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Chapter 1

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Differential Equation (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट
अध्याय 1 / 11Chapter 4

Chapter 1अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

1.1 परिचय

व्याख्या

1.1 परिचय

इस खंड में अवकल समीकरणों का परिचय दिया गया है। अवकल समीकरण गणित की वह शाखा है जिसमें किसी फलन और उसके अवकलन के मध्य संबंध स्थापित किया जाता है। अवकल समीकरणों का अध्ययन विज्ञान, अभियांत्रिकी, अर्थशास्त्र आदि में अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि ये प्राकृतिक घटनाओं, यांत्रिक प्रक्रियाओं, जनसंख्या वृद्धि, तापीय प्रवाह आदि का गणितीय मॉडल प्रस्तुत करते हैं। प्रथम घात एवं प्रथम कोटि के अवकल समीकरणों का अर्थ है कि समीकरण में अवकलन का क्रम प्रथम है और समीकरण रैखिक है। इस खंड में अवकल समीकरणों की मूलभूत परिभाषा, ऐतिहासिक विकास और उनके उपयोगों की चर्चा की गई है।

  • अवकल समीकरण फलन और उसके अवकलन के मध्य संबंध दर्शाते हैं।
  • प्रथम घात एवं प्रथम कोटि का अर्थ है समीकरण में केवल प्रथम अवकलन और रैखिकता।
  • अवकल समीकरणों का उपयोग विज्ञान, अभियांत्रिकी, अर्थशास्त्र में होता है।
  • अवकल समीकरणों के अध्ययन से प्राकृतिक घटनाओं का गणितीय मॉडल तैयार किया जा सकता है।
  • अवकल समीकरणों की उत्पत्ति गणित के विभिन्न क्षेत्रों में हुई है।
  • इस खंड में अवकल समीकरणों का ऐतिहासिक विकास भी बताया गया है।
  • 📌 अवकल समीकरण: वह समीकरण जिसमें किसी फलन और उसके अवकलन का संबंध होता है।
  • 📌 प्रथम घात: समीकरण में अवकलन का क्रम प्रथम है।
  • 📌 प्रथम कोटि: समीकरण रैखिक है, अर्थात् y और dy/dx की घात 1 है।

1.2 अवकल समीकरण की परिभाषा

परिभाषा

1.2 अवकल समीकरण की परिभाषा

इस खंड में अवकल समीकरण की औपचारिक परिभाषा दी गई है। अवकल समीकरण वह समीकरण है जिसमें एक या अधिक स्वतंत्र चर, फलन और उनके अवकलन (प्रथम, द्वितीय, आदि) सम्मिलित होते हैं। यदि समीकरण में केवल प्रथम अवकलन है, तो उसे प्रथम कोटि का अवकल समीकरण कहते हैं। यदि समीकरण में अवकलन की घात 1 है, तो उसे प्रथम घात का अवकल समीकरण कहते हैं। उदाहरण के लिए, dy/dx + y = 0 एक प्रथम घात एवं प्रथम कोटि का अवकल समीकरण है।

  • अवकल समीकरण में फलन और उसके अवकलन सम्मिलित होते हैं।
  • प्रथम कोटि का अवकल समीकरण: केवल प्रथम अवकलन सम्मिलित।
  • प्रथम घात का अवकल समीकरण: अवकलन की घात 1।
  • अवकल समीकरणों के विभिन्न प्रकार होते हैं।
  • सामान्य रूप: F(x, y, dy/dx) = 0
  • अवकल समीकरणों की परिभाषा गणितीय रूप में दी गई है।
  • 📌 स्वतंत्र चर: वह चर जो फलन में स्वतंत्र रूप से बदलता है।
  • 📌 अवकलन: किसी फलन का दर परिवर्तन।
  • 📌 कोटि: समीकरण में अवकलन का क्रम।

1.3 अवकल समीकरणों के प्रकार

अवधारणा

1.3 अवकल समीकरणों के प्रकार

इस खंड में अवकल समीकरणों के विभिन्न प्रकारों की चर्चा की गई है। मुख्यतः अवकल समीकरणों को दो श्रेणियों में विभाजित किया जाता है: सामान्य अवकल समीकरण एवं आंशिक अवकल समीकरण। सामान्य अवकल समीकरण में फलन एक स्वतंत्र चर का होता है, जबकि आंशिक अवकल समीकरण म