Chapter 2
Chapter 2 — अध्ययन नोट्स
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2.1 परिचय
व्याख्या2.1 परिचय
इस अनुभाग में परिमित अंतर (Finite Differences) की मूल अवधारणा का परिचय दिया गया है। परिमित अंतर संख्यात्मक विश्लेषण का एक महत्वपूर्ण भाग है, जिसका उपयोग फलनों के मानों के बीच के अंतर को ज्ञात करने के लिए किया जाता है। जब किसी फलन के मान एक निश्चित अंतराल (h) पर ज्ञात होते हैं, तो उनके बीच के अंतर को परिमित अंतर कहते हैं। यह अध्याय मुख्यतः आगे के अंतर (Forward Differences), पीछे के अंतर (Backward Differences), केंद्रीय अंतर (Central Differences) तथा विभेदक संचालकों (Difference Operators) के सिद्धांतों पर केंद्रित है। परिमित अंतर का प्रयोग बहुपदों के सन्निकटन, अवकलन, समाकलन, तथा अंतर समीकरणों के हल में किया जाता है।
- परिमित अंतर फलनों के मानों के बीच के अंतर को दर्शाता है।
- यह विधि संख्यात्मक विश्लेषण में बहुपद सन्निकटन, अवकलन, समाकलन में प्रयुक्त होती है।
- अंतराल (h) समान होना चाहिए।
- मुख्य रूप से आगे, पीछे, एवं केंद्रीय अंतर का अध्ययन किया जाता है।
- विभेदक संचालक (Difference Operator) का प्रयोग किया जाता है।
- 📌 परिमित अंतर: फलनों के मानों के बीच के निश्चित अंतर।
- 📌 अंतराल (h): दो बिंदुओं के बीच की दूरी।
2.2 आगे का अंतर (Forward Differences)
अवधारणा2.2 आगे का अंतर (Forward Differences)
आगे का अंतर (Forward Difference) वह अंतर है, जिसमें किसी फलन के दो क्रमागत मानों के बीच का अंतर लिया जाता है, अर्थात् y(x + h) और y(x) के बीच का अंतर। इसे Δy(x) द्वारा निरूपित किया जाता है। आगे के अंतर का मुख्य उपयोग बहुपद सन्निकटन, अवकलन, तथा अंतर समीकरणों के हल में किया जाता है। यदि y₀, y₁, y₂,..., yₙ क्रमशः x₀, x₁, x₂,..., xₙ पर फलन y(x) के मान हैं, तो आगे का अंतर निम्न प्रकार से परिभाषित है: Δy₀ = y₁ − y₀ Δy₁ = y₂ − y₁ Δy₂ = y₃ − y₂ इसी प्रकार उच्च कोटि के अंतर भी निकाले जा सकते हैं।
- आगे का अंतर दो क्रमागत मानों के बीच का अंतर है।
- इसे Δ (डेल्टा) संचालक द्वारा दर्शाया जाता है।
- मुख्यतः x के बढ़ते क्रम में प्रयुक्त होता है।
- उच्च कोटि के अंतर भी इसी प्रकार निकाले जाते हैं।
- बहुपद सन्निकटन में विशेष उपयोगी।
- 📌 आगे का अंतर (Forward Difference): y(x + h) और y(x) के बीच का अंतर।
- 📌 डेल्टा संचालक (Δ): आगे के अंतर का संकेत।
2.3 पीछे का अंतर (Backward Differences)
अवधारणा2.3 पीछे का अंतर (Backward Differences)
पीछे का अंतर (Backward Difference) वह अंतर है, जिसमें किसी फलन के दो क्रमागत मानों में पूर्ववर्ती मान से वर्तमान मान घटाया जाता है, अर्थात् y(x) और y(x − h) के बीच का अंतर। इसे ∇y(x) द्वारा निरूपित किया जाता है। पीछे के अंतर का उपयोग तब किया जाता है
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Numerical Analysis and Vector Calculus · Vardhman Mahaveer Open University
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