Chapter 14
Chapter 14 — अध्ययन नोट्स
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14.1 परिचय
व्याख्या14.1 परिचय
इस अनुभाग में वैद्युत रसायन के मूलभूत सिद्धांतों का परिचय दिया गया है। वैद्युत रसायन वह शाखा है जो रासायनिक अभिक्रियाओं और विद्युत ऊर्जा के बीच संबंध का अध्ययन करती है। इसमें मुख्य रूप से दो प्रकार की प्रक्रियाएँ आती हैं: (1) वे रासायनिक अभिक्रियाएँ जो विद्युत ऊर्जा उत्पन्न करती हैं (जैसे गैल्वैनिक सेल), और (2) वे अभिक्रियाएँ जिनमें विद्युत ऊर्जा का प्रयोग रासायनिक परिवर्तन के लिए किया जाता है (जैसे विद्युत अपघटन)। वैद्युत रसायन का उपयोग बैटरियों, विद्युत अपघटन, धातुओं के शोधन, और कई औद्योगिक प्रक्रियाओं में होता है। इस अध्याय में हम गैल्वैनिक सेल, विद्युत अपघटन, इलेक्ट्रोड संभाव, सेल संभाव, तथा इनसे संबंधित गणनाओं का अध्ययन करेंगे।
- वैद्युत रसायन रासायनिक अभिक्रियाओं और विद्युत ऊर्जा के संबंध का अध्ययन करती है।
- गैल्वैनिक सेल विद्युत ऊर्जा उत्पन्न करती हैं।
- विद्युत अपघटन में विद्युत ऊर्जा का प्रयोग रासायनिक परिवर्तन के लिए होता है।
- वैद्युत रसायन का उपयोग बैटरियों, धातुओं के शोधन, और औद्योगिक प्रक्रियाओं में होता है।
- इस अध्याय में गैल्वैनिक सेल, विद्युत अपघटन, इलेक्ट्रोड संभाव, और सेल संभाव का अध्ययन किया जाएगा।
- 📌 वैद्युत रसायन: रासायनिक अभिक्रियाओं और विद्युत ऊर्जा के संबंध का अध्ययन।
- 📌 गैल्वैनिक सेल: विद्युत ऊर्जा उत्पन्न करने वाला रासायनिक सेल।
14.2 गैल्वैनिक सेल
अवधारणा14.2 गैल्वैनिक सेल
गैल्वैनिक सेल वह यंत्र है जिसमें रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है। इसमें दो इलेक्ट्रोड होते हैं, जिनमें से एक ऑक्सीडेशन (धातु का इलेक्ट्रॉन खोना) और दूसरा रिडक्शन (धातु का इलेक्ट्रॉन प्राप्त करना) का कार्य करता है। डैनियल सेल इसका प्रमुख उदाहरण है, जिसमें जिंक और तांबा इलेक्ट्रोड होते हैं। जिंक इलेक्ट्रोड पर ऑक्सीडेशन होता है: Zn → Zn²⁺ + 2e⁻, और तांबा इलेक्ट्रोड पर रिडक्शन: Cu²⁺ + 2e⁻ → Cu। दोनों इलेक्ट्रोड को सॉल्ट ब्रिज द्वारा जोड़ा जाता है, जो आयनों का प्रवाह बनाए रखता है और विद्युत तटस्थता को बनाए रखता है।
- गैल्वैनिक सेल में रासायनिक ऊर्जा विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित होती है।
- दो इलेक्ट्रोड: एक ऑक्सीडेशन, दूसरा रिडक्शन के लिए।
- डैनियल सेल: Zn और Cu इलेक्ट्रोड का उदाहरण।
- सॉल्ट ब्रिज आयनों का प्रवाह और तटस्थता बनाए रखता है।
- ऑक्सीडेशन और रिडक्शन की प्रक्रिया अलग-अलग इलेक्ट्रोड पर होती है।
- 📌 ऑक्सीडेशन: इलेक्ट्रॉन खोने की प्रक्रिया।
- 📌 रिडक्शन: इलेक्ट्रॉन प्राप्त करने की प्रक्रिया।
- 📌 सॉल्ट ब्रिज: आयनों के प्रवाह के लिए प्रयोग किया जाने वाला यंत्र।
14.3 इलेक्ट्रोड संभाव
परिभाषा14.3 इलेक्ट्रोड संभाव
इलेक्ट्रोड संभाव वह विद्युत विभव है जो किसी इलेक्ट्रोड और उसके संबंधित आयन के बीच उत्पन्न होता है। इसे मानक इलेक्ट्रोड संभाव (E°) भी कहा जाता है जब इलेक्ट्रोड को 1 M विलयन में रखा जाता है। इलेक्ट्रोड संभाव को मापने के लिए मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड (S
SLM - Physical Chemistry (Hindi) के सभी 15 अध्याय
Physical Chemistry · Vardhman Mahaveer Open University