Chapter 9
Chapter 9 — अध्ययन नोट्स
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परिचय: राष्ट्रवाद का उदय
व्याख्यापरिचय: राष्ट्रवाद का उदय
इस खंड में राष्ट्रवाद के उदय की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का विस्तार से वर्णन किया गया है। 18वीं और 19वीं सदी के यूरोप में राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक परिवर्तनों ने राष्ट्रवाद की भावना को जन्म दिया। फ्रांसीसी क्रांति (1789) ने 'स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व' के आदर्शों को स्थापित किया, जिससे यूरोप के अन्य देशों में भी राष्ट्रीय एकता और स्वतंत्रता की मांग उठी। औद्योगिक क्रांति के कारण आर्थिक संरचना में बदलाव आया, जिससे मध्यम वर्ग का उदय हुआ और उन्होंने राष्ट्रवाद के विचार को आगे बढ़ाया। इस खंड में यह भी बताया गया है कि किस प्रकार सामंती व्यवस्था, राजशाही और धार्मिक बंधनों के विरुद्ध जनता ने संगठित होकर राष्ट्रीय चेतना का विकास किया।
- फ्रांसीसी क्रांति ने राष्ट्रवाद की भावना को जन्म दिया।
- औद्योगिक क्रांति ने आर्थिक बदलाव लाकर नए वर्गों को जन्म दिया।
- मध्यम वर्ग ने राष्ट्रवाद के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- सामंती व्यवस्था और राजशाही के विरुद्ध जनता में असंतोष बढ़ा।
- राष्ट्रीय एकता और स्वतंत्रता की मांग ने राजनीतिक आंदोलनों को जन्म दिया।
- 📌 राष्ट्रवाद: वह भावना जिसमें लोग एक भाषा, संस्कृति, इतिहास और भू-भाग के आधार पर एक राष्ट्र के रूप में संगठित होते हैं।
- 📌 मध्यम वर्ग: समाज का वह वर्ग जो न तो अत्यंत धनी है और न ही गरीब, जैसे व्यापारी, शिक्षक, वकील आदि।
फ्रांसीसी क्रांति और राष्ट्रवाद
व्याख्याफ्रांसीसी क्रांति और राष्ट्रवाद
फ्रांसीसी क्रांति (1789) ने यूरोप में राष्ट्रवाद के प्रसार में निर्णायक भूमिका निभाई। क्रांति के दौरान नागरिकों ने राजशाही, सामंतवाद और धार्मिक बंधनों के विरुद्ध आवाज उठाई। क्रांतिकारियों ने 'राष्ट्र' की संकल्पना को स्थापित किया, जिसमें नागरिकों को समान अधिकार, स्वतंत्रता और बंधुत्व की भावना से जोड़ा गया। संविधान निर्माण, नागरिक अधिकारों की घोषणा और राष्ट्रीय प्रतीकों (झंडा, राष्ट्रगान) का निर्माण इसी काल में हुआ। फ्रांसीसी सेना ने इन विचारों को यूरोप के अन्य देशों में फैलाया, जिससे वहां भी स्वतंत्रता और एकता के लिए आंदोलन प्रारंभ हुए।
- फ्रांसीसी क्रांति ने नागरिक अधिकारों और समानता को बढ़ावा दिया।
- राष्ट्रीय प्रतीकों का निर्माण हुआ, जैसे तिरंगा झंडा और राष्ट्रगान।
- क्रांति के विचार यूरोप के अन्य देशों में भी फैले।
- राजशाही और सामंतवाद का विरोध हुआ।
- नागरिकों को राष्ट्र के प्रति कर्तव्य का बोध कराया गया।
- 📌 क्रांति: समाज में तीव्र और व्यापक परिवर्तन लाने वाली घटना।
- 📌 नागरिक अधिकार: वे अधिकार जो प्रत्येक नागरिक को राज्य द्वारा प्रदान किए जाते हैं।
यूरोप में राष्ट्रवाद का प्रसार
व्याख्यायूरोप में राष्ट्रवाद का प्रसार
फ्रांसीसी क्रांति के बाद राष्ट्रवाद की भावना यूरोप के अन्य देशों में भी फैल गई। नेपोलियन बोनापार्ट ने यूरोप के विभिन्न क्षेत्रों में प्रशासनिक सुधार लागू किए, जिससे एकरूपता और राष्ट्रीय एकता की भावना को बल मिला। नेपोलियन के पतन के बाद वियना कांग्रेस
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History of Modern World (1453-1950 AD) · Vardhman Mahaveer Open University
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