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Irrigation Projects and Water Conservation

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Irrigation Projects and Water Conservationअध्ययन नोट्स

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राजस्थान में सिंचाई की भौगोलिक स्थिति

व्याख्या

राजस्थान में सिंचाई की भौगोलिक स्थिति

राजस्थान भारत का सबसे बड़ा राज्य है, जिसमें कुल भौगोलिक क्षेत्रफल लगभग 3,42,239 वर्ग किमी है। यहाँ की जलवायु मुख्यतः शुष्क (arid) है तथा अधिकांश क्षेत्र मरुस्थलीय (desert) है। राज्य में औसत वार्षिक वर्षा 574 मिमी है, जो देश के औसत से काफी कम है। राजस्थान में जल संसाधनों की कमी के कारण कृषि में सिंचाई की आवश्यकता अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य के पश्चिमी भाग में सिंचाई के लिए मुख्यतः नहरें, जबकि पूर्वी भाग में कुएँ, ट्यूबवेल और तालाबों का प्रयोग होता है। राजस्थान में सिंचित क्षेत्र लगभग 32% है, जिसमें नहरों, कुओं, ट्यूबवेलों, तालाबों एवं अन्य स्रोतों का योगदान है। ⭐ परीक्षा महत्वपूर्ण तथ्य: • राजस्थान का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 3,42,239 वर्ग किमी है। • राज्य में सिंचित क्षेत्र लगभग 32% है (2021)। • औसत वार्षिक वर्षा 574 मिमी है। • राजस्थान के भौगोलिक क्षेत्रफल, सिंचित क्षेत्र एवं औसत वर्षा के आंकड़े अक्सर पूछे जाते हैं। • पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान के सिंचाई स्रोतों का अंतर याद रखें।

  • राजस्थान का 60% क्षेत्र मरुस्थलीय है, जिसमें सिंचाई की विशेष आवश्यकता है।
  • औसत वार्षिक वर्षा 574 मिमी, देश के औसत से कम।
  • राज्य में सिंचित क्षेत्रफल लगभग 32% (2021 के आंकड़े)।
  • पश्चिमी राजस्थान में नहरें, पूर्वी में कुएँ व ट्यूबवेल प्रमुख सिंचाई स्रोत हैं।
  • जल संरक्षण के लिए पारंपरिक एवं आधुनिक दोनों विधियाँ अपनाई जाती हैं।
  • 📌 मरुस्थलीय क्षेत्र: वह क्षेत्र जहाँ वर्षा अत्यंत कम होती है।
  • 📌 सिंचित क्षेत्र: वह कृषि भूमि जहाँ कृत्रिम जल स्रोतों से सिंचाई की जाती है।

राजस्थान की प्रमुख सिंचाई परियोजनाएँ

अवधारणा

राजस्थान की प्रमुख सिंचाई परियोजनाएँ

राजस्थान में सिंचाई हेतु कई प्रमुख परियोजनाएँ संचालित की गई हैं। इनमें सबसे प्रमुख इंदिरा गांधी नहर परियोजना (Indira Gandhi Canal Project), माही परियोजना (Mahi Project), चंबल परियोजना (Chambal Project), बिसलपुर परियोजना (Bisalpur Project), जवाई बांध परियोजना (Jawai Dam Project) आदि हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य राज्य के शुष्क एवं अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में जल उपलब्ध कराना है। इंदिरा गांधी नहर परियोजना राजस्थान की सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना है, जिसे 1958 में शुरू किया गया था। माही परियोजना 1972 में प्रारंभ हुई, जो दक्षिणी राजस्थान के बांसवाड़ा, डूंगरपुर एवं उदयपुर जिलों को सिंचाई जल उपलब्ध कराती है। चंबल परियोजना कोटा, झालावाड़, बूंदी एवं सवाई माधोपुर जिलों में सिंचाई हेतु विकसित की गई है। ⭐ परीक्षा महत्वपूर्ण तथ्य: • इंदिरा गांधी नहर परियोजना का प्रारंभ 1958 में हुआ। • माही परियोजना 1972 में शुरू हुई। • चंबल परियोजना 1954 में प्रारंभ हुई थी। • सिंचाई परियोजनाओं के नाम, वर्ष, संबंधित जिले व उद्देश्य अवश्य याद रखें। • इंदिरा गांधी नहर परियोजना से जुड़े जिलों के नाम अक्सर पूछे जाते हैं।

  • इंदिरा गांधी नहर परियोजना राजस्थान की सबसे बड़ी नहर है (1958)।
  • माही परियोजना 1972 में शुरू हुई, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर में सिंचाई।
  • चंबल परियोजना कोटा, बूंदी, झालावाड़, सवाई माधोपुर में सिंचाई।
  • बिसलपुर परियोजना टोंक, अजमेर, जयपुर में जल आपूर्ति एवं सिंचाई।
  • जवाई बांध परियोजना पाली जिले में स्थित है।
  • 📌 नहर परियोजना: नदी अथवा जलाशय से जल को कृत्रिम नहरों द्वारा कृषि भूमि तक पहुँचाना।
  • 📌 बांध (Dam): जल को रोकने व संग्रहित करने हेतु निर्मित संरचना।

इंदिरा गांधी नहर परियोजना (Indira Gandhi Canal Project)

व्याख्या

इंदिरा गांधी नहर परियोजना (Indira Gandhi Canal Project)

इंदिरा गांधी नहर परियोजना राजस्थान की सबसे बड़ी एवं महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजना है। इसे पहले राजस्थान नहर परियोजना के नाम से जाना जाता था। इसका उद्देश्य पश्चिमी राजस्थान के शुष्क क्षेत्रों में सिंचाई, पेयजल एवं औद्योगिक जल की आपूर्ति करना है। इस परियो