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Chapter 12

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Social Anthropology (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट
Chapter 11अध्याय 12 / 18Chapter 13

Chapter 12अध्ययन नोट्स

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परिचय

व्याख्या

परिचय

इस अनुभाग में भारत की जनजातियों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, उनकी सामाजिक संरचना और देश के सांस्कृतिक ताने-बाने में उनकी भूमिका का परिचय दिया गया है। भारत में जनजातियाँ देश की कुल जनसंख्या का लगभग 8.6% (जनगणना 2011) हैं, जो मुख्यतः सुदूरवर्ती, पहाड़ी, वनाच्छादित और सीमांत क्षेत्रों में निवास करती हैं। जनजातियों की सामाजिक संरचना, परंपराएँ, रीति-रिवाज, धार्मिक विश्वास और जीवनशैली मुख्यधारा की समाज से भिन्न होती है। भारतीय संविधान में इन्हें अनुसूचित जनजाति (Scheduled Tribes) के रूप में मान्यता दी गई है। जनजातियाँ अपने पारंपरिक जीवन, सामुदायिक भावना, प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भरता और स्वशासन की विशेषताओं के लिए जानी जाती हैं।

  • भारत में 700 से अधिक मान्यता प्राप्त जनजातियाँ हैं।
  • जनजातियाँ मुख्यतः प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर करती हैं।
  • इनकी अपनी विशिष्ट भाषा, संस्कृति और परंपराएँ होती हैं।
  • भारतीय संविधान में अनुसूचित जनजातियों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान हैं।
  • जनजातियों की सामाजिक संरचना सामुदायिक और सहयोगात्मक होती है।
  • 📌 जनजाति: एक ऐसी सामाजिक इकाई जो विशिष्ट क्षेत्र, संस्कृति, भाषा और परंपराओं के आधार पर पहचानी जाती है।
  • 📌 अनुसूचित जनजाति: वे जनजातियाँ जिन्हें संविधान की अनुसूची में सूचीबद्ध किया गया है।

भारत में जनजातियों का वितरण

व्याख्या

भारत में जनजातियों का वितरण

इस अनुभाग में भारत के विभिन्न क्षेत्रों में जनजातियों के वितरण का विस्तृत वर्णन किया गया है। भारत के पूर्वोत्तर राज्यों (अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मिजोरम, मणिपुर, त्रिपुरा, मेघालय), मध्य भारत (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा), पश्चिमी भारत (राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र), दक्षिण भारत (आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु) और अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में जनजातियों का घनत्व अधिक है। इन क्षेत्रों में जनजातियाँ भौगोलिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से विविधता लिए हुए हैं।

  • पूर्वोत्तर भारत में जनजातियों का प्रतिशत सर्वाधिक है।
  • मध्य भारत को 'जनजातीय पट्टी' कहा जाता है।
  • पश्चिमी घाट और अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में भी अनेक जनजातियाँ निवास करती हैं।
  • जनजातियों का वितरण भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार भिन्न-भिन्न है।
  • कुछ जनजातियाँ सीमांत क्षेत्रों में भी निवास करती हैं।
  • 📌 जनजातीय पट्टी: मध्य भारत का वह क्षेत्र जहाँ जनजातियों की सघनता अधिक है।
  • 📌 घनत्व: किसी क्षेत्र में प्रति वर्ग किलोमीटर जनसंख्या।

जनजातियों की सामाजिक संरचना

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जनजातियों की सामाजिक संरचना

इस अनुभाग में जनजातियों की सामाजिक संरचना, पारिवारिक व्यवस्था, विवाह, उत्तराधिकार, धार्मिक विश्वास और सामाजिक नियंत्रण के साधनों का वर्णन किया गया है। जनजातियों में सामान्यतः संयुक्त परिवार की व्यवस्था होती है, जिसमें सभी सदस्य सामूहिक रूप से रहते है