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Chapter 2

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Business Environment (Hindi)📖 9 नोट्स⏱️ ~14 मिनट
Chapter 1अध्याय 2 / 17Chapter 3

Chapter 2अध्ययन नोट्स

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2.1 मौद्रिक नीति का अर्थ

परिभाषा

2.1 मौद्रिक नीति का अर्थ

मौद्रिक नीति वह नीति है जिसके अंतर्गत देश की केंद्रीय बैंक (भारत में भारतीय रिज़र्व बैंक) द्वारा मुद्रा की आपूर्ति और ब्याज दरों को नियंत्रित किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक स्थिरता, मूल्य स्थिरता, और आर्थिक विकास को सुनिश्चित करना है। मौद्रिक नीति के माध्यम से सरकार आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित करती है, जैसे कि निवेश, उत्पादन, और उपभोग। मौद्रिक नीति के दो प्रमुख प्रकार हैं: विस्तारवादी मौद्रिक नीति (जब अर्थव्यवस्था में मंदी होती है) और संकुचनात्मक मौद्रिक नीति (जब अर्थव्यवस्था में महंगाई बढ़ती है)।

  • मौद्रिक नीति का मुख्य उद्देश्य आर्थिक स्थिरता और मूल्य स्थिरता है।
  • यह नीति केंद्रीय बैंक द्वारा लागू की जाती है।
  • मुद्रा की आपूर्ति और ब्याज दरों को नियंत्रित किया जाता है।
  • मौद्रिक नीति के दो प्रकार: विस्तारवादी और संकुचनात्मक।
  • मौद्रिक नीति आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित करती है।
  • 📌 मौद्रिक नीति: मुद्रा की आपूर्ति और ब्याज दरों को नियंत्रित करने की नीति।
  • 📌 केंद्रीय बैंक: देश की मुख्य बैंक जो मौद्रिक नीति बनाती है।

2.2 मौद्रिक नीति के उद्देश्य

अवधारणा

2.2 मौद्रिक नीति के उद्देश्य

मौद्रिक नीति के प्रमुख उद्देश्य हैं: (1) मूल्य स्थिरता, (2) आर्थिक विकास, (3) रोजगार का स्तर बढ़ाना, (4) भुगतान संतुलन में सुधार, और (5) वित्तीय स्थिरता। मूल्य स्थिरता का अर्थ है महंगाई को नियंत्रित रखना ताकि मुद्रा की क्रय शक्ति बनी रहे। आर्थिक विकास के लिए मौद्रिक नीति निवेश और उत्पादन को प्रोत्साहित करती है। रोजगार का स्तर बढ़ाने के लिए मौद्रिक नीति द्वारा ऋण की उपलब्धता को आसान बनाया जाता है। भुगतान संतुलन में सुधार हेतु विदेशी मुद्रा की उपलब्धता और विनिमय दरों को नियंत्रित किया जाता है। वित्तीय स्थिरता के लिए बैंकिंग प्रणाली को मजबूत किया जाता है।

  • मूल्य स्थिरता के लिए महंगाई को नियंत्रित किया जाता है।
  • आर्थिक विकास के लिए निवेश और उत्पादन को बढ़ावा दिया जाता है।
  • रोजगार के स्तर को बढ़ाने के लिए ऋण की उपलब्धता आसान की जाती है।
  • भुगतान संतुलन में सुधार हेतु विदेशी मुद्रा नीति अपनाई जाती है।
  • वित्तीय स्थिरता के लिए बैंकिंग प्रणाली को मजबूत किया जाता है।
  • 📌 मूल्य स्थिरता: महंगाई को नियंत्रित रखने की प्रक्रिया।
  • 📌 आर्थिक विकास: उत्पादन और निवेश में वृद्धि।

2.3 मौद्रिक नीति के उपकरण

व्याख्या

2.3 मौद्रिक नीति के उपकरण

मौद्रिक नीति के प्रमुख उपकरण हैं: (1) बैंक दर नीति, (2) खुला बाजार संचालन, (3) नकद आरक्षित अनुपात (CRR), (4) वैधानिक तरलता अनुपात (SLR), (5) रेपो और रिवर्स रेपो दर, (6) सीमांत स्थायी सुविधा (MSF)। बैंक दर नीति में केंद्रीय बैंक द्वारा बैंकों को ऋण दे