Chapter 1
Chapter 1 — अध्ययन नोट्स
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परिचय
व्याख्यापरिचय
इस खंड में सामाजिक मानवशास्त्र के उद्भव, विकास और उसकी आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया है। सामाजिक मानवशास्त्र मानव समाज के विविध पहलुओं का वैज्ञानिक अध्ययन है। यह समाज के गठन, संरचना, कार्यप्रणाली और उसमें होने वाले परिवर्तनों का विश्लेषण करता है। सामाजिक मानवशास्त्र का उद्भव 19वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में हुआ, जब यूरोपीय विद्वानों ने विभिन्न समाजों की तुलना करना आरंभ किया। इसका मुख्य उद्देश्य मानव समाज की विविधता को समझना और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली का अध्ययन करना है। सामाजिक मानवशास्त्र समाज के नियमों, परंपराओं, रीति-रिवाजों, मूल्यों और विश्वासों का विश्लेषण करता है। यह समाज के भीतर संबंधों, भूमिकाओं और समूहों के बीच अंतःक्रिया को भी समझता है। सामाजिक मानवशास्त्र का अध्ययन मानव समाज के विकास और उसमें आने वाले परिवर्तनों को समझने में सहायक है।
- सामाजिक मानवशास्त्र मानव समाज के वैज्ञानिक अध्ययन की एक शाखा है।
- यह समाज की संरचना, कार्यप्रणाली और उसमें होने वाले परिवर्तनों का विश्लेषण करता है।
- 19वीं शताब्दी में इसका उद्भव हुआ।
- यह समाज के नियमों, परंपराओं और मूल्यों का अध्ययन करता है।
- समाज के भीतर संबंधों और समूहों के अंतःक्रिया को समझता है।
- मानव समाज के विकास और परिवर्तन को समझने में सहायक है।
- 📌 सामाजिक मानवशास्त्र: मानव समाज के विविध पहलुओं का वैज्ञानिक अध्ययन।
- 📌 संरचना: समाज के विभिन्न अंगों का संगठन।
- 📌 कार्यप्रणाली: समाज के विभिन्न अंगों का कार्य करने का तरीका।
सामाजिक मानवशास्त्र की परिभाषा
परिभाषासामाजिक मानवशास्त्र की परिभाषा
इस खंड में सामाजिक मानवशास्त्र की विभिन्न विद्वानों द्वारा दी गई परिभाषाओं को प्रस्तुत किया गया है। सामाजिक मानवशास्त्र वह विज्ञान है, जो मानव समाज के संगठन, संरचना, कार्यप्रणाली, संस्थाओं, समूहों और उनमें होने वाले परिवर्तनों का अध्ययन करता है। रेडक्लिफ-ब्राउन के अनुसार, 'सामाजिक मानवशास्त्र समाज के सामाजिक संरचना का तुलनात्मक अध्ययन है।' मैलिनोव्स्की के अनुसार, 'यह समाज के कार्यों और संस्थाओं के बीच संबंधों का अध्ययन करता है।' सामाजिक मानवशास्त्र समाज के नियमों, परंपराओं, रीति-रिवाजों, विश्वासों और मूल्यों का वैज्ञानिक विश्लेषण करता है। यह समाज के भीतर संबंधों, भूमिकाओं और समूहों के बीच अंतःक्रिया को समझने का प्रयास करता है।
- सामाजिक मानवशास्त्र समाज के संगठन और संरचना का अध्ययन करता है।
- रेडक्लिफ-ब्राउन ने इसे समाज की संरचना का तुलनात्मक अध्ययन कहा।
- मैलिनोव्स्की ने संस्थाओं के कार्यों के अध्ययन पर बल दिया।
- यह समाज के नियमों, परंपराओं और मूल्यों का विश्लेषण करता है।
- समाज के भीतर संबंधों और समूहों के अंतःक्रिया को समझता है।
- 📌 संस्था: समाज द्वारा स्वीकृत नियमों और मूल्यों पर आधारित संगठन।
- 📌 समूह: दो या दो से अधिक व्यक्तियों का सामाजिक संबंध।
सामाजिक मानवशास्त्र की प्रकृति
अवधारणासामाजिक मानवशास्त्र की प्रकृति
इस खंड में सामाजिक मानवशास्त्र की प्रकृति अर्थात् उसकी विशेषताओं और अध्ययन की पद्धति का वर्णन किया गया है। सामाजिक मानवशास्त्र तुलनात्मक, वैज्ञानिक, विश्लेषणात्मक और अनुभवजन्य (एम्पिरिकल) अध्ययन पर आधारित है। यह समाज के विभिन्न पहलुओं का गहन अध्ययन क
SLM - Social Anthropology (Hindi) के सभी 18 अध्याय
Social Anthropology · Vardhman Mahaveer Open University
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