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Chapter 14

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Differential Equation (Hindi)📖 11 नोट्स⏱️ ~17 मिनट
Chapter 13अध्याय 10 / 11Chapter 15

Chapter 14अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 11 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

14.1 परिचय

व्याख्या

14.1 परिचय

इस अनुभाग में आंशिक अवकल समीकरणों (Partial Differential Equations) के महत्व और उनके अध्ययन की आवश्यकता का परिचय दिया गया है। आंशिक अवकल समीकरण गणित की वह शाखा है जिसमें दो या दो से अधिक स्वतंत्र चर वाले फलनों के लिए अवकल समीकरण बनाए जाते हैं। ये समीकरण भौतिकी, अभियांत्रिकी, रसायन विज्ञान, जीवविज्ञान आदि में प्राकृतिक घटनाओं के गणितीय निरूपण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उदाहरण के लिए, ऊष्मा संचरण, तरंग संचरण, तरल प्रवाह, विद्युत चुंबकीय क्षेत्र आदि की समस्याओं का समाधान आंशिक अवकल समीकरणों द्वारा किया जाता है। इस अध्याय में आंशिक अवकल समीकरणों के निर्माण, उनके हल, तथा उनके प्रकारों का अध्ययन किया जाएगा।

  • आंशिक अवकल समीकरण दो या दो से अधिक स्वतंत्र चर वाले फलनों के लिए होते हैं।
  • इनका उपयोग भौतिकी, अभियांत्रिकी, रसायन विज्ञान आदि में होता है।
  • आंशिक अवकल समीकरणों के अध्ययन से प्राकृतिक घटनाओं का गणितीय विश्लेषण संभव होता है।
  • इस अध्याय में आंशिक अवकल समीकरणों के निर्माण, हल एवं प्रकारों का अध्ययन किया जाएगा।
  • 📌 आंशिक अवकल समीकरण: ऐसा समीकरण जिसमें दो या दो से अधिक स्वतंत्र चर और उनके आंशिक अवकलज सम्मिलित हों।
  • 📌 स्वतंत्र चर: जिन चर का मान स्वतंत्र रूप से चुना जा सकता है।

14.2 आंशिक अवकल समीकरणों का निर्माण

व्याख्या

14.2 आंशिक अवकल समीकरणों का निर्माण

इस अनुभाग में आंशिक अवकल समीकरणों के निर्माण की विधि को विस्तार से समझाया गया है। जब किसी फलन में दो या दो से अधिक स्वतंत्र चर होते हैं, तो उनके आंशिक अवकलज निकालकर समीकरण बनाए जाते हैं। उदाहरण के लिए, यदि z = f(x, y) कोई फलन है, तो ∂z/∂x और ∂z/∂y उसके आंशिक अवकलज होंगे। समीकरण के निर्माण के लिए किसी फलन में से एक या अधिक निरपेक्ष स्थिरांक (arbitrary constants) को हटाया जाता है। इसके लिए फलन का आंशिक अवकलन करके, निरपेक्ष स्थिरांक को समाप्त कर समीकरण प्राप्त किया जाता है। इस प्रक्रिया को 'आंशिक अवकल समीकरणों का निर्माण' कहते हैं।

  • आंशिक अवकल समीकरणों का निर्माण फलन के आंशिक अवकलज द्वारा किया जाता है।
  • निर्माण के लिए निरपेक्ष स्थिरांक को समाप्त किया जाता है।
  • z = f(x, y) जैसे फलनों के लिए ∂z/∂x, ∂z/∂y निकाले जाते हैं।
  • आंशिक अवकल समीकरणों का निर्माण भौतिक घटनाओं के गणितीय निरूपण के लिए आवश्यक है।
  • 📌 निरपेक्ष स्थिरांक: वे स्थिरांक जो फलन में स्वतंत्र रूप से सम्मिलित होते हैं।
  • 📌 आंशिक अवकलज: फलन का वह अवकलज जिसमें एक चर को चर और अन्य को स्थिर मानते हैं।

14.3 आंशिक अवकल समीकरणों के प्रकार

अवधारणा

14.3 आंशिक अवकल समीकरणों के प्रकार

इस अनुभाग में आंशिक अवकल समीकरणों के विभिन्न प्रकारों का वर्णन किया गया है। सामान्यतः, आंशिक अवकल समीकरणों को उनके क्रम (order) और डिग्री (degree) के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। क्रम वह होता है जो समीकरण में उपस्थित आंशिक अवकलज का उच्चतम क्रम दर्श