Chapter 14
Chapter 14 — अध्ययन नोट्स
NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए
14.1 परिचय
व्याख्या14.1 परिचय
इस अनुभाग में दंड (Rod) एवं बेलन (Cylinder) की यांत्रिक विशेषताओं का परिचय दिया गया है। यांत्रिकी में दंड व बेलन के अध्ययन का विशेष महत्व है क्योंकि ये साधारण लेकिन अत्यंत उपयोगी ठोस आकृतियाँ हैं जिनका व्यवहार भौतिकी के कई क्षेत्रों में देखा जाता है। दंड एक पतली, लंबी वस्तु होती है जिसकी मोटाई उसकी लंबाई की तुलना में बहुत कम होती है। बेलन एक त्रि-आयामी ठोस है जिसकी दो समानांतर गोलाकार सतहें होती हैं और उनके बीच की दूरी उसकी ऊँचाई कहलाती है। इन दोनों आकृतियों का विश्लेषण करने से हमें उनके द्रव्यमान वितरण, जड़त्व आघूर्ण, संतुलन, कंपन आदि का अध्ययन करने में सहायता मिलती है। इस अध्याय में हम दंड एवं बेलन के संतुलन, जड़त्व आघूर्ण, घूर्णन गति, और संबंधित भौतिक नियमों का विस्तार से अध्ययन करेंगे।
- दंड और बेलन यांत्रिकी में मूलभूत ठोस आकृतियाँ हैं।
- इनका अध्ययन संतुलन, जड़त्व आघूर्ण, और घूर्णन गति के लिए आवश्यक है।
- दंड की लंबाई उसकी मोटाई की तुलना में बहुत अधिक होती है।
- बेलन की दो समानांतर गोलाकार सतहें होती हैं।
- इनका व्यवहार कई यांत्रिक प्रणालियों में देखा जाता है।
- 📌 दंड: एक पतली, लंबी ठोस वस्तु जिसकी मोटाई नगण्य होती है।
- 📌 बेलन: दो समानांतर गोलाकार सतहों से घिरा त्रि-आयामी ठोस।
14.2 दंड का संतुलन
अवधारणा14.2 दंड का संतुलन
इस अनुभाग में दंड के संतुलन की शर्तों का विस्तार से वर्णन किया गया है। जब कोई दंड अपने केंद्र से या किसी अन्य बिंदु से लटकाया जाता है, तो उस पर गुरुत्वाकर्षण बल और समर्थन बल कार्य करते हैं। संतुलन की प्रथम शर्त है कि सभी बलों का सदिश योग शून्य हो (ΣF = 0)। दूसरी शर्त है कि सभी आघूर्णों (टॉर्क) का योग भी शून्य हो (Στ = 0)। यदि दंड का भार समान रूप से वितरित है, तो उसका गुरुत्व केंद्र उसके मध्य बिंदु पर होता है। यदि दंड के दोनों सिरों पर अलग-अलग भार लटकाए जाएँ, तो संतुलन की स्थिति बदल जाती है और समर्थन बलों की गणना टॉर्क समीकरण द्वारा की जाती है।
- संतुलन के लिए ΣF = 0 और Στ = 0 होना चाहिए।
- दंड का गुरुत्व केंद्र उसके मध्य में होता है यदि द्रव्यमान वितरण समान है।
- विभिन्न भार लटकाने पर समर्थन बलों का मान बदलता है।
- संतुलन की गणना टॉर्क समीकरण द्वारा की जाती है।
- दंड के संतुलन का विश्लेषण कई यांत्रिक प्रणालियों में किया जाता है।
- 📌 संतुलन: जब किसी वस्तु पर कार्यरत सभी बलों और आघूर्णों का योग शून्य होता है।
- 📌 गुरुत्व केंद्र: वह बिंदु जिस पर वस्तु का संपूर्ण भार केंद्रित माना जाता है।
14.3 दंड का जड़त्व आघूर्ण
सूत्र14.3 दंड का जड़त्व आघूर्ण
इस अनुभाग में दंड के जड़त्व आघूर्ण (Moment of Inertia) की गणना की विधि समझाई गई है। जड़त्व आघूर्ण वह भौतिक राशि है जो यह निर्धारित करती है कि किसी वस्तु को घुमाने के लिए कितनी कठिनाई होती है। दंड के लिए, यदि वह अपनी मध्य धुरी के बारे में घूर्णन कर रह
SLM - Mechanics (Hindi) के सभी 14 अध्याय
Mechanics · Vardhman Mahaveer Open University