Ch 5निःशुल्क

Chapter 5

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Mechanics (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट
Chapter 4अध्याय 6 / 14Chapter 6

Chapter 5अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

5.1 प्रस्तावना

व्याख्या

5.1 प्रस्तावना

इस अनुभाग में रेखीय संवेग संरक्षण के अध्याय की प्रस्तावना दी गई है। यहाँ बताया गया है कि संवेग (momentum) भौतिकी का एक अत्यंत महत्वपूर्ण संकल्पना है, जो वस्तुओं की गति और उनकी द्रव्यमान के गुणनफल के रूप में परिभाषित होता है। न्यूटन के गति के नियमों के अनुसार, किसी वस्तु पर बल लगाने से उसका संवेग बदलता है। रेखीय संवेग संरक्षण का नियम बताता है कि यदि किसी तंत्र पर कोई बाहरी बल कार्य नहीं कर रहा है, तो उस तंत्र का कुल रेखीय संवेग अपरिवर्तित रहता है। यह नियम न केवल भौतिकी के सिद्धांतों में, बल्कि दैनिक जीवन की घटनाओं में भी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जैसे कि टक्कर, रॉकेट प्रक्षेपण आदि। इस अध्याय में हम रेखीय संवेग, उसके संरक्षण के नियम, टक्करों में इसका अनुप्रयोग, और इससे संबंधित गणनाओं का विस्तार से अध्ययन करेंगे।

  • संवेग (momentum) = द्रव्यमान × वेग
  • संवेग संरक्षण का नियम बाहरी बल के अभाव में लागू होता है
  • न्यूटन के गति के नियमों से संवेग संरक्षण सिद्ध होता है
  • टक्कर, विस्फोट, और अन्य घटनाओं में संवेग संरक्षण का अनुप्रयोग होता है
  • रेखीय संवेग संरक्षण भौतिकी के मूल नियमों में से एक है
  • 📌 संवेग: किसी वस्तु के द्रव्यमान और वेग का गुणनफल
  • 📌 संवेग संरक्षण: बाहरी बल के अभाव में कुल संवेग का अपरिवर्तित रहना

5.2 रेखीय संवेग (Linear Momentum)

परिभाषा

5.2 रेखीय संवेग (Linear Momentum)

रेखीय संवेग (Linear Momentum) किसी वस्तु के द्रव्यमान और वेग का गुणनफल होता है। इसे p से दर्शाया जाता है। यह एक सदिश राशि है, अर्थात् इसमें परिमाण के साथ-साथ दिशा भी होती है। यदि किसी वस्तु का द्रव्यमान m है और उसका वेग v है, तो उसका रेखीय संवेग p = m × v होगा। रेखीय संवेग की SI इकाई किलोग्राम-मीटर प्रति सेकंड (kg·m/s) होती है। संवेग का महत्व इसलिए है क्योंकि यह किसी वस्तु की गति की मात्रा को दर्शाता है और बाहरी बल के प्रभाव में ही बदलता है।

  • रेखीय संवेग = द्रव्यमान × वेग
  • यह एक सदिश राशि है
  • संवेग की SI इकाई: kg·m/s
  • संवेग का परिवर्तन बाहरी बल के कारण होता है
  • संवेग के बिना वस्तु स्थिर रहती है
  • 📌 रेखीय संवेग: द्रव्यमान और वेग का गुणनफल, p = m × v
  • 📌 सदिश राशि: जिसमें दिशा और परिमाण दोनों होते हैं

5.3 न्यूटन के गति के नियम और संवेग

अवधारणा

5.3 न्यूटन के गति के नियम और संवेग

न्यूटन के गति के तीनों नियम रेखीय संवेग की अवधारणा से गहराई से जुड़े हैं। प्रथम नियम कहता है कि कोई भी वस्तु तब तक अपनी स्थिति में रहती है जब तक उस पर कोई बाहरी बल न लगाया जाए। द्वितीय नियम के अनुसार, किसी वस्तु पर लगाया गया बल उसके संवेग के परिवर्तन