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Chapter 15

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - History of Modern World (1453-1950 AD) (Hindi)📖 8 नोट्स⏱️ ~12 मिनट
Chapter 14अध्याय 15 / 20Chapter 16

Chapter 15अध्ययन नोट्स

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परिचय : राष्ट्रीय संघ का उद्भव

व्याख्या

परिचय : राष्ट्रीय संघ का उद्भव

इस अनुभाग में राष्ट्रीय संघ (League of Nations) की स्थापना की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का विस्तार से वर्णन किया गया है। प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) के विनाशकारी प्रभावों ने विश्व को शांति, सुरक्षा और सहयोग की आवश्यकता का अनुभव कराया। युद्ध के बाद, विश्व के नेताओं ने यह महसूस किया कि भविष्य में ऐसे युद्धों को रोकने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय संगठन की आवश्यकता है। इसी आवश्यकता के परिणामस्वरूप 1919 में वर्साय की संधि के अंतर्गत 'राष्ट्रीय संघ' की स्थापना की गई। इसका मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय विवादों का शांतिपूर्ण समाधान, सामूहिक सुरक्षा की व्यवस्था, और विश्व शांति की स्थापना था। अमेरिकी राष्ट्रपति वुडरो विल्सन ने 'चौदह सूत्र' (Fourteen Points) प्रस्तुत किए, जिनमें से एक महत्वपूर्ण बिंदु राष्ट्रीय संघ की स्थापना था। यद्यपि संयुक्त राज्य अमेरिका स्वयं इसका सदस्य नहीं बना, फिर भी संघ की स्थापना में उसकी भूमिका महत्वपूर्ण रही।

  • प्रथम विश्व युद्ध के बाद विश्व शांति हेतु अंतरराष्ट्रीय संगठन की आवश्यकता महसूस की गई।
  • 1919 में वर्साय की संधि के अंतर्गत राष्ट्रीय संघ की स्थापना हुई।
  • राष्ट्रीय संघ का मुख्य उद्देश्य विश्व शांति, सुरक्षा और सहयोग था।
  • अमेरिकी राष्ट्रपति वुडरो विल्सन ने संघ की स्थापना का विचार प्रस्तुत किया।
  • संयुक्त राज्य अमेरिका स्वयं संघ का सदस्य नहीं बना।
  • राष्ट्रीय संघ ने भविष्य में संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) के लिए आधार तैयार किया।
  • 📌 राष्ट्रीय संघ: 1919 में स्थापित एक अंतरराष्ट्रीय संगठन, जिसका उद्देश्य विश्व शांति और सुरक्षा की स्थापना था।
  • 📌 वर्साय की संधि: प्रथम विश्व युद्ध के बाद 1919 में जर्मनी और मित्र राष्ट्रों के बीच हुई संधि।

राष्ट्रीय संघ की संरचना

व्याख्या

राष्ट्रीय संघ की संरचना

इस अनुभाग में राष्ट्रीय संघ की संगठनात्मक संरचना का विस्तार से वर्णन किया गया है। संघ के चार प्रमुख अंग थे: महासभा, परिषद, स्थायी सचिवालय, और विभिन्न आयोग व समितियाँ। महासभा संघ का सर्वोच्च निकाय थी, जिसमें सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधि शामिल होते थे। महासभा की वार्षिक बैठक होती थी, जिसमें प्रमुख नीतिगत निर्णय लिए जाते थे। परिषद संघ का कार्यकारी अंग थी, जिसमें स्थायी और अस्थायी सदस्य होते थे। परिषद की बैठकें वर्ष में कम-से-कम तीन बार होती थीं। स्थायी सचिवालय संघ के प्रशासनिक कार्यों का संचालन करता था, जिसका प्रमुख महासचिव होता था। इसके अतिरिक्त, मन्द mandates आयोग, अल्पसंख्यक आयोग, और अंतरराष्ट्रीय न्यायालय जैसे अन्य निकाय भी संघ के अंतर्गत कार्यरत थे।

  • राष्ट्रीय संघ के चार मुख्य अंग थे: महासभा, परिषद, सचिवालय, और आयोग।
  • महासभा में सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधि होते थे।
  • परिषद में स्थायी व अस्थायी सदस्य होते थे, जो विवादों का समाधान करते थे।
  • सचिवालय का प्रमुख महासचिव होता था, जो प्रशासनिक कार्य देखता था।
  • अंतरराष्ट्रीय न्यायालय संघ का न्यायिक अंग था।
  • विशेष आयोगों के माध्यम से विभिन्न अंतरराष्ट्रीय समस्याओं का समाधान किया जाता था।
  • 📌 महासभा: राष्ट्रीय संघ का सर्वोच्च निर्णयकारी निकाय।
  • 📌 परिषद: संघ का कार्यकारी अंग, जिसमें स्थायी व अस्थायी सदस्य होते थे।
  • 📌 सचिवालय: संघ का प्रशासनिक विभाग, जिसका प्रमुख महासचिव होता था।

राष्ट्रीय संघ के उद्देश्य

अवधारणा

राष्ट्रीय संघ के उद्देश्य

राष्ट्रीय संघ की स्थापना के मूल उद्देश्य विश्व शांति की स्थापना, अंतरराष्ट्रीय विवादों का शांतिपूर्ण समाधान, सामूहिक सुरक्षा की व्यवस्था, तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना थे। संघ ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि सदस्य देश आपसी विवादों को