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n वीं कोटि के यथातथ्य अवकल समीकरण

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Differential Equation (Hindi)📖 9 नोट्स⏱️ ~14 मिनट
Chapter 8अध्याय 7 / 11Chapter 10

n वीं कोटि के यथातथ्य अवकल समीकरणअध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

9.1 परिचय

व्याख्या

9.1 परिचय

इस अनुभाग में n वीं कोटि के यथातथ्य अवकल समीकरणों का परिचय दिया गया है। अवकल समीकरण गणित का एक महत्वपूर्ण विषय है, जिसमें किसी फलन और उसके अवकलजों के मध्य संबंध को समीकरण के रूप में व्यक्त किया जाता है। n वीं कोटि के यथातथ्य अवकल समीकरणों का अर्थ है ऐसे अवकल समीकरण जिनकी कोटि n हो तथा वे यथातथ्य (exact) हों। यथातथ्य अवकल समीकरणों का अध्ययन करने से हमें भौतिकी, रसायन, जीवविज्ञान, अर्थशास्त्र आदि क्षेत्रों में व्यावहारिक समस्याओं के समाधान में सहायता मिलती है। इस अध्याय में हम n वीं कोटि के यथातथ्य अवकल समीकरणों की पहचान, हल करने की विधि, तथा उनके अनुप्रयोगों का विस्तार से अध्ययन करेंगे।

  • अवकल समीकरण फलन और उसके अवकलजों के मध्य संबंध को दर्शाता है।
  • n वीं कोटि का अर्थ है समीकरण में उच्चतम अवकलज की कोटि n है।
  • यथातथ्य अवकल समीकरणों के हल के लिए विशेष विधियाँ होती हैं।
  • इनका प्रयोग भौतिकी, रसायन, जीवविज्ञान आदि में होता है।
  • इस अध्याय में n वीं कोटि के यथातथ्य अवकल समीकरणों का विस्तार से अध्ययन किया जाएगा।
  • 📌 अवकल समीकरण: ऐसा समीकरण जिसमें किसी फलन और उसके अवकलजों के मध्य संबंध हो।
  • 📌 कोटि: समीकरण में उपस्थित उच्चतम अवकलज की शक्ति।
  • 📌 यथातथ्य: ऐसा समीकरण जिसे किसी फलन के पूर्ण अवकल के रूप में लिखा जा सके।

9.2 यथातथ्य अवकल समीकरण की परिभाषा

परिभाषा

9.2 यथातथ्य अवकल समीकरण की परिभाषा

इस अनुभाग में यथातथ्य अवकल समीकरण की औपचारिक परिभाषा दी गई है। यदि कोई अवकल समीकरण M(x, y) dx + N(x, y) dy = 0 इस प्रकार लिखा जा सके कि M(x, y) और N(x, y) दोनों x और y के फलन हों, तथा ∂M/∂y = ∂N/∂x हो, तो वह समीकरण यथातथ्य कहलाता है। इसका अर्थ है कि समीकरण किसी फलन F(x, y) के पूर्ण अवकल dF(x, y) के रूप में लिखा जा सकता है। ऐसे समीकरणों का हल निकालना अपेक्षाकृत सरल होता है क्योंकि इन्हें प्रत्यक्ष रूप से एक फलन के अवकल के रूप में पहचाना जा सकता है।

  • यथातथ्य अवकल समीकरण का रूप: M(x, y) dx + N(x, y) dy = 0
  • यथातथ्यता की शर्त: ∂M/∂y = ∂N/∂x
  • ऐसे समीकरण किसी फलन के पूर्ण अवकल के रूप में होते हैं।
  • इनका हल निकालना अपेक्षाकृत सरल होता है।
  • 📌 पूर्ण अवकल: किसी फलन F(x, y) का अवकल dF(x, y) = ∂F/∂x dx + ∂F/∂y dy।
  • 📌 यथातथ्यता की शर्त: समीकरण के यथातथ्य होने की आवश्यक और पर्याप्त शर्त।

9.3 n वीं कोटि के यथातथ्य अवकल समीकरण

अवधारणा

9.3 n वीं कोटि के यथातथ्य अवकल समीकरण

इस अनुभाग में n वीं कोटि के यथातथ्य अवकल समीकरणों की अवधारणा को विस्तार से समझाया गया है। n वीं कोटि का अर्थ है समीकरण में उच्चतम अवकलज की कोटि n है। यदि कोई अवकल समीकरण इस रूप में लिखा जा सके: M(x, y, y', y'', ..., y^(n-1)) dx + N(x, y, y', y'', ...