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Climate of Rajasthan

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Climate of Rajasthanअध्ययन नोट्स

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राजस्थान की जलवायु का परिचय

व्याख्या

राजस्थान की जलवायु का परिचय

राजस्थान भारत का सबसे बड़ा राज्य है, जिसकी जलवायु (Climate) मुख्यतः शुष्क (Arid) और अर्ध-शुष्क (Semi-arid) है। राज्य के अधिकांश भागों में वर्षा कम होती है, और तापमान में अत्यधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। राजस्थान की जलवायु को तीन प्रमुख भागों में बांटा जा सकता है: पश्चिमी शुष्क मरुस्थलीय क्षेत्र, पूर्वी अर्ध-शुष्क क्षेत्र, और दक्षिणी आर्द्र क्षेत्र। राज्य के पश्चिमी हिस्से में थार मरुस्थल (Thar Desert) स्थित है, जहाँ गर्मी के मौसम में तापमान 48°C तक पहुँच जाता है और सर्दियों में तापमान 0°C तक गिर जाता है। राजस्थान की जलवायु को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक हैं: भौगोलिक स्थिति, ऊँचाई, वायु प्रवाह, और मानसून (Monsoon)। ⭐ परीक्षा महत्वपूर्ण तथ्य: • राजस्थान का 60% क्षेत्र शुष्क है (RPSC 2022) • थार मरुस्थल भारत का सबसे बड़ा मरुस्थल है • माउंट आबू राजस्थान का एकमात्र पर्वतीय स्थल है • जलवायु के प्रकार और संबंधित जिलों को याद रखें • जैसलमेर और माउंट आबू की वर्षा के आंकड़े अक्सर पूछे जाते हैं

  • राजस्थान का लगभग 60% क्षेत्र शुष्क और अर्ध-शुष्क जलवायु में आता है।
  • थार मरुस्थल राज्य के पश्चिमी भाग में स्थित है, जहाँ वर्षा 100-300 मिमी प्रतिवर्ष होती है।
  • राजस्थान में तापमान का अंतर बहुत अधिक है — गर्मियों में 48°C और सर्दियों में 0°C तक।
  • राज्य का दक्षिणी भाग (उदयपुर, बांसवाड़ा) अपेक्षाकृत आर्द्र है, जहाँ वर्षा 800-1000 मिमी तक होती है।
  • राजस्थान की जलवायु को 'महाद्वीपीय जलवायु' (Continental Climate) भी कहा जाता है।
  • 📌 शुष्क जलवायु: वह जलवायु जिसमें वर्षा बहुत कम होती है।
  • 📌 अर्ध-शुष्क जलवायु: वह जलवायु जिसमें वर्षा शुष्क क्षेत्र से अधिक लेकिन आर्द्र क्षेत्र से कम होती है।
  • 📌 महाद्वीपीय जलवायु: वह जलवायु जिसमें तापमान में अत्यधिक अंतर होता है।

राजस्थान में तापमान की विशेषताएँ

क्या आप जानते हैं

राजस्थान में तापमान की विशेषताएँ

राजस्थान में तापमान (Temperature) की विशेषताएँ अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि यहाँ दिन और रात के तापमान में भारी अंतर देखने को मिलता है। गर्मियों के मौसम में राज्य के पश्चिमी भाग (जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर) में तापमान 45-48°C तक पहुँच जाता है, जबकि सर्दियों में यह 0°C से नीचे भी चला जाता है। राजस्थान में 'महाद्वीपीय प्रभाव' (Continental Effect) के कारण तापमान में यह अंतर आता है। पर्वतीय क्षेत्र (माउंट आबू) में तापमान अपेक्षाकृत कम रहता है। ⭐ परीक्षा महत्वपूर्ण तथ्य: • राजस्थान में भारत का सबसे अधिक तापमान (50.8°C) चुरू में दर्ज हुआ (2019) • दिन-रात के तापमान में बड़ा अंतर राजस्थान की विशेषता है • माउंट आबू में तापमान सबसे कम उतार-चढ़ाव वाला है • राजस्थान के तापमान रिकॉर्ड्स (जैसलमेर, चुरू, फलौदी) को याद रखें • महाद्वीपीय प्रभाव का अर्थ और परिणाम समझें

  • राजस्थान के पश्चिमी जिलों में गर्मियों में अधिकतम तापमान 48°C तक पहुँच जाता है।
  • सर्दियों में चुरू, श्रीगंगानगर, और फलौदी में न्यूनतम तापमान 0°C या उससे कम दर्ज किया गया है।
  • माउंट आबू में तापमान गर्मियों में 30°C और सर्दियों में 5°C तक रहता है।
  • राजस्थान में दिन-रात के तापमान में 20-25°C का अंतर सामान्य है।
  • राजस्थान में 2019 में चुरू में 50.8°C तापमान दर्ज किया गया था।
  • 📌 महाद्वीपीय प्रभाव: भूमि के दूर-दूर तक फैले होने के कारण तापमान में अत्यधिक अंतर।
  • 📌 अधिकतम तापमान: दिन का सबसे ऊँचा तापमान।
  • 📌 न्यूनतम तापमान: रात का सबसे कम तापमान।

राजस्थान में वर्षा की स्थिति

व्याख्या

राजस्थान में वर्षा की स्थिति

राजस्थान में वर्षा (Rainfall) मुख्यतः दक्षिण-पश्चिमी मानसून (South-West Monsoon) के कारण होती है, जो जून से सितंबर तक सक्रिय रहता है। राज्य के पश्चिमी भाग (जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर) में सबसे कम वर्षा होती है, जबकि दक्षिणी और पूर्वी भाग (उदयपुर, बांस