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Chapter 9

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Business Environment (Hindi)📖 9 नोट्स⏱️ ~14 मिनट
Chapter 8अध्याय 9 / 17Chapter 10

Chapter 9अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

परिचय

व्याख्या

परिचय

इस अनुभाग में भारत के औद्योगिक विकास का संक्षिप्त परिचय दिया गया है। स्वतंत्रता प्राप्ति के समय भारत एक कृषि प्रधान देश था, जहाँ औद्योगिक विकास बहुत सीमित था। औद्योगिकरण को आर्थिक विकास का मुख्य आधार माना गया, क्योंकि इससे उत्पादन, रोजगार, आय और जीवन स्तर में वृद्धि होती है। औद्योगिक विकास के लिए सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से विभिन्न नीतियाँ अपनाईं। इस अध्याय में औद्योगिक विकास की प्रक्रिया, उसकी उपलब्धियाँ, समस्याएँ और सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का विस्तार से अध्ययन किया गया है। औद्योगिक विकास से न केवल आर्थिक संरचना में बदलाव आया, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक परिवर्तन भी हुए।

  • स्वतंत्रता के समय भारत में उद्योगों की स्थिति अत्यंत कमजोर थी।
  • औद्योगिक विकास आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार है।
  • औद्योगीकरण से रोजगार के अवसर बढ़ते हैं।
  • सरकार ने योजनाबद्ध औद्योगिक विकास के लिए नीतियाँ बनाई।
  • औद्योगिक विकास से सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन हुए।
  • 📌 औद्योगीकरण: कृषि आधारित अर्थव्यवस्था से उद्योग आधारित अर्थव्यवस्था की ओर परिवर्तन।
  • 📌 आर्थिक विकास: उत्पादन, आय और जीवन स्तर में वृद्धि।

भारत में औद्योगिक विकास की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

व्याख्या

भारत में औद्योगिक विकास की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

इस अनुभाग में भारत में औद्योगिक विकास की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का वर्णन किया गया है। ब्रिटिश शासन के दौरान भारत की पारंपरिक हस्तशिल्प और घरेलू उद्योगों को भारी क्षति पहुँची। ब्रिटिश नीतियों के कारण भारत कच्चे माल का आपूर्तिकर्ता और तैयार माल का उपभोक्ता बन गया। 19वीं सदी के अंत में आधुनिक उद्योगों की शुरुआत हुई, जैसे कपड़ा, जूट, लोहा-इस्पात आदि। स्वतंत्रता के समय तक भारत में औद्योगिक आधार बहुत कमजोर था। प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान कुछ उद्योगों का विकास हुआ, परंतु यह पर्याप्त नहीं था। स्वतंत्रता के बाद सरकार ने औद्योगिक विकास को प्राथमिकता दी।

  • ब्रिटिश शासन में पारंपरिक उद्योग नष्ट हुए।
  • भारत कच्चे माल का निर्यातक और तैयार माल का आयातक बना।
  • 19वीं सदी में आधुनिक उद्योगों की शुरुआत हुई।
  • स्वतंत्रता के समय औद्योगिक आधार कमजोर था।
  • युद्धों के दौरान कुछ उद्योगों का विकास हुआ।
  • 📌 हस्तशिल्प उद्योग: हाथ से बनने वाले पारंपरिक उद्योग।
  • 📌 कच्चा माल: वह सामग्री जिससे तैयार माल बनाया जाता है।

औद्योगिक विकास की प्रक्रिया

व्याख्या

औद्योगिक विकास की प्रक्रिया

इस अनुभाग में भारत में औद्योगिक विकास की प्रक्रिया का विस्तार से वर्णन किया गया है। स्वतंत्रता के बाद भारत सरकार ने योजनाबद्ध औद्योगिकरण की नीति अपनाई। पंचवर्षीय योजनाओं के माध्यम से भारी उद्योग, आधारभूत संरचना, लघु एवं कुटीर उद्योगों के विकास पर बल