Ch 3निःशुल्क

Chapter 3

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Business Environment (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट
Chapter 2अध्याय 3 / 17Chapter 4

Chapter 3अध्ययन नोट्स

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परिचय

व्याख्या

परिचय

राजकोषीय नीति (Fiscal Policy) का परिचय अध्याय की शुरुआत में दिया गया है। इसमें बताया गया है कि सरकार द्वारा देश की अर्थव्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए अपनाई जाने वाली नीति को राजकोषीय नीति कहते हैं। यह नीति मुख्यतः सरकार की आय (राजस्व) और व्यय (खर्च) से संबंधित होती है। राजकोषीय नीति के माध्यम से सरकार आर्थिक स्थिरता, विकास, और सामाजिक न्याय प्राप्त करने का प्रयास करती है। इसमें प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर, सरकारी व्यय, सार्वजनिक ऋण, और अनुदान जैसे साधनों का उपयोग किया जाता है। राजकोषीय नीति का मुख्य उद्देश्य आर्थिक असमानता को कम करना, रोजगार के अवसर बढ़ाना, और देश के संसाधनों का उचित वितरण करना है। यह नीति आर्थिक चक्र के विभिन्न चरणों में अलग-अलग रूप में लागू की जाती है, जैसे मंदी के समय व्यय बढ़ाना और महंगाई के समय व्यय घटाना।

  • राजकोषीय नीति सरकार की आय और व्यय से संबंधित नीति है।
  • इसका उद्देश्य आर्थिक स्थिरता और विकास प्राप्त करना है।
  • राजकोषीय नीति के अंतर्गत कर, व्यय, ऋण और अनुदान आते हैं।
  • यह नीति आर्थिक असमानता को कम करने में सहायक है।
  • सरकार आर्थिक चक्र के अनुसार नीति में बदलाव करती है।
  • 📌 राजकोषीय नीति: सरकार द्वारा आय और व्यय को नियंत्रित करने की नीति।
  • 📌 आर्थिक स्थिरता: अर्थव्यवस्था में संतुलन की स्थिति।

राजकोषीय नीति के उद्देश्य

अवधारणा

राजकोषीय नीति के उद्देश्य

राजकोषीय नीति के मुख्य उद्देश्य आर्थिक विकास, आर्थिक स्थिरता, सामाजिक न्याय, और संसाधनों का उचित वितरण हैं। सरकार इन उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए विभिन्न साधनों का उपयोग करती है। आर्थिक विकास के अंतर्गत सरकार सार्वजनिक व्यय बढ़ाकर बुनियादी ढांचे का विकास करती है। आर्थिक स्थिरता के लिए सरकार व्यय और करों में संतुलन बनाती है ताकि महंगाई और मंदी को नियंत्रित किया जा सके। सामाजिक न्याय के लिए सरकार गरीबों और पिछड़े वर्गों के लिए विशेष योजनाएँ लागू करती है। संसाधनों का उचित वितरण सुनिश्चित करने के लिए सरकार करों और सब्सिडी का सहारा लेती है। इन उद्देश्यों के माध्यम से सरकार समावेशी और सतत विकास को बढ़ावा देती है।

  • आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करना।
  • आर्थिक स्थिरता बनाए रखना।
  • सामाजिक न्याय की स्थापना।
  • संसाधनों का उचित वितरण।
  • महंगाई और मंदी को नियंत्रित करना।
  • 📌 आर्थिक विकास: उत्पादन और आय में वृद्धि।
  • 📌 सामाजिक न्याय: समाज के सभी वर्गों को समान अवसर देना।

राजकोषीय नीति के साधन

व्याख्या

राजकोषीय नीति के साधन

राजकोषीय नीति के मुख्य साधन तीन हैं: कर (Taxation), सार्वजनिक व्यय (Public Expenditure), और सार्वजनिक ऋण (Public Debt)। कर दो प्रकार के होते हैं: प्रत्यक्ष कर (Direct Tax) और अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax)। प्रत्यक्ष कर जैसे आयकर, संपत्ति कर आदि सीधे व