Ch 11निःशुल्क

Chapter 11

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Business Environment (Hindi)📖 11 नोट्स⏱️ ~17 मिनट
Chapter 10अध्याय 11 / 17Chapter 12

Chapter 11अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 11 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

परिचय

व्याख्या

परिचय

इस अध्याय की शुरुआत भारत में बेरोजगारी एवं गरीबी की समस्याओं के परिचय से होती है। भारत जैसे विकासशील देश में बेरोजगारी और गरीबी दो प्रमुख सामाजिक-आर्थिक समस्याएँ हैं, जो देश के समग्र विकास में बाधा उत्पन्न करती हैं। इन समस्याओं का प्रभाव न केवल आर्थिक विकास पर पड़ता है, बल्कि सामाजिक असमानता, अपराध, और सामाजिक अशांति जैसी समस्याओं को भी जन्म देता है। इस अध्याय में इन दोनों समस्याओं के कारण, प्रकार, प्रभाव और समाधान के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई है। भारत में बेरोजगारी का अर्थ है - काम करने की इच्छा और योग्यता रखने के बावजूद व्यक्ति को काम न मिलना। वहीं, गरीबी का अर्थ है - व्यक्ति या परिवार की आय इतनी कम होना कि वे अपनी बुनियादी आवश्यकताओं (रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा, स्वास्थ्य) की पूर्ति न कर सकें।

  • भारत में बेरोजगारी और गरीबी दो प्रमुख सामाजिक-आर्थिक समस्याएँ हैं।
  • इन समस्याओं का प्रभाव देश के आर्थिक और सामाजिक विकास पर पड़ता है।
  • बेरोजगारी का अर्थ है - काम की इच्छा और योग्यता के बावजूद काम न मिलना।
  • गरीबी का अर्थ है - बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति में असमर्थता।
  • इन समस्याओं के कारण सामाजिक असमानता और अपराध बढ़ते हैं।
  • समाज के कमजोर वर्ग सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।
  • 📌 बेरोजगारी: काम करने की इच्छा और योग्यता के बावजूद काम न मिलना।
  • 📌 गरीबी: बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति में असमर्थता।

भारत में बेरोजगारी की समस्या

व्याख्या

भारत में बेरोजगारी की समस्या

भारत में बेरोजगारी एक जटिल समस्या है, जो देश के आर्थिक विकास में बाधा उत्पन्न करती है। बेरोजगारी का अर्थ है - जब कोई व्यक्ति काम करने की इच्छा और योग्यता रखने के बावजूद रोजगार प्राप्त नहीं कर पाता। भारत में बेरोजगारी के कई कारण हैं, जैसे - जनसंख्या वृद्धि, शिक्षा प्रणाली की कमियाँ, उद्योगों का अपर्याप्त विकास, तकनीकी परिवर्तन, कृषि पर निर्भरता, और मौसमी बेरोजगारी। बेरोजगारी के मुख्य प्रकार हैं - खुली बेरोजगारी, छिपी बेरोजगारी, मौसमी बेरोजगारी, और अल्प रोजगार। खुली बेरोजगारी में व्यक्ति पूरी तरह से बेरोजगार होता है, जबकि छिपी बेरोजगारी में व्यक्ति काम तो करता है, लेकिन उसकी उत्पादकता शून्य या बहुत कम होती है। मौसमी बेरोजगारी कृषि क्षेत्र में अधिक देखने को मिलती है, जहाँ वर्ष के कुछ महीनों में ही काम मिलता है। अल्प रोजगार में व्यक्ति को उसकी योग्यता के अनुसार पूरा काम नहीं मिलता।

  • बेरोजगारी का अर्थ है - काम की इच्छा और योग्यता के बावजूद काम न मिलना।
  • भारत में बेरोजगारी के मुख्य कारण - जनसंख्या वृद्धि, शिक्षा प्रणाली की कमियाँ, उद्योगों का विकास न होना।
  • बेरोजगारी के प्रकार - खुली, छिपी, मौसमी, अल्प रोजगार।
  • छिपी बेरोजगारी कृषि क्षेत्र में अधिक पाई जाती है।
  • मौसमी बेरोजगारी कृषि और निर्माण क्षेत्र में होती है।
  • बेरोजगारी से सामाजिक और आर्थिक समस्याएँ उत्पन्न होती हैं।
  • 📌 खुली बेरोजगारी: जब व्यक्ति पूरी तरह से बेरोजगार हो।
  • 📌 छिपी बेरोजगारी: जब अधिक लोग काम में लगे हों, लेकिन उनकी उत्पादकता शून्य या नगण्य हो।
  • 📌 मौसमी बेरोजगारी: जब वर्ष के कुछ समय ही काम मिलता है।

बेरोजगारी के कारण

व्याख्या

बेरोजगारी के कारण

भारत में बेरोजगारी के अनेक कारण हैं, जो सामाजिक, आर्थिक और संरचनात्मक हो सकते हैं। प्रमुख कारणों में जनसंख्या वृद्धि, शिक्षा प्रणाली की कमियाँ, उद्योगों का अपर्याप्त विकास, कृषि पर अत्यधिक निर्भरता, तकनीकी परिवर्तन, पूंजी की कमी, और योजनाओं का सही क्