Ch 9निःशुल्क

Chapter 9

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Mechanics (Hindi)📖 9 नोट्स⏱️ ~14 मिनट
Chapter 8अध्याय 10 / 14Chapter 11

Chapter 9अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

9.1 प्रस्तावना

व्याख्या

9.1 प्रस्तावना

इस अनुभाग में सापेक्षता के सिद्धांत की आवश्यकता और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का वर्णन किया गया है। न्यूटन के यांत्रिकी के नियमों के अनुसार, समय और स्थान सर्वत्र एक समान माने जाते थे। परंतु, 19वीं सदी के अंत में यह पाया गया कि विद्युतचुंबकीय तरंगों (जैसे प्रकाश) के वेग के साथ जुड़े कुछ प्रयोगों के परिणाम न्यूटन के नियमों से मेल नहीं खाते। विशेष रूप से, माइकेलसन-मॉर्ले प्रयोग ने यह दर्शाया कि प्रकाश का वेग सभी जड़त्वीय संदर्भ तंत्रों में समान रहता है, जो न्यूटन के सापेक्षता के सिद्धांत के विपरीत था। इस विरोधाभास को हल करने के लिए अल्बर्ट आइंस्टीन ने 1905 में विशेष सापेक्षता का सिद्धांत प्रस्तुत किया। इस सिद्धांत ने समय, स्थान और द्रव्यमान की अवधारणाओं को पुनर्परिभाषित किया।

  • न्यूटन के अनुसार समय और स्थान निरपेक्ष होते हैं।
  • माइकेलसन-मॉर्ले प्रयोग ने प्रकाश के वेग की अपरिवर्तनीयता को दर्शाया।
  • आइंस्टीन ने 1905 में विशेष सापेक्षता का सिद्धांत प्रस्तुत किया।
  • सापेक्षता के सिद्धांत ने भौतिकी की मूल अवधारणाओं को बदला।
  • विद्युतचुंबकीय तरंगों के वेग के साथ जुड़े प्रयोगों ने न्यूटन के नियमों को चुनौती दी।
  • 📌 सापेक्षता: किसी घटना या माप का संदर्भ तंत्र पर निर्भर होना।
  • 📌 जड़त्वीय संदर्भ तंत्र: वह तंत्र जिसमें न्यूटन के गति के नियम लागू होते हैं।

9.2 गैलिलियन सापेक्षता

अवधारणा

9.2 गैलिलियन सापेक्षता

गैलिलियन सापेक्षता का सिद्धांत न्यूटन के यांत्रिकी का आधार है। इसके अनुसार, सभी जड़त्वीय संदर्भ तंत्रों में भौतिक नियम एक समान होते हैं। यदि कोई वस्तु एक जड़त्वीय तंत्र में गति कर रही है, तो दूसरे जड़त्वीय तंत्र में उसकी गति का मापन गैलिलियन रूपांतरणों द्वारा किया जा सकता है। गैलिलियन रूपांतरण समय और स्थान को निरपेक्ष मानते हैं। अर्थात, समय सभी तंत्रों में समान रहता है और स्थान का परिवर्तन केवल तंत्र की सापेक्ष गति के अनुसार होता है।

  • गैलिलियन सापेक्षता के अनुसार समय निरपेक्ष होता है।
  • सभी जड़त्वीय तंत्रों में भौतिक नियम समान होते हैं।
  • गैलिलियन रूपांतरण समय और स्थान के लिए लागू होते हैं।
  • यह सिद्धांत निम्न वेगों के लिए उपयुक्त है।
  • प्रकाश के वेग के लिए यह सिद्धांत असफल रहता है।
  • 📌 गैलिलियन रूपांतरण: दो जड़त्वीय तंत्रों के बीच स्थान और समय का संबंध।
  • 📌 निरपेक्ष समय: सभी तंत्रों में समय का एक समान रहना।

9.3 गैलिलियन रूपांतरण और प्रकाश का वेग

व्याख्या

9.3 गैलिलियन रूपांतरण और प्रकाश का वेग

गैलिलियन रूपांतरण के अनुसार, यदि एक तंत्र S दूसरे तंत्र S' के सापेक्ष वेग v से गति कर रहा है, तो किसी वस्तु के निर्देशांक S और S' में उपरोक्त सूत्रों द्वारा जुड़े होते हैं। परंतु, जब प्रकाश के वेग की बात आती है, तो ये रूपांतरण असफल हो जाते हैं। यदि प