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Chapter 7

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Mechanics (Hindi)📖 9 नोट्स⏱️ ~14 मिनट
Chapter 6अध्याय 8 / 14Chapter 8

Chapter 7अध्ययन नोट्स

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7.1 जड़त्वीय तंत्र का परिचय

व्याख्या

7.1 जड़त्वीय तंत्र का परिचय

इस अनुभाग में जड़त्वीय तंत्र (Inertial Frame of Reference) की अवधारणा का विस्तार से परिचय दिया गया है। भौतिकी में, किसी घटना या वस्तु की गति का अध्ययन करने के लिए जिस तंत्र का उपयोग किया जाता है, उसे संदर्भ तंत्र (Frame of Reference) कहा जाता है। जड़त्वीय तंत्र वह संदर्भ तंत्र है जिसमें न्यूटन के गति के नियम पूर्ण रूप से लागू होते हैं। अर्थात्, यदि कोई वस्तु उस तंत्र में विश्रामावस्था में है या एकसमान गति से चल रही है, तो उस पर कोई बाहरी बल कार्य नहीं कर रहा है। यदि कोई तंत्र स्वयं स्थिर है या एकसमान सीधी रेखा में गति कर रहा है, तो वह जड़त्वीय तंत्र कहलाता है। पृथ्वी को सामान्यतः एक जड़त्वीय तंत्र के रूप में माना जाता है, यद्यपि वह सूर्य के चारों ओर घूमती है, परंतु उसकी गति बहुत धीमी है, इसलिए अधिकांश प्रयोगों में पृथ्वी को जड़त्वीय तंत्र मानना उपयुक्त है।

  • जड़त्वीय तंत्र वह संदर्भ तंत्र है जिसमें न्यूटन के गति के नियम लागू होते हैं।
  • एकसमान सीधी रेखा में गति करने वाला या स्थिर तंत्र जड़त्वीय तंत्र होता है।
  • गति का अध्ययन करने के लिए संदर्भ तंत्र का चयन आवश्यक है।
  • पृथ्वी को अधिकांश प्रयोगों में जड़त्वीय तंत्र माना जाता है।
  • गैर-जड़त्वीय तंत्र में काल्पनिक बलों की आवश्यकता होती है।
  • जड़त्वीय तंत्र की अवधारणा गति के नियमों की व्याख्या के लिए आधार है।
  • 📌 जड़त्वीय तंत्र: वह संदर्भ तंत्र जिसमें न्यूटन के गति के नियम लागू होते हैं।
  • 📌 संदर्भ तंत्र: वह तंत्र जिसमें किसी वस्तु की स्थिति और गति का अध्ययन किया जाता है।

7.2 गैर-जड़त्वीय तंत्र

व्याख्या

7.2 गैर-जड़त्वीय तंत्र

इस अनुभाग में गैर-जड़त्वीय तंत्र (Non-inertial Frame of Reference) की अवधारणा को विस्तार से समझाया गया है। जब कोई संदर्भ तंत्र एकसमान वेग से नहीं चलता, अर्थात् उसमें त्वरण होता है (जैसे घूर्णन, झटका, या रुक-रुक कर चलना), तो वह गैर-जड़त्वीय तंत्र कहलाता है। ऐसे तंत्र में न्यूटन के गति के नियम सीधे-सीधे लागू नहीं होते। इन तंत्रों में वस्तुओं की गति का सही-सही विश्लेषण करने के लिए हमें काल्पनिक या जड़त्वीय बल (Fictitious/Inertial Force) की अवधारणा का उपयोग करना पड़ता है। उदाहरण के लिए, जब कोई बस अचानक रुकती है, तो उसमें बैठे यात्रियों को आगे की ओर झटका लगता है। यह झटका वास्तव में एक काल्पनिक बल के कारण महसूस होता है, क्योंकि यात्रियों का शरीर अपनी गति बनाए रखना चाहता है।

  • गैर-जड़त्वीय तंत्र में न्यूटन के गति के नियम लागू नहीं होते।
  • त्वरणशील या घूर्णनशील तंत्र गैर-जड़त्वीय तंत्र होते हैं।
  • ऐसे तंत्र में वस्तुओं की गति का विश्लेषण करने के लिए काल्पनिक बल जोड़ना पड़ता है।
  • गैर-जड़त्वीय तंत्र में देखे जाने वाले बल वास्तविक नहीं होते।
  • काल्पनिक बल वस्तु की जड़त्व के कारण उत्पन्न होते हैं।
  • गैर-जड़त्वीय तंत्र का अध्ययन घूर्णन, झटके आदि की स्थितियों में आवश्यक है।
  • 📌 गैर-जड़त्वीय तंत्र: वह संदर्भ तंत्र जिसमें न्यूटन के गति के नियम लागू नहीं होते।
  • 📌 काल्पनिक बल: वह बल जो गैर-जड़त्वीय तंत्र में वस्तु की गति के विश्लेषण के लिए जोड़ा जाता है।

7.3 जड़त्वीय और गैर-जड़त्वीय तंत्र के बीच अंतर

अवधारणा

7.3 जड़त्वीय और गैर-जड़त्वीय तंत्र के बीच अंतर

इस अनुभाग में जड़त्वीय और गैर-जड़त्वीय तंत्र के बीच मुख्य अंतर को विस्तार से समझाया गया है। जड़त्वीय तंत्र में न्यूटन के गति के नियम बिना किसी अतिरिक्त बल के लागू होते हैं, जबकि गैर-जड़त्वीय तंत्र में वस्तुओं की गति के विश्लेषण के लिए काल्पनिक बल जोड़ना प