Ch 11निःशुल्क

Chapter 11

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Money, Banking & Public Finance (Hindi)📖 8 नोट्स⏱️ ~12 मिनट
Chapter 10अध्याय 10 / 16Chapter 12

Chapter 11अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 8 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

11.1 विनिमय दर का अर्थ

परिभाषा

11.1 विनिमय दर का अर्थ

विनिमय दर वह दर है जिस पर एक देश की मुद्रा को दूसरे देश की मुद्रा के साथ बदला जाता है। यह दर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, निवेश और पूंजी प्रवाह के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। विनिमय दर के निर्धारण से विभिन्न देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों की तुलना संभव होती है। विनिमय दर का निर्धारण कई कारकों पर निर्भर करता है, जैसे- विदेशी मुद्रा की मांग और आपूर्ति, आर्थिक नीतियाँ, राजनीतिक स्थिरता, और बाजार की अपेक्षाएँ। विनिमय दर के दो प्रमुख प्रकार होते हैं: स्थिर विनिमय दर और परिवर्तनीय विनिमय दर। स्थिर विनिमय दर में सरकार या केंद्रीय बैंक द्वारा दर को नियंत्रित किया जाता है, जबकि परिवर्तनीय विनिमय दर में दर बाजार बलों के अनुसार बदलती रहती है।

  • विनिमय दर दो मुद्राओं के बीच विनिमय का अनुपात है।
  • यह दर अंतरराष्ट्रीय व्यापार को प्रभावित करती है।
  • विनिमय दर निर्धारण कई आर्थिक और राजनीतिक कारकों पर निर्भर करता है।
  • स्थिर और परिवर्तनीय विनिमय दर के दो प्रमुख प्रकार हैं।
  • विनिमय दर से वस्तुओं की अंतरराष्ट्रीय कीमतें निर्धारित होती हैं।
  • 📌 विनिमय दर: दो देशों की मुद्राओं के बीच विनिमय का अनुपात।
  • 📌 स्थिर विनिमय दर: सरकार द्वारा नियंत्रित विनिमय दर।
  • 📌 परिवर्तनीय विनिमय दर: बाजार बलों द्वारा निर्धारित विनिमय दर।

11.2 स्वर्णमान (Gold Standard) का परिचय

अवधारणा

11.2 स्वर्णमान (Gold Standard) का परिचय

स्वर्णमान वह प्रणाली है जिसमें मुद्रा का मूल्य स्वर्ण (सोना) की निश्चित मात्रा से जुड़ा होता है। इस प्रणाली के अंतर्गत प्रत्येक देश अपनी मुद्रा का मूल्य स्वर्ण की एक निश्चित मात्रा के बराबर निर्धारित करता है। स्वर्णमान के तहत, मुद्रा को स्वर्ण में बदला जा सकता है और अंतरराष्ट्रीय विनिमय दरें स्वर्ण की मात्रा के आधार पर तय होती हैं। 19वीं और 20वीं सदी के प्रारंभ में अधिकांश देशों ने स्वर्णमान अपनाया था। स्वर्णमान के प्रमुख लाभ यह हैं कि इससे विनिमय दर स्थिर रहती है, मुद्रास्फीति पर नियंत्रण रहता है, और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में विश्वास बढ़ता है। इसके बावजूद, स्वर्णमान की कुछ सीमाएँ भी हैं, जैसे- आर्थिक संकट के समय मुद्रा आपूर्ति सीमित हो जाती है, और देशों को स्वर्ण भंडार बनाए रखना पड़ता है।

  • स्वर्णमान में मुद्रा का मूल्य स्वर्ण की निश्चित मात्रा से जुड़ा होता है।
  • मुद्रा को स्वर्ण में बदला जा सकता है।
  • अंतरराष्ट्रीय विनिमय दरें स्वर्ण की मात्रा के आधार पर तय होती हैं।
  • स्वर्णमान से विनिमय दर स्थिर रहती है।
  • स्वर्णमान की सीमाएँ: मुद्रा आपूर्ति सीमित, स्वर्ण भंडार की आवश्यकता।
  • 📌 स्वर्णमान: मुद्रा का मूल्य स्वर्ण की निश्चित मात्रा से जुड़ा होता है।
  • 📌 स्वर्ण भंडार: केंद्रीय बैंक द्वारा संचित स्वर्ण।

11.3 स्वर्णमान के अंतर्गत विनिमय दर निर्धारण

व्याख्या

11.3 स्वर्णमान के अंतर्गत विनिमय दर निर्धारण

स्वर्णमान के अंतर्गत विनिमय दर का निर्धारण स्वर्ण की मात्रा के अनुपात से होता है। प्रत्येक देश अपनी मुद्रा का मूल्य स्वर्ण की निश्चित मात्रा के बराबर निर्धारित करता है। उदाहरण के लिए, यदि ब्रिटेन में 1 पाउंड = 113.0016 ग्राम स्वर्ण और भारत में 1 रुपय