Chapter 4
Chapter 4 — अध्ययन नोट्स
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4.1 प्रस्तावना
व्याख्या4.1 प्रस्तावना
इस अनुभाग में असमान अंतराल द्वारा अंतर्वेशन की आवश्यकता, महत्व और इसकी पृष्ठभूमि पर चर्चा की गई है। जब हमें किसी फलन के मान ज्ञात करने होते हैं, किंतु उपलब्ध आँकड़े असमान अंतरालों पर दिए गए होते हैं, तब सामान्य रूप से प्रयुक्त न्यूटन-गौस, स्टर्लिंग आदि विधियाँ उपयुक्त नहीं होतीं। ऐसे में असमान अंतरालों के लिए विशेष अंतर्वेशन विधियाँ विकसित की गई हैं। इस अध्याय में इन्हीं विधियों का अध्ययन किया जाएगा। असमान अंतरालों के उदाहरण वास्तविक जीवन में बहुतायत में मिलते हैं, जैसे - मौसम विज्ञान में तापमान के मापन, अर्थशास्त्र में समय-समय पर प्राप्त आँकड़े आदि।
- असमान अंतरालों के लिए सामान्य अंतर्वेशन विधियाँ उपयुक्त नहीं होतीं।
- वास्तविक जीवन में असमान अंतरालों पर आँकड़े अधिक मिलते हैं।
- इस अध्याय में असमान अंतरालों के लिए अंतर्वेशन विधियाँ पढ़ेंगे।
- अंतर्वेशन का उद्देश्य ज्ञात बिंदुओं के मध्य फलन के मान निकालना है।
- असमान अंतरालों के लिए न्यूटन की विभाजित अंतर विधि मुख्य है।
- 📌 अंतर्वेशन: ज्ञात बिंदुओं के मध्य फलन के मान ज्ञात करने की प्रक्रिया।
- 📌 असमान अंतराल: जहाँ x के मानों के बीच की दूरी समान नहीं होती।
4.2 विभाजित अंतर (Divided Differences)
परिभाषा4.2 विभाजित अंतर (Divided Differences)
इस अनुभाग में विभाजित अंतर की परिभाषा, गणना की विधि और इसके गुणों का विस्तार से वर्णन है। विभाजित अंतर असमान अंतरालों के लिए एक महत्वपूर्ण संकल्पना है। यदि y₀, y₁, ..., yₙ किसी फलन के मान x₀, x₁, ..., xₙ पर दिए गए हैं, तो प्रथम विभाजित अंतर (y₁ - y₀)/(x₁ - x₀) होगा। इसी प्रकार उच्च कोटि के विभाजित अंतर क्रमशः निकाले जाते हैं। विभाजित अंतर का उपयोग न्यूटन के विभाजित अंतर सूत्र में किया जाता है। विभाजित अंतर का एक विशेष गुण यह है कि यदि फलन बहुपद है, तो nवें कोटि का विभाजित अंतर स्थिर होता है।
- विभाजित अंतर असमान अंतरालों के लिए उपयुक्त है।
- प्रथम विभाजित अंतर: (y₁ - y₀)/(x₁ - x₀)
- द्वितीय विभाजित अंतर: ([y₂, y₁] - [y₁, y₀])/(x₂ - x₀)
- nवें कोटि का विभाजित अंतर n+1 बिंदुओं पर निर्भर करता है।
- बहुपद फलन के लिए उच्चतम कोटि का विभाजित अंतर स्थिर होता है।
- 📌 विभाजित अंतर: दो या अधिक बिंदुओं के y के मानों के अंतर को x के अंतर से भाग देने पर प्राप्त मान।
- 📌 कोटि: विभाजित अंतर की श्रेणी (प्रथम, द्वितीय, तृतीय आदि)।
4.3 विभाजित अंतर की गुणधर्म
अवधारणा4.3 विभाजित अंतर की गुणधर्म
इस अनुभाग में विभाजित अंतर के प्रमुख गुणधर्मों का वर्णन है। विभाजित अंतर रैखिक होते हैं, अर्थात यदि दो फलनों के विभाजित अंतर ज्ञात हों, तो उनके योग का विभाजित अंतर उनके विभाजित अंतर के योग के बराबर होगा। यदि फलन बहुपद है, तो nवें कोटि का विभाजित अंतर
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Numerical Analysis and Vector Calculus · Vardhman Mahaveer Open University
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