Chapter 6
Chapter 6 — अध्ययन नोट्स
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6.1 केन्द्रीय बैंक की अवधारणा
परिभाषा6.1 केन्द्रीय बैंक की अवधारणा
केन्द्रीय बैंक वह संस्था है जो किसी देश की मुद्रा और बैंकिंग प्रणाली का नियंत्रण एवं विनियमन करती है। यह बैंकिंग क्षेत्र का सर्वोच्च प्राधिकरण होता है और अन्य सभी वाणिज्यिक बैंकों का संचालन, पर्यवेक्षण तथा नियमन करता है। केन्द्रीय बैंक का मुख्य उद्देश्य आर्थिक स्थिरता, मुद्रा का नियंत्रण, और वित्तीय प्रणाली की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। भारत में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) केन्द्रीय बैंक के रूप में कार्य करता है। केन्द्रीय बैंक का गठन आमतौर पर सरकार द्वारा किया जाता है और यह सार्वजनिक हित में कार्य करता है।
- केन्द्रीय बैंक देश की मुद्रा और बैंकिंग प्रणाली का नियंत्रण करता है।
- यह वाणिज्यिक बैंकों का संचालन और पर्यवेक्षण करता है।
- केन्द्रीय बैंक आर्थिक स्थिरता और वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
- भारत में RBI केन्द्रीय बैंक है।
- केन्द्रीय बैंक का गठन सरकार द्वारा किया जाता है।
- यह सार्वजनिक हित में कार्य करता है।
- 📌 केन्द्रीय बैंक: वह बैंक जो देश की मुद्रा और बैंकिंग प्रणाली का नियंत्रण करता है।
- 📌 वाणिज्यिक बैंक: वे बैंक जो आम जनता को बैंकिंग सेवाएँ प्रदान करते हैं।
6.2 केन्द्रीय बैंक के कार्य
व्याख्या6.2 केन्द्रीय बैंक के कार्य
केन्द्रीय बैंक के कार्य अनेक हैं, जिनमें प्रमुख हैं: मुद्रा का निर्गमन, वाणिज्यिक बैंकों का नियमन, सरकार का बैंक, विदेशी मुद्रा प्रबंधन, ऋण नियंत्रण, और आर्थिक स्थिरता बनाए रखना। केन्द्रीय बैंक मुद्रा का निर्गमन करता है, जिससे देश में मुद्रा की आपूर्ति नियंत्रित होती है। यह वाणिज्यिक बैंकों को लाइसेंस देता है, उनके कार्यों का निरीक्षण करता है, और आवश्यकता अनुसार निर्देश जारी करता है। सरकार का बैंक होने के नाते, केन्द्रीय बैंक सरकारी खातों का संचालन करता है, सरकारी ऋण का प्रबंधन करता है, और सरकार की वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करता है। विदेशी मुद्रा प्रबंधन के तहत, केन्द्रीय बैंक विदेशी मुद्रा भंडार का रखरखाव करता है और विनिमय दरों को नियंत्रित करता है। ऋण नियंत्रण के लिए यह विभिन्न उपकरणों जैसे रेपो दर, रिवर्स रेपो दर, कैश रिज़र्व रेशियो (CRR), और स्टैच्यूटरी लिक्विडिटी रेशियो (SLR) का उपयोग करता है।
- मुद्रा का निर्गमन और नियंत्रण केन्द्रीय बैंक का प्रमुख कार्य है।
- वाणिज्यिक बैंकों का नियमन और पर्यवेक्षण करता है।
- सरकार का बैंक और वित्तीय सलाहकार होता है।
- विदेशी मुद्रा भंडार का प्रबंधन करता है।
- ऋण नियंत्रण के लिए विभिन्न उपकरणों का प्रयोग करता है।
- आर्थिक स्थिरता बनाए रखने में सहायक होता है।
- 📌 मुद्रा निर्गमन: केन्द्रीय बैंक द्वारा मुद्रा जारी करना।
- 📌 रेपो दर: वह दर जिस पर वाणिज्यिक बैंक RBI से अल्पकालिक ऋण लेते हैं।
6.3 केन्द्रीय बैंक की भूमिका
अवधारणा6.3 केन्द्रीय बैंक की भूमिका
केन्द्रीय बैंक की भूमिका आर्थिक विकास, वित्तीय स्थिरता, और सामाजिक कल्याण में अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह देश की मौद्रिक नीति बनाता है, जिससे मुद्रा की आपूर्ति, ब्याज दरें, और ऋण की उपलब्धता नियंत्रित होती है। केन्द्रीय बैंक वित्तीय प्रणाली की सुरक्षा स
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Money, Banking & Public Finance · Vardhman Mahaveer Open University
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