Chapter 7
Chapter 7 — अध्ययन नोट्स
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7.1 रासायनिक साम्य की अवधारणा
अवधारणा7.1 रासायनिक साम्य की अवधारणा
रासायनिक साम्य (Chemical Equilibrium) वह अवस्था है जिसमें किसी रासायनिक अभिक्रिया में अभिकारकों और उत्पादों की सांद्रता समय के साथ अपरिवर्तित रहती है, जब तक कि बाहरी दशाओं में कोई परिवर्तन न किया जाए। यह अवस्था गतिशील होती है, अर्थात् अभिकारकों से उत्पाद बनने और उत्पादों से अभिकारक बनने की दर समान होती है। रासायनिक साम्य का महत्व इसलिए है क्योंकि अधिकांश रासायनिक अभिक्रियाएँ पूर्ण रूप से एक दिशा में नहीं जातीं, बल्कि एक निश्चित बिंदु पर पहुँचकर आगे नहीं बढ़तीं। इस अवस्था को ही साम्य कहते हैं। इस खंड में रासायनिक साम्य की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, इसकी खोज, और इसकी मूल अवधारणा को विस्तार से समझाया गया है।
- रासायनिक साम्य गतिशील अवस्था है, जहाँ आगे और पीछे की अभिक्रिया की दर समान होती है।
- साम्य की स्थिति में अभिकारकों और उत्पादों की सांद्रता स्थिर रहती है।
- साम्य प्राप्ति के लिए अभिक्रिया को बंद प्रणाली में होना चाहिए।
- साम्य की अवधारणा का विकास हेनरी लूईस ले शातेलियर और अन्य वैज्ञानिकों ने किया।
- साम्य की अवस्था में अभिक्रिया दोनों दिशाओं में चलती रहती है।
- रासायनिक उद्योगों में साम्य की अवधारणा का विशेष महत्व है।
- 📌 रासायनिक साम्य: वह अवस्था जिसमें अभिकारकों और उत्पादों की सांद्रता स्थिर रहती है।
- 📌 गतिशील साम्य: साम्य की वह अवस्था जिसमें अभिक्रिया दोनों दिशाओं में समान दर से चलती है।
7.2 साम्य की अवस्थाएँ
व्याख्या7.2 साम्य की अवस्थाएँ
रासायनिक साम्य दो प्रकार के होते हैं: समांगी (Homogeneous) और विषमांगी (Heterogeneous)। समांगी साम्य में सभी अभिकारक और उत्पाद एक ही अवस्था (ठोस, द्रव या गैस) में होते हैं, जबकि विषमांगी साम्य में अभिकारक और उत्पाद विभिन्न अवस्थाओं में होते हैं। समांगी साम्य का उदाहरण गैसीय अभिक्रियाएँ हैं, जैसे H₂ (गैस) + I₂ (गैस) ⇌ 2HI (गैस)। विषमांगी साम्य का उदाहरण CaCO₃ (ठोस) ⇌ CaO (ठोस) + CO₂ (गैस) है। साम्य की अवस्थाएँ अभिक्रिया की प्रकृति, अभिकारकों की अवस्था, ताप, दाब आदि पर निर्भर करती हैं।
- साम्य की अवस्थाएँ अभिक्रिया में उपस्थित पदार्थों की भौतिक अवस्था पर निर्भर करती हैं।
- समांगी साम्य में सभी पदार्थ एक ही अवस्था में होते हैं।
- विषमांगी साम्य में पदार्थ विभिन्न अवस्थाओं में होते हैं।
- साम्य की अवस्थाएँ साम्य स्थिरांक की गणना को प्रभावित करती हैं।
- विषमांगी साम्य में ठोस और द्रव की सांद्रता को 1 माना जाता है।
- 📌 समांगी साम्य: सभी अभिकारक और उत्पाद एक ही अवस्था में।
- 📌 विषमांगी साम्य: अभिकारक और उत्पाद विभिन्न अवस्थाओं में।
7.3 साम्य स्थिरांक (Equilibrium Constant)
सूत्र7.3 साम्य स्थिरांक (Equilibrium Constant)
साम्य स्थिरांक (Equilibrium Constant) वह अनुपात है, जिसमें साम्य की स्थिति में उत्पादों की सांद्रता की घातें अभिकारकों की सांद्रता की घातों से विभाजित की जाती हैं। इसे Kc (सांद्रता के लिए) और Kp (दाब के लिए) से दर्शाया जाता है। साम्य स्थिरांक केवल ता
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Physical Chemistry · Vardhman Mahaveer Open University