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Chapter 5

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Numerical Analysis and Vector Calculus (Hindi)📖 8 नोट्स⏱️ ~12 मिनट
Chapter 4अध्याय 8 / 18Chapter 6

Chapter 5अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 8 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

5.1 परिचय

व्याख्या

5.1 परिचय

इस अनुभाग में केंद्रिय अंतर अंतर्वेशन (Central Difference Interpolation) की आवश्यकता, महत्व और इसकी भूमिका के बारे में विस्तार से बताया गया है। संख्यात्मक विश्लेषण में जब हमें किसी फलन के मध्य बिंदुओं पर मान ज्ञात करने होते हैं, तब केंद्रिय अंतर अंतर्वेशन विधियाँ अत्यंत उपयोगी होती हैं। यह विधियाँ विशेष रूप से तब उपयुक्त होती हैं जब ज्ञात बिंदु तालिका के मध्य में हो और अंतराल (h) समान हो। केंद्रिय अंतर अंतर्वेशन विधियाँ जैसे गॉस की अग्रगामी (Gauss Forward), गॉस की पश्चगामी (Gauss Backward), स्टर्लिंग (Stirling), बेसेल (Bessel) आदि का परिचय दिया गया है। इन विधियों में अंतर (Difference) के केंद्र बिंदु के सापेक्ष मान निकाले जाते हैं, जिससे सन्निकटन अधिक सटीक होता है।

  • केंद्रिय अंतर अंतर्वेशन विधियाँ तब प्रयुक्त होती हैं जब ज्ञात बिंदु तालिका के मध्य में हो।
  • इन विधियों में अंतराल (h) समान होना आवश्यक है।
  • गॉस की अग्रगामी, गॉस की पश्चगामी, स्टर्लिंग, बेसेल विधियाँ प्रमुख केंद्रिय अंतर अंतर्वेशन विधियाँ हैं।
  • केंद्रिय अंतर विधियों से सन्निकटन अधिक सटीक होता है।
  • ये विधियाँ न्यूटन की अग्रगामी/पश्चगामी विधियों से अधिक उपयुक्त हैं जब बिंदु तालिका के मध्य में हो।
  • इन विधियों में अंतर (Difference) के केंद्र बिंदु के सापेक्ष मान निकाले जाते हैं।
  • 📌 केंद्रिय अंतर (Central Difference): किसी बिंदु के दोनों ओर के अंतर का औसत।
  • 📌 अंतर्वेशन (Interpolation): ज्ञात बिंदुओं के मध्य किसी मान का सन्निकटन।

5.2 केंद्रिय अंतर की परिभाषा एवं संकेतन

परिभाषा

5.2 केंद्रिय अंतर की परिभाषा एवं संकेतन

इस अनुभाग में केंद्रिय अंतर (Central Difference) की औपचारिक परिभाषा, संकेतन (Notation) और विभिन्न अंतर संचालकों (Operators) का विवरण दिया गया है। केंद्रिय अंतर का संकेतन डेल्टा (Δ), नैबला (∇), ईटा (E), म्यू (μ), डेल (δ) आदि के माध्यम से किया जाता है। केंद्रिय अंतर का मुख्य उद्देश्य ज्ञात बिंदुओं के मध्य के मानों का सन्निकटन करना है। केंद्रिय अंतर संचालकों के माध्यम से फलन के मानों के बीच संबंध स्थापित किया जाता है।

  • केंद्रिय अंतर का संकेतन δy₀ = y₁/₂ - y₋₁/₂ द्वारा किया जाता है।
  • ईटा (E) संचालक फलन को एक स्थान आगे स्थानांतरित करता है।
  • नैबला (∇) संचालक फलन को एक स्थान पीछे स्थानांतरित करता है।
  • डेल्टा (Δ) संचालक अग्रगामी अंतर दर्शाता है।
  • केंद्रिय अंतर संचालक (δ) केंद्र बिंदु के दोनों ओर के अंतर का औसत दर्शाता है।
  • केंद्रिय अंतर का उपयोग केंद्र बिंदु के समीप सन्निकटन के लिए किया जाता है।
  • 📌 डेल्टा (Δ): अग्रगामी अंतर संचालक।
  • 📌 नैबला (∇): पश्चगामी अंतर संचालक।
  • 📌 ईटा (E): स्थानांतरण संचालक।

5.3 गॉस की अग्रगामी केंद्रिय अंतर अंतर्वेशन सूत्र

सूत्र

5.3 गॉस की अग्रगामी केंद्रिय अंतर अंतर्वेशन सूत्र

इस अनुभाग में गॉस की अग्रगामी केंद्रिय अंतर अंतर्वेशन सूत्र (Gauss Forward Central Difference Interpolation Formula) का विस्तार से विवेचन किया गया है। जब ज्ञात बिंदु तालिका के मध्य में हो और वांछित मान केंद्र के समीप हो, तब यह सूत्र अत्यंत उपयुक्त है