Ch 8निःशुल्क

Chapter 8

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Differential Equation (Hindi)📖 9 नोट्स⏱️ ~14 मिनट

Chapter 8अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

8.1 परिचय

व्याख्या

8.1 परिचय

इस अनुभाग में अवकल समीकरणों का परिचय दिया गया है। अवकल समीकरण गणित की वह शाखा है जिसमें किसी फलन और उसके अवकलन के बीच संबंध स्थापित किया जाता है। ये समीकरण विज्ञान, अभियांत्रिकी, अर्थशास्त्र आदि क्षेत्रों में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। अवकल समीकरणों के माध्यम से हम विभिन्न प्राकृतिक एवं कृत्रिम प्रक्रियाओं का गणितीय मॉडल तैयार कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, गति के नियम, विद्युत परिपथ, जनसंख्या वृद्धि, रासायनिक अभिक्रियाएँ आदि को अवकल समीकरणों के रूप में व्यक्त किया जा सकता है। इस अध्याय में हम यगुपत अवकल समीकरणों (Exact Differential Equations) के सिद्धांत, समाधान विधियाँ, और उनके प्रयोगों का अध्ययन करेंगे।

  • अवकल समीकरण फलन और उसके अवकलन के बीच संबंध दर्शाते हैं।
  • अवकल समीकरणों का प्रयोग विज्ञान, अभियांत्रिकी, अर्थशास्त्र आदि में होता है।
  • यगुपत अवकल समीकरणों की विशेषता यह है कि वे किसी संभावित फलन के अवकलन के रूप में लिखे जा सकते हैं।
  • इस अध्याय में यगुपत अवकल समीकरणों की पहचान, समाधान तथा उनके प्रयोगों का अध्ययन किया जाएगा।
  • 📌 अवकल समीकरण: वह समीकरण जिसमें किसी फलन और उसके अवकलन के बीच संबंध होता है।
  • 📌 यगुपत अवकल समीकरण: वह समीकरण जो किसी संभावित फलन के अवकलन के रूप में लिखा जा सकता है।

8.2 यगुपत अवकल समीकरणों की पहचान

अवधारणा

8.2 यगुपत अवकल समीकरणों की पहचान

इस अनुभाग में यगुपत अवकल समीकरणों की पहचान की विधि बताई गई है। यगुपत अवकल समीकरण वह समीकरण होता है जिसे किसी संभावित फलन के अवकलन के रूप में लिखा जा सकता है। सामान्य रूप से, समीकरण M(x, y) dx + N(x, y) dy = 0 यगुपत तब होता है जब ∂M/∂y = ∂N/∂x। यह शर्त समीकरण के यगुपत होने की आवश्यक और पर्याप्त शर्त है। यदि यह शर्त पूरी होती है, तो समीकरण का समाधान संभावित फलन F(x, y) = C के रूप में मिलता है।

  • यगुपत अवकल समीकरण की पहचान के लिए ∂M/∂y = ∂N/∂x देखना आवश्यक है।
  • M(x, y) dx + N(x, y) dy = 0 का सामान्य रूप है।
  • यदि समीकरण यगुपत है, तो उसे संभावित फलन के अवकलन के रूप में लिखा जा सकता है।
  • यगुपत समीकरणों का समाधान संभावित फलन F(x, y) = C के रूप में मिलता है।
  • 📌 संभावित फलन: वह फलन जिसका अवकलन समीकरण के रूप में मिलता है।
  • 📌 यगुपतता: समीकरण के संभावित फलन के अवकलन के रूप में होने की स्थिति।

8.3 यगुपत अवकल समीकरणों का समाधान

व्याख्या

8.3 यगुपत अवकल समीकरणों का समाधान

इस अनुभाग में यगुपत अवकल समीकरणों के समाधान की विधि विस्तार से बताई गई है। यदि समीकरण M(x, y) dx + N(x, y) dy = 0 यगुपत है, तो इसका संभावित फलन F(x, y) निकाला जाता है। इसके लिए M(x, y) को x के सापेक्ष और N(x, y) को y के सापेक्ष अवकलन किया जाता है। सं