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Chapter 13

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - History of Modern World (1453-1950 AD) (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट
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Chapter 13अध्ययन नोट्स

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परिचय: रूस की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि

व्याख्या

परिचय: रूस की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि

1917 की रूसी क्रांति को समझने के लिए रूस की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि का अध्ययन अत्यंत आवश्यक है। 19वीं शताब्दी के अंत तक रूस एक विशाल साम्राज्य था, जिसकी सत्ता ज़ार (राजा) के हाथों में केंद्रित थी। यहाँ की सामाजिक संरचना अत्यंत असमान थी—एक ओर कुलीन वर्ग (अभिजात्य) था, जो भूमि का स्वामी था, वहीं दूसरी ओर किसान और मजदूर वर्ग थे, जिनकी स्थिति अत्यंत दयनीय थी। औद्योगीकरण की प्रक्रिया बहुत धीमी थी, जिससे शहरी मजदूरों की संख्या कम थी, लेकिन उनकी स्थिति खराब थी। रूस में निरंकुश शासन था, जहाँ ज़ार निकोलस द्वितीय के पास अपार शक्तियाँ थीं। संसद (ड्यूमा) की स्थापना 1905 की क्रांति के बाद हुई, लेकिन उसकी शक्तियाँ सीमित थीं। किसानों की स्थिति अत्यंत दयनीय थी—वे भारी करों और कर्ज के बोझ तले दबे रहते थे। औद्योगिक मजदूरों को लंबे समय तक काम करना पड़ता था और उनकी मजदूरी बहुत कम थी। शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएँ सीमित थीं। समाज में धार्मिक और जातीय विविधता थी, जिससे कई बार असंतोष उत्पन्न होता था।

  • रूस में ज़ार निकोलस द्वितीय का निरंकुश शासन था।
  • कुलीन वर्ग के पास अधिकांश भूमि थी, जबकि किसान और मजदूर शोषित थे।
  • औद्योगीकरण की गति धीमी थी, जिससे मजदूर वर्ग की समस्याएँ बढ़ीं।
  • 1905 की क्रांति के बाद ड्यूमा की स्थापना हुई, परंतु उसकी शक्तियाँ सीमित थीं।
  • रूस की सामाजिक संरचना अत्यंत असमान थी।
  • धार्मिक और जातीय विविधता के कारण असंतोष व्याप्त था।
  • 📌 ज़ार: रूस का सम्राट या राजा।
  • 📌 ड्यूमा: रूस की संसद, जिसकी स्थापना 1905 में हुई।
  • 📌 कुलीन वर्ग: समाज का वह वर्ग जिसके पास अधिकांश भूमि और संपत्ति थी।

रूस में असंतोष के प्रमुख कारण

अवधारणा

रूस में असंतोष के प्रमुख कारण

रूस में असंतोष के कई प्रमुख कारण थे, जिन्होंने 1917 की क्रांति की नींव रखी। सामाजिक असमानता, आर्थिक संकट, राजनीतिक दमन, और युद्ध की विभीषिकाएँ मुख्य कारण थे। किसानों और मजदूरों की स्थिति अत्यंत खराब थी। ज़ार का निरंकुश शासन, ड्यूमा की शक्तियों की सीमितता, और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अभाव लोगों में असंतोष को बढ़ाता गया। प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) ने रूस की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को और भी खराब कर दिया। युद्ध के कारण खाद्य संकट, महँगाई, और बेरोजगारी बढ़ गई। सैनिकों को पर्याप्त भोजन और हथियार नहीं मिलते थे, जिससे उनमें भी असंतोष फैल गया। इन सभी कारणों ने रूस में क्रांति के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया।

  • सामाजिक असमानता और आर्थिक संकट असंतोष के मुख्य कारण थे।
  • ज़ार का निरंकुश शासन और ड्यूमा की सीमित शक्तियाँ।
  • अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अभाव।
  • प्रथम विश्व युद्ध ने समस्याएँ बढ़ा दीं।
  • खाद्य संकट, महँगाई और बेरोजगारी में वृद्धि।
  • सैनिकों और आम जनता में असंतोष।
  • 📌 असंतोष: किसी व्यवस्था या स्थिति से असंतुष्टि की भावना।
  • 📌 महँगाई: वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में वृद्धि।

1905 की रूसी क्रांति और उसके प्रभाव

व्याख्या

1905 की रूसी क्रांति और उसके प्रभाव

1905 की रूसी क्रांति रूस के इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना थी, जिसने ज़ार के निरंकुश शासन को चुनौती दी। इस क्रांति की शुरुआत 'रक्तरंजित रविवार' (Bloody Sunday) से हुई, जब शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर सैनिकों ने गोलियाँ चला दीं। इसके बाद पूरे देश में