Chapter 12
Chapter 12 — अध्ययन नोट्स
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12.1 जड़त्व आघूर्ण का पुनरावलोकन
व्याख्या12.1 जड़त्व आघूर्ण का पुनरावलोकन
इस अनुभाग में जड़त्व आघूर्ण (Moment of Inertia) की मूल अवधारणा का पुनरावलोकन किया गया है। जड़त्व आघूर्ण, जिसे संक्षेप में I से दर्शाया जाता है, किसी वस्तु के घूर्णन के प्रतिरोध को मापता है। यह एक स्केलर राशि है, जो वस्तु के द्रव्यमान वितरण और घूर्णन अक्ष से दूरी पर निर्भर करती है। यदि कोई कठोर पिंड किसी अक्ष के चारों ओर ω कोणीय वेग से घूर्णन करता है, तो उसका कोणीय संवेग (L) और जड़त्व आघूर्ण (I) के बीच संबंध L = I × ω होता है। जड़त्व आघूर्ण का गणितीय व्यंजक I = Σ mᵢ rᵢ² है, जहाँ mᵢ कण का द्रव्यमान और rᵢ उसकी घूर्णन अक्ष से दूरी है। यह संकल्पना न्यूटन के द्वितीय नियम के घूर्णन रूप में भी आती है: τ = I × α, जहाँ τ बलाघूर्ण (टॉर्क) और α कोणीय त्वरण है। जड़त्व आघूर्ण का मात्रक किलोग्राम-मीटर² (kg·m²) है।
- जड़त्व आघूर्ण घूर्णन के प्रतिरोध को मापता है।
- यह द्रव्यमान वितरण और घूर्णन अक्ष से दूरी पर निर्भर करता है।
- I = Σ mᵢ rᵢ² से गणना की जाती है।
- घूर्णन के लिए न्यूटन का द्वितीय नियम: τ = I × α।
- मात्रक: किलोग्राम-मीटर²।
- कोणीय संवेग और जड़त्व आघूर्ण का संबंध: L = I × ω।
- 📌 जड़त्व आघूर्ण (Moment of Inertia): घूर्णन के प्रतिरोध का माप।
- 📌 कोणीय संवेग (Angular Momentum): घूर्णन गति का माप, L = I × ω।
- 📌 बलाघूर्ण (टॉर्क): घूर्णन उत्पन्न करने वाली शक्ति, τ = I × α।
12.2 जड़त्व आघूर्ण की गणना के तरीके
व्याख्या12.2 जड़त्व आघूर्ण की गणना के तरीके
इस अनुभाग में जड़त्व आघूर्ण की गणना के विभिन्न तरीकों पर चर्चा की गई है। किसी भी कठोर पिंड के लिए जड़त्व आघूर्ण निकालने के लिए उसे छोटे-छोटे कणों में विभाजित किया जाता है। प्रत्येक कण का जड़त्व आघूर्ण mᵢ rᵢ² होता है, जहाँ rᵢ उसकी घूर्णन अक्ष से दूरी है। सभी कणों के जड़त्व आघूर्ण का योग कुल जड़त्व आघूर्ण देता है। निरंतर द्रव्यमान वितरण के लिए समाकलन (इंटीग्रेशन) का प्रयोग किया जाता है: I = ∫ r² dm। विभिन्न ज्यामितीय आकृतियों (छड़, छल्ला, गोला, बेलन आदि) के लिए जड़त्व आघूर्ण के सूत्र NCERT में दिए गए हैं। इन सूत्रों को सिद्ध करने के लिए समाकलन की विधि अपनाई जाती है।
- जड़त्व आघूर्ण की गणना के लिए कणों का योग या समाकलन किया जाता है।
- I = ∫ r² dm निरंतर द्रव्यमान वितरण के लिए प्रयुक्त होता है।
- विभिन्न आकृतियों के लिए अलग-अलग सूत्र होते हैं।
- समाकलन द्वारा सूत्रों की व्युत्पत्ति की जाती है।
- घूर्णन अक्ष का चयन अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- NCERT में छड़, छल्ला, बेलन, गोला आदि के उदाहरण दिए गए हैं।
- 📌 समाकलन (Integration): निरंतर वितरण के लिए योग की प्रक्रिया।
- 📌 द्रव्यमान वितरण (Mass Distribution): द्रव्यमान का वस्तु में फैलाव।
12.3 पार्श्व स्थानांतरण प्रमेय (Parallel Axis Theorem)
अवधारणा12.3 पार्श्व स्थानांतरण प्रमेय (Parallel Axis Theorem)
पार्श्व स्थानांतरण प्रमेय (Parallel Axis Theorem) का उपयोग तब किया जाता है जब किसी वस्तु का जड़त्व आघूर्ण उसके द्रव्यमान केंद्र के समानांतर किसी अन्य अक्ष के लिए ज्ञात करना हो। प्रमेय के अनुसार, यदि I_cm वस्तु के द्रव्यमान केंद्र से गुजरने वाले अक्ष क
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Mechanics · Vardhman Mahaveer Open University