Chapter 3
Chapter 3 — अध्ययन नोट्स
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3.1 समद्वितीय स्थित की मूलभूत अवधारणा
अवधारणा3.1 समद्वितीय स्थित की मूलभूत अवधारणा
इस अनुभाग में समद्वितीय स्थित (Exact Differential Equations) की मूलभूत अवधारणा को विस्तार से समझाया गया है। समद्वितीय स्थित वे स्थितियाँ होती हैं, जिनमें दो चर वाले समीकरणों को एक ही फलन के रूप में लिखा जा सकता है। यदि किसी समीकरण को dy/dx = f(x, y) के रूप में लिखा जाए, और वह समीकरण M(x, y) dx + N(x, y) dy = 0 के रूप में हो, तो उसे समद्वितीय स्थित कहा जाता है जब M और N ऐसे फलन हों कि ∂M/∂y = ∂N/∂x हो। इसका अर्थ है कि समीकरण में उपस्थित दोनों पदों का आंशिक अवकलन एक दूसरे के बराबर होना चाहिए। समद्वितीय स्थित का हल निकालने के लिए एक संभावित फलन F(x, y) ढूंढा जाता है, जिससे समीकरण F(x, y) = C के रूप में लिखा जा सके। यह अवधारणा गणितीय विश्लेषण में अत्यंत महत्वपूर्ण है, विशेषकर जब हमें दो चर वाले समीकरणों का हल निकालना हो।
- समद्वितीय स्थित में M(x, y) dx + N(x, y) dy = 0 का रूप होता है।
- समद्वितीय स्थित की शर्त: ∂M/∂y = ∂N/∂x
- समद्वितीय स्थित का हल संभावित फलन F(x, y) = C के रूप में होता है।
- यह अवधारणा बहुचर समीकरणों के हल में उपयोगी है।
- समद्वितीय स्थित का परीक्षण आंशिक अवकलन से किया जाता है।
- यह विषय आगे के अनुभागों में हल की विधि से जुड़ा है।
- 📌 समद्वितीय स्थित: ऐसा समीकरण जिसमें आंशिक अवकलन की शर्त पूरी होती है।
- 📌 आंशिक अवकलन: किसी फलन का एक चर के सापेक्ष अवकलन।
3.2 समद्वितीय स्थित का हल निकालने की विधि
व्याख्या3.2 समद्वितीय स्थित का हल निकालने की विधि
इस अनुभाग में समद्वितीय स्थित का हल निकालने की विस्तृत विधि बताई गई है। सबसे पहले, समीकरण M(x, y) dx + N(x, y) dy = 0 को देखा जाता है। यदि यह समद्वितीय स्थित है, तो हम संभावित फलन F(x, y) ढूंढते हैं, जिससे F(x, y) = C के रूप में हल लिखा जा सके। हल निकालने के लिए निम्नलिखित चरण अपनाए जाते हैं: 1. M(x, y) को x के सापेक्ष समाकलन करें। 2. N(x, y) को y के सापेक्ष समाकलन करें, लेकिन केवल वे पद जो x के समाकलन में नहीं आए हैं। 3. दोनों समाकलनों को जोड़कर F(x, y) प्राप्त करें। 4. F(x, y) = C के रूप में अंतिम हल लिखें। इस विधि से समद्वितीय स्थित का हल सरलता से निकाला जा सकता है।
- हल निकालने के लिए संभावित फलन F(x, y) ढूंढना आवश्यक है।
- M(x, y) को x के सापेक्ष समाकलन करें।
- N(x, y) को y के सापेक्ष समाकलन करें, केवल वे पद जो पहले नहीं आए।
- दोनों समाकलनों को जोड़कर F(x, y) प्राप्त करें।
- अंतिम हल F(x, y) = C के रूप में लिखा जाता है।
- यह विधि आगे उदाहरणों में प्रयोग की जाएगी।
- 📌 समाकलन: किसी फलन का क्षेत्रफल निकालने की विधि।
- 📌 संभावित फलन: वह फलन जिससे समीकरण का हल प्राप्त होता है।
3.3 समद्वितीय स्थित के हल के उदाहरण
व्याख्या3.3 समद्वितीय स्थित के हल के उदाहरण
इस अनुभाग में समद्वितीय स्थित के हल के विस्तृत उदाहरण दिए गए हैं। प्रत्येक उदाहरण में समीकरण की समद्वितीयता की जाँच, हल निकालने की विधि, और अंतिम उत्तर प्रस्तुत किया गया है। उदाहरणों के माध्यम से छात्रों को व्यावहारिक समझ विकसित होती है। उदाहरण 1: (x
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