Ch 3निःशुल्क

Chapter 3

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Mechanics (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट
बल 31—52अध्याय 3 / 14Chapter 4

Chapter 3अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

3.1 कार्य का परिभाषा और गणना

परिभाषा

3.1 कार्य का परिभाषा और गणना

कार्य (Work) वह भौतिक राशि है जो तब होती है जब कोई बल किसी वस्तु पर लगाया जाता है और वह वस्तु बल की दिशा में स्थानांतरित होती है। कार्य की गणना बल और विस्थापन के गुणनफल से की जाती है। यदि बल F और विस्थापन s है, तथा θ वह कोण है जो बल और विस्थापन के बीच बनता है, तो कार्य का सूत्र है: कार्य = बल × विस्थापन × cosθ। कार्य एक स्केलर राशि है, अर्थात इसमें केवल परिमाण होता है, दिशा नहीं। कार्य का एसआई इकाई जूल (Joule) है। 1 जूल कार्य तब होता है जब 1 न्यूटन बल किसी वस्तु को 1 मीटर विस्थापन देता है।

  • कार्य तब होता है जब बल के कारण वस्तु में विस्थापन होता है।
  • कार्य का गणितीय सूत्र: W = F × s × cosθ
  • कार्य एक स्केलर राशि है।
  • कार्य की एसआई इकाई जूल (Joule) है।
  • यदि बल और विस्थापन की दिशा समान है, तो θ = 0° और cosθ = 1
  • कार्य का मान धनात्मक, ऋणात्मक या शून्य हो सकता है।
  • 📌 कार्य (Work): बल के कारण वस्तु में हुआ विस्थापन
  • 📌 जूल (Joule): कार्य की एसआई इकाई
  • 📌 स्केलर राशि (Scalar Quantity): केवल परिमाण वाली राशि

3.2 कार्य के प्रकार: धनात्मक, ऋणात्मक और शून्य कार्य

अवधारणा

3.2 कार्य के प्रकार: धनात्मक, ऋणात्मक और शून्य कार्य

कार्य के प्रकार बल और विस्थापन की दिशा के सापेक्ष निर्धारित होते हैं। यदि बल और विस्थापन की दिशा समान है, तो कार्य धनात्मक होता है। यदि बल और विस्थापन की दिशा विपरीत है, तो कार्य ऋणात्मक होता है। यदि बल और विस्थापन के बीच कोण 90° है, तो कार्य शून्य होता है। उदाहरण के लिए, गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा वस्तु को नीचे गिराने पर कार्य धनात्मक होता है, जबकि वस्तु को ऊपर उठाने पर कार्य ऋणात्मक होता है।

  • धनात्मक कार्य: बल और विस्थापन की दिशा समान
  • ऋणात्मक कार्य: बल और विस्थापन की दिशा विपरीत
  • शून्य कार्य: बल और विस्थापन के बीच कोण 90°
  • कार्य का मान बल और विस्थापन की दिशा पर निर्भर करता है
  • कार्य के प्रकार ऊर्जा के हस्तांतरण को दर्शाते हैं
  • प्राकृतिक घटनाओं में सभी प्रकार के कार्य देखे जा सकते हैं
  • 📌 धनात्मक कार्य (Positive Work): बल और विस्थापन समान दिशा में
  • 📌 ऋणात्मक कार्य (Negative Work): बल और विस्थापन विपरीत दिशा में
  • 📌 शून्य कार्य (Zero Work): बल और विस्थापन के बीच 90° कोण

3.3 ऊर्जा की परिभाषा और प्रकार

परिभाषा

3.3 ऊर्जा की परिभाषा और प्रकार

ऊर्जा (Energy) वह क्षमता है जिसके द्वारा कोई वस्तु कार्य कर सकती है। ऊर्जा के विभिन्न प्रकार हैं: गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy), स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy), रासायनिक ऊर्जा, विद्युत ऊर्जा, ताप ऊर्जा आदि। ऊर्जा का एसआई इकाई भी जूल (Joule) है। ऊर्जा