Chapter 14
Chapter 14 — अध्ययन नोट्स
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14.1 वैश्वीकरण की अवधारणा
अवधारणा14.1 वैश्वीकरण की अवधारणा
वैश्वीकरण का अर्थ है - वस्त्र, सेवाओं, पूंजी, तकनीकी और विचारों का विश्व स्तर पर मुक्त प्रवाह। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें विभिन्न देशों की अर्थव्यवस्थाएँ, समाज, संस्कृति, और राजनीति आपस में गहराई से जुड़ जाती हैं। वैश्वीकरण के कारण आज विश्व एक 'वैश्विक गाँव' के रूप में बदल गया है, जहाँ भौगोलिक सीमाएँ व्यापार, निवेश, सूचना और संस्कृति के आदान-प्रदान में बाधा नहीं बनतीं। वैश्वीकरण के तीन मुख्य घटक हैं: (1) आर्थिक वैश्वीकरण, (2) सांस्कृतिक वैश्वीकरण, (3) राजनीतिक वैश्वीकरण। आर्थिक वैश्वीकरण के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार, विदेशी निवेश, बहुराष्ट्रीय कंपनियों की भूमिका, तथा पूंजी और श्रम का प्रवाह शामिल है। सांस्कृतिक वैश्वीकरण के अंतर्गत विभिन्न देशों की संस्कृतियों का एक-दूसरे के साथ घुलना-मिलना, भाषा, खानपान, पहनावा, संगीत आदि का आदान-प्रदान आता है। राजनीतिक वैश्वीकरण के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं (जैसे संयुक्त राष्ट्र, WTO) की भूमिका बढ़ती है। वैश्वीकरण के कारण देशों के बीच निर्भरता बढ़ती है, जिससे आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक संबंध गहरे होते हैं।
- वैश्वीकरण का अर्थ है विश्व स्तर पर वस्त्र, सेवाओं, पूंजी और विचारों का मुक्त प्रवाह।
- यह एक सतत प्रक्रिया है जिसमें देशों की अर्थव्यवस्थाएँ आपस में जुड़ती हैं।
- आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक वैश्वीकरण इसके मुख्य घटक हैं।
- वैश्वीकरण से विश्व एक 'वैश्विक गाँव' में बदल गया है।
- अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं की भूमिका बढ़ती है।
- देशों के बीच निर्भरता बढ़ती है।
- 📌 वैश्वीकरण: विश्व स्तर पर वस्त्र, सेवाओं, पूंजी, तकनीकी और विचारों का मुक्त प्रवाह।
- 📌 आर्थिक वैश्वीकरण: व्यापार, निवेश, पूंजी और श्रम का अंतर्राष्ट्रीय प्रवाह।
- 📌 सांस्कृतिक वैश्वीकरण: संस्कृतियों का आपसी आदान-प्रदान।
14.2 वैश्वीकरण के कारण
व्याख्या14.2 वैश्वीकरण के कारण
वैश्वीकरण के विस्तार के पीछे कई कारण हैं। इनमें प्रमुख हैं - (1) तकनीकी प्रगति, (2) संचार और परिवहन के साधनों में सुधार, (3) उदारीकरण की नीतियाँ, (4) व्यापार बाधाओं में कमी, (5) बहुराष्ट्रीय कंपनियों की भूमिका, और (6) अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं का प्रभाव। तकनीकी प्रगति के कारण सूचना का आदान-प्रदान, उत्पादन प्रक्रिया, और व्यापार तेज़ी से होने लगा है। इंटरनेट, मोबाइल, और उपग्रह संचार ने विश्व को जोड़ दिया है। परिवहन के साधनों (जैसे हवाई जहाज, कंटेनर शिप) में सुधार से वस्त्रों और सेवाओं का विश्व स्तर पर आदान-प्रदान आसान हुआ है। 1991 के बाद भारत सहित कई देशों ने उदारीकरण की नीतियाँ अपनाईं, जिससे विदेशी निवेश और व्यापार को प्रोत्साहन मिला। व्यापार बाधाओं (टैरिफ, कोटा) में कमी से अंतर्राष्ट्रीय व्यापार बढ़ा। बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने वैश्विक उत्पादन और विपणन नेटवर्क स्थापित किए। WTO, IMF, और विश्व बैंक जैसी संस्थाओं ने वैश्वीकरण को बढ़ावा दिया।
- तकनीकी प्रगति ने वैश्वीकरण को तेज किया।
- संचार और परिवहन के साधनों में सुधार से विश्व जुड़ा।
- उदारीकरण की नीतियों ने विदेशी निवेश को प्रोत्साहित किया।
- व्यापार बाधाओं में कमी से व्यापार बढ़ा।
- बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ वैश्वीकरण की प्रमुख वाहक हैं।
- अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएँ वैश्वीकरण को बढ़ावा देती हैं।
- 📌 तकनीकी प्रगति: नई तकनीकों के विकास से सूचना, उत्पादन और व्यापार में तेजी।
- 📌 उदारीकरण: सरकार द्वारा आर्थिक नियंत्रणों में ढील देना।
- 📌 बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ: वे कंपनियाँ जो एक से अधिक देशों में व्यापार करती हैं।
14.3 वैश्वीकरण के मुख्य लक्षण
परिभाषा14.3 वैश्वीकरण के मुख्य लक्षण
वैश्वीकरण के कुछ मुख्य लक्षण हैं: (1) वस्त्र, सेवाओं, पूंजी और श्रम का विश्व स्तर पर मुक्त प्रवाह, (2) बहुराष्ट्रीय कंपनियों की भूमिका में वृद्धि, (3) अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और निवेश में वृद्धि, (4) सूचना और संचार तकनीक का विस्तार, (5) सांस्कृतिक आदा
SLM - Business Environment (Hindi) के सभी 17 अध्याय
Business Environment · Vardhman Mahaveer Open University
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