Ch 11निःशुल्क

Chapter 11

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Physical Chemistry (Hindi)📖 12 नोट्स⏱️ ~18 मिनट
Chapter 7अध्याय 11 / 15Chapter 12

Chapter 11अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 12 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

11.1 परिचय

व्याख्या

11.1 परिचय

इस अनुभाग में वैद्युत रसायन का परिचय दिया गया है। वैद्युत रसायन रसायन विज्ञान की वह शाखा है जिसमें रासायनिक अभिक्रियाओं और विद्युत ऊर्जा के बीच संबंध का अध्ययन किया जाता है। इसमें यह समझाया गया है कि किस प्रकार रासायनिक अभिक्रियाएँ विद्युत ऊर्जा उत्पन्न कर सकती हैं (जैसे वोल्टाइक सेल में) तथा विद्युत ऊर्जा का उपयोग रासायनिक अभिक्रियाएँ कराने में किया जा सकता है (जैसे इलेक्ट्रोलिसिस में)। वैद्युत रसायन का महत्व उद्योग, चिकित्सा, ऊर्जा उत्पादन, धातु शुद्धिकरण, इलेक्ट्रोप्लेटिंग आदि में है। इस खंड में यह भी बताया गया है कि रेडॉक्स अभिक्रियाएँ (ऑक्सीकरण-अपचयन) वैद्युत रसायन के मूल में होती हैं। उदाहरण के लिए, डैनियल सेल में जिंक और तांबा की क्रियाओं से विद्युत धारा उत्पन्न होती है।

  • वैद्युत रसायन विद्युत ऊर्जा और रासायनिक अभिक्रियाओं के संबंध का अध्ययन करता है।
  • रेडॉक्स अभिक्रियाएँ वैद्युत रसायन का आधार हैं।
  • विद्युत रासायनिक सेल और इलेक्ट्रोलिटिक सेल दो प्रमुख प्रकार हैं।
  • वैद्युत रसायन का उपयोग बैटरियों, इलेक्ट्रोप्लेटिंग, धातु शुद्धिकरण आदि में होता है।
  • विद्युत ऊर्जा का रासायनिक ऊर्जा में तथा रासायनिक ऊर्जा का विद्युत ऊर्जा में रूपांतरण संभव है।
  • 📌 वैद्युत रसायन: विद्युत ऊर्जा और रासायनिक अभिक्रियाओं के बीच संबंध का अध्ययन।
  • 📌 रेडॉक्स अभिक्रिया: ऑक्सीकरण और अपचयन की संयुक्त अभिक्रिया।

11.2 विद्युत रासायनिक सेल

अवधारणा

11.2 विद्युत रासायनिक सेल

इस अनुभाग में विद्युत रासायनिक सेल की संरचना, कार्यविधि और प्रकारों का वर्णन है। विद्युत रासायनिक सेल वह युक्ति है जिसमें रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदला जाता है। इसमें दो अर्ध-कोशिकाएँ (हाफ-सेल) होती हैं, जिनमें से प्रत्येक में एक इलेक्ट्रोड और उसका आयन विलयन होता है। दोनों अर्ध-कोशिकाएँ नमक सेतु (सॉल्ट ब्रिज) द्वारा जुड़ी होती हैं, जो आयनों के प्रवाह को संतुलित करता है। सेल में ऑक्सीकरण और अपचयन की क्रियाएँ अलग-अलग इलेक्ट्रोड पर होती हैं। उदाहरण के लिए, डैनियल सेल में जिंक इलेक्ट्रोड पर ऑक्सीकरण और तांबा इलेक्ट्रोड पर अपचयन होता है।

  • विद्युत रासायनिक सेल रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलता है।
  • सेल में दो अर्ध-कोशिकाएँ होती हैं।
  • नमक सेतु आयनों के प्रवाह को संतुलित करता है।
  • ऑक्सीकरण और अपचयन अलग-अलग इलेक्ट्रोड पर होते हैं।
  • डैनियल सेल विद्युत रासायनिक सेल का उदाहरण है।
  • 📌 विद्युत रासायनिक सेल: वह युक्ति जिसमें रासायनिक ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा उत्पन्न होती है।
  • 📌 नमक सेतु: आयनों के प्रवाह को संतुलित करने वाला माध्यम।

11.3 गैल्वैनिक (वोल्टाइक) सेल

व्याख्या

11.3 गैल्वैनिक (वोल्टाइक) सेल

गैल्वैनिक या वोल्टाइक सेल वह युक्ति है जिसमें स्वतःस्फूर्त रासायनिक अभिक्रिया द्वारा विद्युत धारा उत्पन्न होती है। इसमें दो अलग-अलग इलेक्ट्रोड होते हैं, एक पर ऑक्सीकरण (एनोड) और दूसरे पर अपचयन (कैथोड) होता है। इलेक्ट्रॉनों का प्रवाह एनोड से कैथोड की