति, और यूरोपीय शक्तियों
SLM - History of Modern World (1453-1950 AD) (Hindi) के सभी 20 अध्याय
History of Modern World (1453-1950 AD) · Vardhman Mahaveer Open University
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