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Chapter 12

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Physical Chemistry (Hindi)📖 11 नोट्स⏱️ ~17 मिनट
Chapter 11अध्याय 12 / 15Chapter 13

Chapter 12अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 11 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

12.1 परिचय

व्याख्या

12.1 परिचय

इस अनुभाग में वैद्युत रसायन (Electrochemistry) का परिचय दिया गया है। वैद्युत रसायन वह रसायन विज्ञान की शाखा है, जिसमें विद्युत ऊर्जा और रासायनिक ऊर्जा के बीच अंतःक्रिया का अध्ययन किया जाता है। इसमें दो मुख्य प्रक्रियाएँ सम्मिलित हैं: (1) रासायनिक अभिक्रियाओं द्वारा विद्युत धारा का उत्पादन (जैसे, गैल्वैनिक सेल), और (2) विद्युत धारा द्वारा रासायनिक परिवर्तन (जैसे, विद्युत अपघटन)। यह विषय न केवल सैद्धांतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि उद्योग, ऊर्जा भंडारण, धातु शोधन, बैटरियों, ईंधन कोशिकाओं आदि के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। इस अध्याय में हम विद्युत चालकता, इलेक्ट्रोड विभव, गैल्वैनिक सेल, इलेक्ट्रोलाइटिक सेल, नर्न्स्ट समीकरण, विद्युत अपघटन, तथा इनके अनुप्रयोगों का अध्ययन करेंगे।

  • वैद्युत रसायन विद्युत ऊर्जा और रासायनिक ऊर्जा के बीच संबंध का अध्ययन करता है।
  • दो मुख्य प्रकार की प्रक्रियाएँ: गैल्वैनिक सेल और इलेक्ट्रोलाइटिक सेल।
  • गैल्वैनिक सेल में रासायनिक ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा प्राप्त होती है।
  • इलेक्ट्रोलाइटिक सेल में विद्युत ऊर्जा द्वारा रासायनिक परिवर्तन होते हैं।
  • यह विषय बैटरियों, ईंधन कोशिकाओं, धातु शोधन आदि में महत्वपूर्ण है।
  • इस अध्याय में विद्युत चालकता, विभव, समीकरण आदि का अध्ययन किया जाएगा।
  • 📌 वैद्युत रसायन: विद्युत ऊर्जा और रासायनिक ऊर्जा के बीच संबंध का अध्ययन।
  • 📌 गैल्वैनिक सेल: वह सेल जिसमें रासायनिक ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा उत्पन्न होती है।
  • 📌 इलेक्ट्रोलाइटिक सेल: वह सेल जिसमें विद्युत ऊर्जा द्वारा रासायनिक परिवर्तन होते हैं।

12.2 विद्युत चालकता

अवधारणा

12.2 विद्युत चालकता

इस अनुभाग में विद्युत चालकता (Electrical Conductance) की संकल्पना को विस्तार से समझाया गया है। विद्युत चालकता किसी पदार्थ द्वारा विद्युत धारा के प्रवाह की क्षमता है। पदार्थों को उनकी चालकता के आधार पर चालक (Conductors), अर्धचालक (Semiconductors), और कुचालक (Insulators) में वर्गीकृत किया जाता है। धातुएँ अच्छे चालक होती हैं, जबकि अशुद्ध जल, काँच, प्लास्टिक आदि कुचालक होते हैं। इलेक्ट्रोलाइटिक विलयन में आयनों की उपस्थिति के कारण विद्युत धारा प्रवाहित होती है। चालकता को दो प्रकारों में विभाजित किया गया है: (1) विशिष्ट चालकता (Specific Conductance या Conductivity, κ), और (2) तुल्य चालकता (Equivalent Conductance, Λ_eq)। विशिष्ट चालकता वह चालकता है जो 1 सेमी³ आयतन के विलयन में पाई जाती है। तुल्य चालकता वह चालकता है जो 1 समतुल्य (Equivalent) इलेक्ट्रोलाइट को 1 लीटर विलयन में घोलने पर प्राप्त होती है।

  • विद्युत चालकता विद्युत धारा के प्रवाह की क्षमता है।
  • पदार्थों को चालक, अर्धचालक, और कुचालक में वर्गीकृत किया जाता है।
  • इलेक्ट्रोलाइटिक विलयन में आयनों के कारण चालकता होती है।
  • विशिष्ट चालकता (κ) 1 सेमी³ विलयन की चालकता है।
  • तुल्य चालकता (Λ_eq) 1 समतुल्य इलेक्ट्रोलाइट की 1 लीटर विलयन में चालकता है।
  • चालकता का मात्रक सीमेंस प्रति मीटर (S m⁻¹) है।
  • 📌 विशिष्ट चालकता (κ): 1 सेमी³ विलयन की चालकता।
  • 📌 तुल्य चालकता (Λ_eq): 1 समतुल्य इलेक्ट्रोलाइट की 1 लीटर विलयन में चालकता।
  • 📌 इलेक्ट्रोलाइट: वह पदार्थ जो जल में घुलकर आयन उत्पन्न करता है।

12.3 इलेक्ट्रोलाइटिक विलयनों की चालकता

व्याख्या

12.3 इलेक्ट्रोलाइटिक विलयनों की चालकता

इस अनुभाग में इलेक्ट्रोलाइटिक विलयनों की चालकता के प्रकारों का अध्ययन किया गया है। इलेक्ट्रोलाइटिक विलयनों में चालकता आयनों की उपस्थिति पर निर्भर करती है। जब इलेक्ट्रोलाइट जल में घुलता है, तो वह आयनों में विघटित हो जाता है, जो विद्युत धारा का वहन करत