Ch 4निःशुल्क

Chapter 4

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Physical Chemistry (Hindi)📖 9 नोट्स⏱️ ~14 मिनट
Chapter 2अध्याय 5 / 15Chapter 4

Chapter 4अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

ऊष्मागतिक सार: परिचय

व्याख्या

ऊष्मागतिक सार: परिचय

ऊष्मागतिकी (Thermodynamics) रसायन विज्ञान की वह शाखा है जिसमें ऊर्जा के रूपांतरण, विशेष रूप से ऊष्मा और कार्य के बीच संबंधों का अध्ययन किया जाता है। ऊष्मागतिकी के सिद्धांतों का उपयोग रासायनिक अभिक्रियाओं, भौतिक परिवर्तन, और ऊर्जा के संरक्षण के लिए किया जाता है। इस अध्याय में हम ऊष्मागतिकी के मूल सिद्धांतों, उसके नियमों, और उनके रासायनिक प्रक्रियाओं में अनुप्रयोगों को समझेंगे। ऊष्मागतिकी का सार यह है कि यह हमें बताता है कि ऊर्जा कैसे एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित होती है, और किस प्रकार यह परिवर्तन रासायनिक अभिक्रियाओं को प्रभावित करता है। ऊष्मागतिकी के अध्ययन से हम यह जान सकते हैं कि कोई अभिक्रिया स्वतः होगी या नहीं, तथा उसमें कितना ऊष्मा या कार्य उत्पन्न होगा।

  • ऊष्मागतिकी ऊर्जा के रूपांतरण का अध्ययन करती है।
  • ऊष्मा और कार्य के बीच संबंधों को समझना इसका मुख्य उद्देश्य है।
  • रासायनिक अभिक्रियाओं में ऊर्जा परिवर्तन का विश्लेषण किया जाता है।
  • ऊष्मागतिकी के नियम ऊर्जा के संरक्षण और वितरण को समझाते हैं।
  • यह हमें अभिक्रियाओं की दिशा और संभावना बताता है।
  • ऊष्मागतिकी के सिद्धांत रसायन, भौतिकी, और जीव विज्ञान में लागू होते हैं।
  • 📌 ऊष्मागतिकी: ऊर्जा के रूपांतरण का अध्ययन।
  • 📌 ऊष्मा: ऊर्जा का वह रूप जो तापमान के अंतर के कारण स्थानांतरित होता है।
  • 📌 कार्य: ऊर्जा का वह रूप जो बाहरी बल द्वारा किया जाता है।

ऊष्मागतिक प्रणाली एवं आस-पास

अवधारणा

ऊष्मागतिक प्रणाली एवं आस-पास

ऊष्मागतिकी में 'प्रणाली' (System) उस भाग को कहते हैं जिसका अध्ययन किया जा रहा है, जबकि 'आस-पास' (Surroundings) वह सब कुछ है जो प्रणाली के बाहर है। प्रणाली और आस-पास के बीच ऊर्जा और पदार्थ का आदान-प्रदान हो सकता है। प्रणाली तीन प्रकार की होती है: खुली प्रणाली (Open System), बंद प्रणाली (Closed System), और पृथक प्रणाली (Isolated System)। खुली प्रणाली में ऊर्जा और पदार्थ दोनों का आदान-प्रदान होता है, बंद प्रणाली में केवल ऊर्जा का, और पृथक प्रणाली में न ऊर्जा न पदार्थ का आदान-प्रदान होता है।

  • प्रणाली वह भाग है जिसका अध्ययन किया जाता है।
  • आस-पास प्रणाली के बाहर का भाग है।
  • ऊष्मागतिकी में तीन प्रकार की प्रणाली होती है।
  • खुली प्रणाली में ऊर्जा और पदार्थ दोनों का आदान-प्रदान होता है।
  • बंद प्रणाली में केवल ऊर्जा का आदान-प्रदान होता है।
  • पृथक प्रणाली में न ऊर्जा न पदार्थ का आदान-प्रदान होता है।
  • 📌 प्रणाली: अध्ययन का भाग।
  • 📌 आस-पास: प्रणाली के बाहर का भाग।
  • 📌 खुली प्रणाली: ऊर्जा और पदार्थ दोनों का आदान-प्रदान।

ऊष्मागतिकी की अवस्थाएँ एवं अवस्थागत फलन

परिभाषा

ऊष्मागतिकी की अवस्थाएँ एवं अवस्थागत फलन

ऊष्मागतिकी में 'अवस्था' (State) प्रणाली की उस स्थिति को कहते हैं जिसमें उसकी सभी गुणात्मक विशेषताएँ जैसे तापमान, दाब, आयतन, आदि निश्चित होती हैं। 'अवस्थागत फलन' (State Function) वे गुण हैं जो केवल प्रणाली की वर्तमान अवस्था पर निर्भर करते हैं, न कि उस