Ch 13निःशुल्क

Chapter 13

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Money, Banking & Public Finance (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट
Chapter 12अध्याय 12 / 16Chapter 14

Chapter 13अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

13.1 सार्वजनिक आय का अर्थ

परिभाषा

13.1 सार्वजनिक आय का अर्थ

सार्वजनिक आय से तात्पर्य सरकार द्वारा विभिन्न स्रोतों से प्राप्त धनराशि है, जिसका उपयोग सार्वजनिक सेवाओं, विकास कार्यों एवं प्रशासनिक खर्चों के लिए किया जाता है। यह आय मुख्यतः करों, शुल्कों, लाभांश, सार्वजनिक उपक्रमों की आय, ऋण एवं अन्य स्रोतों से प्राप्त होती है। सार्वजनिक आय का अर्थ केवल सरकार की आय से है, न कि निजी क्षेत्र की आय से। सार्वजनिक आय का अध्ययन सार्वजनिक वित्त के अंतर्गत किया जाता है, जिसमें सरकार की आय, व्यय, ऋण एवं वित्तीय प्रशासन सम्मिलित होते हैं। सार्वजनिक आय के माध्यम से सरकार सामाजिक कल्याण, आर्थिक विकास, न्याय एवं सुरक्षा सुनिश्चित करती है। सार्वजनिक आय की प्रकृति विविध होती है, जिसमें कर आय, गैर-कर आय, ऋण आदि शामिल हैं।

  • सार्वजनिक आय सरकार की कुल प्राप्तियों को दर्शाती है।
  • यह आय कर, शुल्क, लाभांश, ऋण आदि से प्राप्त होती है।
  • सार्वजनिक आय का उपयोग सामाजिक कल्याण एवं विकास कार्यों में होता है।
  • सार्वजनिक आय का अध्ययन सार्वजनिक वित्त के अंतर्गत किया जाता है।
  • यह आय केवल सरकारी क्षेत्र से संबंधित होती है।
  • सार्वजनिक आय की प्रकृति विविध होती है।
  • 📌 सार्वजनिक आय: सरकार द्वारा विभिन्न स्रोतों से प्राप्त धनराशि।
  • 📌 सार्वजनिक वित्त: सरकार की आय, व्यय, ऋण एवं प्रशासन का अध्ययन।

13.2 सार्वजनिक आय के स्रोत

व्याख्या

13.2 सार्वजनिक आय के स्रोत

सार्वजनिक आय के स्रोत मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं: कर आय और गैर-कर आय। कर आय में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कर शामिल हैं। प्रत्यक्ष कर वे हैं जो सीधे व्यक्ति या संस्था पर लगाए जाते हैं, जैसे आयकर, संपत्ति कर। अप्रत्यक्ष कर वे हैं जो वस्तुओं एवं सेवाओं पर लगाए जाते हैं, जैसे वस्तु एवं सेवा कर (GST), सीमा शुल्क। गैर-कर आय में शुल्क, लाभांश, सार्वजनिक उपक्रमों की आय, जुर्माना, उपहार, अनुदान, ऋण आदि शामिल हैं। सरकार कभी-कभी आंतरिक एवं बाह्य ऋण भी लेती है, जिससे उसकी आय बढ़ती है। सार्वजनिक आय के स्रोतों का चयन सरकार की आर्थिक नीति, सामाजिक आवश्यकताओं एवं प्रशासनिक जरूरतों के अनुसार होता है।

  • सार्वजनिक आय के स्रोत मुख्यतः कर और गैर-कर आय हैं।
  • प्रत्यक्ष कर व्यक्ति या संस्था पर सीधे लगाए जाते हैं।
  • अप्रत्यक्ष कर वस्तुओं एवं सेवाओं पर लगाए जाते हैं।
  • गैर-कर आय में शुल्क, लाभांश, जुर्माना, उपहार आदि शामिल हैं।
  • सरकार आंतरिक एवं बाह्य ऋण भी लेती है।
  • स्रोतों का चयन सरकार की नीति पर निर्भर करता है।
  • 📌 प्रत्यक्ष कर: सीधे व्यक्ति या संस्था पर लगाए जाने वाले कर।
  • 📌 अप्रत्यक्ष कर: वस्तुओं एवं सेवाओं पर लगाए जाने वाले कर।

13.3 कर का अर्थ एवं प्रकार

परिभाषा

13.3 कर का अर्थ एवं प्रकार

कर वह अनिवार्य शुल्क है, जिसे सरकार नागरिकों एवं संस्थाओं से सार्वजनिक सेवाओं के लिए वसूलती है। कर का भुगतान अनिवार्य होता है और इसके बदले में कोई प्रत्यक्ष लाभ नहीं मिलता। कर मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं: प्रत्यक्ष कर और अप्रत्यक्ष कर। प्रत्यक्ष कर