Chapter 7
Chapter 7 — अध्ययन नोट्स
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7.1 प्रस्तावना
व्याख्या7.1 प्रस्तावना
इस अनुभाग में भारतीय आर्थिक नियोजन की पृष्ठभूमि, उसकी आवश्यकता और उद्देश्य का विस्तृत वर्णन किया गया है। स्वतंत्रता प्राप्ति के समय भारत एक कृषि प्रधान देश था, जहाँ औद्योगिक विकास नगण्य था और गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा जैसी समस्याएँ व्याप्त थीं। ऐसे में आर्थिक नियोजन की आवश्यकता महसूस की गई ताकि संसाधनों का उचित उपयोग हो सके और देश का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके। नियोजन का मुख्य उद्देश्य था - आर्थिक विकास को तीव्र करना, सामाजिक न्याय स्थापित करना, संसाधनों का इष्टतम उपयोग करना, और जीवन-स्तर में सुधार लाना। भारत में नियोजन की प्रक्रिया 1951 में प्रथम पंचवर्षीय योजना के साथ आरंभ हुई। नियोजन के माध्यम से सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में लक्ष्यों का निर्धारण किया और संसाधनों का आवंटन किया।
- स्वतंत्रता के बाद भारत में आर्थिक नियोजन की आवश्यकता महसूस की गई।
- नियोजन का उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक न्याय और संसाधनों का इष्टतम उपयोग था।
- 1951 में प्रथम पंचवर्षीय योजना लागू की गई।
- नियोजन के तहत सरकार ने लक्ष्यों और प्राथमिकताओं का निर्धारण किया।
- नियोजन ने देश के औद्योगिक, कृषि, और सामाजिक क्षेत्रों में विकास को दिशा दी।
- 📌 आर्थिक नियोजन: संसाधनों के इष्टतम उपयोग हेतु लक्ष्यों का निर्धारण और क्रियान्वयन।
- 📌 पंचवर्षीय योजना: पाँच वर्षों के लिए निर्धारित आर्थिक विकास की योजना।
7.2 भारतीय नियोजन की प्रक्रिया
अवधारणा7.2 भारतीय नियोजन की प्रक्रिया
इस अनुभाग में भारतीय नियोजन की प्रक्रिया का विस्तार से वर्णन किया गया है। नियोजन आयोग (अब नीति आयोग) की स्थापना 1950 में की गई थी, जिसका मुख्य कार्य देश के आर्थिक विकास के लिए योजनाएँ बनाना था। नियोजन प्रक्रिया में विभिन्न चरण होते हैं: (1) समस्या की पहचान, (2) लक्ष्यों का निर्धारण, (3) संसाधनों का आकलन, (4) प्राथमिकताओं का निर्धारण, (5) योजना का निर्माण, (6) क्रियान्वयन, और (7) मूल्यांकन। केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर योजनाओं का निर्माण और क्रियान्वयन करती हैं। पंचवर्षीय योजनाओं के माध्यम से दीर्घकालीन लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु विभिन्न क्षेत्रों में योजनाएँ बनाई जाती हैं।
- नियोजन आयोग की स्थापना 1950 में हुई।
- नियोजन प्रक्रिया में समस्या की पहचान से लेकर मूल्यांकन तक के चरण शामिल हैं।
- केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर योजनाओं का निर्माण करती हैं।
- पंचवर्षीय योजनाएँ दीर्घकालीन लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु बनाई जाती हैं।
- योजनाओं के क्रियान्वयन और मूल्यांकन के लिए विशेष संस्थाएँ गठित की जाती हैं।
- 📌 नियोजन आयोग: भारत सरकार द्वारा स्थापित संस्था, जो आर्थिक योजनाएँ बनाती थी।
- 📌 क्रियान्वयन: योजनाओं को वास्तविकता में लागू करने की प्रक्रिया।
7.3 पंचवर्षीय योजनाएँ: उद्देश्य एवं प्राथमिकताएँ
व्याख्या7.3 पंचवर्षीय योजनाएँ: उद्देश्य एवं प्राथमिकताएँ
इस अनुभाग में पंचवर्षीय योजनाओं के उद्देश्य और प्राथमिकताओं का विस्तार से वर्णन किया गया है। प्रथम योजना (1951-56) का मुख्य उद्देश्य कृषि और सिंचाई के विकास पर था, क्योंकि उस समय खाद्य संकट गहरा था। द्वितीय योजना (1956-61) में औद्योगिकीकरण, विशेषकर भ
SLM - Business Environment (Hindi) के सभी 17 अध्याय
Business Environment · Vardhman Mahaveer Open University
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