Ch 14निःशुल्क

Chapter 14

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Money, Banking & Public Finance (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट
Chapter 13अध्याय 13 / 16Chapter 15

Chapter 14अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

14.1 कराघात एवं करापात की अवधारणा

अवधारणा

14.1 कराघात एवं करापात की अवधारणा

इस अनुभाग में कराघात (Tax Impact) एवं करापात (Tax Incidence) की मूल अवधारणाओं को स्पष्ट किया गया है। कराघात का अर्थ है वह बिंदु या व्यक्ति जिस पर कर लगाने की प्रक्रिया प्रारंभ होती है, अर्थात् जिसे सरकार द्वारा कर का दायित्व सौंपा जाता है। वहीं, करापात का तात्पर्य है वह अंतिम व्यक्ति या संस्था जिस पर कर का वास्तविक बोझ पड़ता है। उदाहरण के लिए, यदि सरकार ने किसी वस्तु पर उत्पाद शुल्क लगाया है, तो वह निर्माता पर लगाया गया कर है (कराघात), लेकिन यदि निर्माता यह कर उपभोक्ता पर मूल्य बढ़ाकर स्थानांतरित कर देता है, तो उपभोक्ता पर कर का बोझ पड़ता है (करापात)। इस प्रकार, कराघात और करापात के बीच अंतर को समझना सार्वजनिक वित्त के अध्ययन में अत्यंत महत्वपूर्ण है।

  • कराघात वह बिंदु है जहाँ कर लगाया जाता है।
  • करापात वह बिंदु है जहाँ कर का अंतिम बोझ पड़ता है।
  • कराघात और करापात में अंतर को समझना कर नीति के लिए आवश्यक है।
  • कर का स्थानांतरण (Shifting) कराघात से करापात तक की प्रक्रिया है।
  • सरकार द्वारा लगाए गए कर का बोझ हमेशा कराघात पर नहीं पड़ता।
  • 📌 कराघात: वह बिंदु या व्यक्ति जिस पर कर लगाया जाता है।
  • 📌 करापात: वह अंतिम व्यक्ति या संस्था जिस पर कर का वास्तविक बोझ पड़ता है।
  • 📌 स्थानांतरण: कर के बोझ को एक व्यक्ति से दूसरे पर स्थानांतरित करना।

14.2 कर स्थानांतरण की प्रक्रिया

व्याख्या

14.2 कर स्थानांतरण की प्रक्रिया

कर स्थानांतरण (Tax Shifting) की प्रक्रिया में कर का बोझ एक व्यक्ति या इकाई से दूसरी पर स्थानांतरित होता है। जब कोई कर लगाया जाता है, तो जिस पर कर लगाया गया है, वह कोशिश करता है कि कर का बोझ किसी अन्य पर डाल दे। यह स्थानांतरण मूल्य, वेतन, लाभ आदि के माध्यम से होता है। कर स्थानांतरण के दो मुख्य प्रकार हैं: आगे स्थानांतरण (Forward Shifting) और पीछे स्थानांतरण (Backward Shifting)। आगे स्थानांतरण में कर का बोझ उपभोक्ता पर स्थानांतरित होता है, जबकि पीछे स्थानांतरण में यह उत्पादक या विक्रेता पर वापस चला जाता है। कर स्थानांतरण की प्रक्रिया बाजार की संरचना, मांग व आपूर्ति की लोच, प्रतिस्पर्धा की स्थिति आदि पर निर्भर करती है।

  • कर स्थानांतरण में कर का बोझ एक इकाई से दूसरी पर जाता है।
  • आगे स्थानांतरण में कर उपभोक्ता पर जाता है।
  • पीछे स्थानांतरण में कर उत्पादक या विक्रेता पर पड़ता है।
  • मांग व आपूर्ति की लोच कर स्थानांतरण की दिशा तय करती है।
  • प्रतिस्पर्धा की स्थिति भी स्थानांतरण को प्रभावित करती है।
  • 📌 आगे स्थानांतरण: कर का बोझ उपभोक्ता पर डालना।
  • 📌 पीछे स्थानांतरण: कर का बोझ उत्पादक या विक्रेता पर रहना।
  • 📌 मांग की लोच: किसी वस्तु की मांग में मूल्य परिवर्तन के प्रति संवेदनशीलता।

14.3 कर स्थानांतरण के निर्धारण कारक

व्याख्या

14.3 कर स्थानांतरण के निर्धारण कारक

कर स्थानांतरण के निर्धारण में कई कारक भूमिका निभाते हैं। इनमें प्रमुख हैं: मांग व आपूर्ति की लोच, बाजार की संरचना (प्रतिस्पर्धा, एकाधिकार), कर की प्रकृति (प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष), वस्तु की आवश्यकताएँ, समयावधि आदि। यदि किसी वस्तु की मांग अल्प लोचशील