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Chapter 1

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Physical Chemistry (Hindi)📖 9 नोट्स⏱️ ~14 मिनट
अध्याय 1 / 15Chapter 1

Chapter 1अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

1.1 ऊष्मागतिकी का परिचय

व्याख्या

1.1 ऊष्मागतिकी का परिचय

ऊष्मागतिकी भौतिक रसायन का वह महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जिसमें ऊष्मा (heat) और कार्य (work) के बीच संबंधों का अध्ययन किया जाता है। यह विज्ञान ऊर्जा के रूपांतरण और उसके प्रवाह के नियमों को समझाता है। ऊष्मागतिकी के नियमों के माध्यम से हम यह जान सकते हैं कि किसी रासायनिक या भौतिक प्रक्रिया में ऊर्जा का संरक्षण, स्थानांतरण और रूपांतरण किस प्रकार होता है। ऊष्मागतिकी का प्रयोग न केवल रासायनिक अभिक्रियाओं में, बल्कि भौतिक प्रक्रियाओं जैसे इंजन, रेफ्रिजरेटर, बॉयलर आदि में भी होता है। इस अध्याय में हम ऊष्मागतिकी के मूलभूत सिद्धांतों, परिभाषाओं, नियमों और उनके अनुप्रयोगों का अध्ययन करेंगे।

  • ऊष्मागतिकी ऊर्जा के रूपांतरण और प्रवाह का विज्ञान है।
  • यह ऊष्मा और कार्य के बीच संबंधों का अध्ययन करता है।
  • ऊष्मागतिकी के नियम रासायनिक और भौतिक प्रक्रियाओं में ऊर्जा के व्यवहार को समझाते हैं।
  • ऊष्मागतिकी का प्रयोग इंजन, बॉयलर, रेफ्रिजरेटर आदि में किया जाता है।
  • ऊष्मागतिकी के नियम सार्वत्रिक हैं और सभी प्रकार की प्रक्रियाओं पर लागू होते हैं।
  • 📌 ऊष्मागतिकी: ऊर्जा के रूपांतरण और प्रवाह का विज्ञान।
  • 📌 ऊष्मा (Q): ताप के कारण ऊर्जा का स्थानांतरण।
  • 📌 कार्य (W): बल द्वारा वस्तु के विस्थापन के कारण ऊर्जा का स्थानांतरण।

1.2 ऊष्मागतिकी की मूलभूत संकल्पनाएँ

अवधारणा

1.2 ऊष्मागतिकी की मूलभूत संकल्पनाएँ

ऊष्मागतिकी की मूलभूत संकल्पनाओं में तंत्र (system), परिवेश (surroundings), सीमा (boundary), तथा विभिन्न प्रकार के तंत्र (खुला, बंद, तथा निषिद्ध) शामिल हैं। तंत्र वह भाग है, जिस पर हम अध्ययन करते हैं, जबकि तंत्र के बाहर का भाग परिवेश कहलाता है। तंत्र और परिवेश के बीच की काल्पनिक रेखा को सीमा कहते हैं। तंत्र के प्रकार - (1) खुला तंत्र: जिसमें द्रव्य और ऊर्जा दोनों का आदान-प्रदान संभव है, (2) बंद तंत्र: जिसमें केवल ऊर्जा का आदान-प्रदान होता है, द्रव्य का नहीं, (3) निषिद्ध तंत्र: जिसमें न तो द्रव्य और न ही ऊर्जा का आदान-प्रदान होता है। इन संकल्पनाओं के माध्यम से हम ऊष्मागतिकी के नियमों को तंत्र पर लागू कर सकते हैं।

  • तंत्र अध्ययन का वह भाग है, जिस पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।
  • परिवेश तंत्र के बाहर का भाग है।
  • सीमा तंत्र और परिवेश के बीच की काल्पनिक रेखा है।
  • खुला तंत्र द्रव्य और ऊर्जा दोनों का आदान-प्रदान करता है।
  • बंद तंत्र केवल ऊर्जा का आदान-प्रदान करता है।
  • निषिद्ध तंत्र न द्रव्य, न ऊर्जा का आदान-प्रदान करता है।
  • 📌 तंत्र (System): अध्ययन का चुना गया भाग।
  • 📌 परिवेश (Surroundings): तंत्र के बाहर का भाग।
  • 📌 सीमा (Boundary): तंत्र और परिवेश के बीच की काल्पनिक रेखा।

1.3 ऊष्मागतिकी की अवस्थाएँ और अवस्थागत फलन

परिभाषा

1.3 ऊष्मागतिकी की अवस्थाएँ और अवस्थागत फलन

ऊष्मागतिकी में तंत्र की स्थिति को उसकी अवस्था (state) कहते हैं। तंत्र की अवस्था को मापने योग्य गुणों जैसे ताप (T), दाब (P), आयतन (V), संघटन (composition) आदि द्वारा व्यक्त किया जाता है। अवस्थागत फलन (state function) वे गुण हैं, जिनका मान केवल तंत्र क