Chapter 6
Chapter 6 — अध्ययन नोट्स
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6.1 परिचय
व्याख्या6.1 परिचय
इस अनुभाग में प्रतिलोम अंतर्वेशन (Inverse Interpolation) की अवधारणा का परिचय दिया गया है। प्रतिलोम अंतर्वेशन वह विधि है जिसमें ज्ञात सारणीबद्ध मानों के आधार पर किसी निर्दिष्ट y के लिए x का मान ज्ञात किया जाता है। सामान्यतः अंतर्वेशन में x के लिए y ज्ञात किया जाता है, परन्तु कई व्यावहारिक समस्याओं में y ज्ञात होता है और x ज्ञात करना होता है, जैसे - तापमान के किसी मान पर समय ज्ञात करना, या किसी रासायनिक अभिक्रिया के लिए आवश्यक समय का अनुमान लगाना। इस अध्याय में प्रतिलोम अंतर्वेशन की आवश्यकता, उसकी विधियाँ, और उनके अनुप्रयोगों का विस्तार से अध्ययन किया गया है।
- प्रतिलोम अंतर्वेशन में y के लिए x ज्ञात किया जाता है।
- यह विधि तब उपयोगी है जब x और y के बीच संबंध सारणीबद्ध हो।
- सामान्य अंतर्वेशन के विपरीत, यहाँ स्वतंत्र चर (x) अज्ञात होता है।
- यह विधि गणित, भौतिकी, रसायन, सांख्यिकी आदि में प्रयुक्त होती है।
- सारणीबद्ध मानों के बीच प्रतिलोम अंतर्वेशन द्वारा अनुमान लगाया जाता है।
- इस अध्याय में विभिन्न प्रतिलोम अंतर्वेशन विधियों का अध्ययन किया गया है।
- 📌 प्रतिलोम अंतर्वेशन: ज्ञात y के लिए x का अनुमान लगाना।
- 📌 सारणीबद्ध मान: x और y के युग्मित मानों की तालिका।
6.2 प्रतिलोम अंतर्वेशन की आवश्यकता
अवधारणा6.2 प्रतिलोम अंतर्वेशन की आवश्यकता
इस अनुभाग में प्रतिलोम अंतर्वेशन की आवश्यकता और उसकी उपयोगिता को विस्तार से समझाया गया है। कई बार व्यावहारिक समस्याओं में हमें किसी फलन y = f(x) के लिए y ज्ञात होता है और x ज्ञात करना होता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी तापमान पर रासायनिक अभिक्रिया का समय ज्ञात करना हो, या किसी सांख्यिकीय वितरण में संभाव्यता के लिए x का मान ज्ञात करना हो। ऐसे में प्रतिलोम अंतर्वेशन विधि का प्रयोग किया जाता है। सामान्य अंतर्वेशन विधियों से x ज्ञात करना कठिन होता है, अतः प्रतिलोम अंतर्वेशन की विशेष विधियाँ विकसित की गई हैं।
- व्यावहारिक समस्याओं में y ज्ञात होने पर x ज्ञात करना आवश्यक होता है।
- सामान्य अंतर्वेशन विधियाँ प्रतिलोम अंतर्वेशन के लिए उपयुक्त नहीं होतीं।
- प्रतिलोम अंतर्वेशन से गणना सरल और सटीक होती है।
- यह विधि सांख्यिकी, भौतिकी, रसायन, अभियांत्रिकी आदि क्षेत्रों में प्रयुक्त होती है।
- प्रतिलोम अंतर्वेशन के लिए विशेष सूत्र और विधियाँ विकसित की गई हैं।
- 📌 फलन (Function): दो चरों के बीच संबंध।
- 📌 अंतर्वेशन (Interpolation): ज्ञात मानों के बीच अनुमान लगाना।
6.3 प्रतिलोम न्यूटन अंतर्वेशन विधि
व्याख्या6.3 प्रतिलोम न्यूटन अंतर्वेशन विधि
इस अनुभाग में प्रतिलोम न्यूटन अंतर्वेशन विधि का विस्तार से वर्णन किया गया है। सामान्य न्यूटन अंतर्वेशन विधि में y = f(x) के लिए x के मान ज्ञात होने पर y का अनुमान लगाया जाता है। प्रतिलोम अंतर्वेशन में, ज्ञात y के लिए x का अनुमान लगाने हेतु न्यूटन के
SLM - Numerical Analysis and Vector Calculus (Hindi) के सभी 18 अध्याय
Numerical Analysis and Vector Calculus · Vardhman Mahaveer Open University
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