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Chapter 6

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Foundation of Political Science (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट
Chapter 5अध्याय 6 / 16Chapter 7

Chapter 6अध्ययन नोट्स

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राजनीतिक व्यवस्था की अवधारणा

अवधारणा

राजनीतिक व्यवस्था की अवधारणा

राजनीतिक व्यवस्था (Political System) एक व्यापक अवधारणा है, जो समाज के भीतर सत्ता, अधिकार, नियम, और संस्थाओं के माध्यम से सामाजिक आदेश की स्थापना और नियंत्रण से संबंधित है। यह व्यवस्था समाज में राजनीतिक प्रक्रियाओं, संस्थाओं और उनके कार्यों का समन्वय करती है। राजनीतिक व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य समाज में शांति, सुरक्षा, न्याय और विकास सुनिश्चित करना है। डेविड ईस्टन के अनुसार, राजनीतिक व्यवस्था वह प्रणाली है, जिसके माध्यम से समाज में मूल्यों का वितरण होता है और नागरिकों की मांगों का समाधान होता है। राजनीतिक व्यवस्था समाज के अन्य उप-प्रणालियों (जैसे आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक) के साथ घनिष्ठ रूप से जुड़ी होती है। यह व्यवस्था सत्ता के स्रोत, उसके प्रयोग, और उसके नियंत्रण के नियमों को निर्धारित करती है। राजनीतिक व्यवस्था के अंतर्गत सरकार, राजनीतिक दल, न्यायपालिका, ब्यूरोक्रेसी, चुनाव प्रणाली आदि आते हैं। यह व्यवस्था समाज में वैधता (legitimacy) और अधिकारिता (authority) की स्थापना करती है, जिससे नागरिकों में राजनीतिक स्थिरता और विश्वास बना रहता है।

  • राजनीतिक व्यवस्था समाज में सत्ता और अधिकार के वितरण की प्रक्रिया है।
  • यह व्यवस्था राजनीतिक संस्थाओं और प्रक्रियाओं का समन्वय करती है।
  • डेविड ईस्टन ने राजनीतिक व्यवस्था को इनपुट-आउटपुट मॉडल के रूप में समझाया।
  • राजनीतिक व्यवस्था समाज के अन्य उप-प्रणालियों से घनिष्ठ रूप से जुड़ी होती है।
  • यह व्यवस्था वैधता और अधिकारिता की स्थापना करती है।
  • राजनीतिक व्यवस्था के अंतर्गत सरकार, न्यायपालिका, राजनीतिक दल आदि आते हैं।
  • 📌 राजनीतिक व्यवस्था: समाज में सत्ता और अधिकार के वितरण की प्रक्रिया।
  • 📌 वैधता: सत्ता के प्रयोग को समाज द्वारा स्वीकार्यता।
  • 📌 अधिकारिता: सत्ता के प्रयोग का वैधानिक अधिकार।

राजनीतिक व्यवस्था के तत्व

व्याख्या

राजनीतिक व्यवस्था के तत्व

राजनीतिक व्यवस्था के तत्व वे प्रमुख घटक हैं, जो मिलकर संपूर्ण राजनीतिक व्यवस्था का निर्माण करते हैं। ये तत्व समाज में सत्ता के प्रयोग, नियंत्रण और वितरण के लिए आवश्यक हैं। मुख्यतः राजनीतिक व्यवस्था के तीन प्रमुख तत्व माने जाते हैं: (1) सरकार (Government), (2) राजनीतिक दल (Political Parties), और (3) ब्यूरोक्रेसी (Bureaucracy)। सरकार राजनीतिक निर्णय लेने और उन्हें लागू करने वाली सर्वोच्च संस्था है। राजनीतिक दल नागरिकों की इच्छाओं और विचारों को संगठित करते हैं तथा सत्ता प्राप्ति के लिए चुनाव में भाग लेते हैं। ब्यूरोक्रेसी प्रशासनिक कार्यों के निष्पादन के लिए जिम्मेदार होती है। इनके अतिरिक्त, न्यायपालिका, चुनाव आयोग, दबाव समूह, और नागरिक समाज भी राजनीतिक व्यवस्था के महत्वपूर्ण तत्व हैं। प्रत्येक तत्व का अपना विशिष्ट कार्य और महत्व है, जो व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने में सहायक होता है।

  • सरकार राजनीतिक व्यवस्था का केंद्रीय तत्व है।
  • राजनीतिक दल नागरिकों की इच्छाओं को संगठित करते हैं।
  • ब्यूरोक्रेसी प्रशासनिक कार्यों को निष्पादित करती है।
  • न्यायपालिका कानून की व्याख्या और न्याय सुनिश्चित करती है।
  • चुनाव आयोग स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराता है।
  • दबाव समूह और नागरिक समाज भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  • 📌 सरकार: राजनीतिक निर्णय लेने और लागू करने वाली संस्था।
  • 📌 राजनीतिक दल: सत्ता प्राप्ति के लिए संगठित समूह।
  • 📌 ब्यूरोक्रेसी: प्रशासनिक अधिकारियों की संरचना।

राजनीतिक व्यवस्था के कार्य

व्याख्या

राजनीतिक व्यवस्था के कार्य

राजनीतिक व्यवस्था के कार्य समाज में शांति, सुरक्षा, न्याय और विकास को सुनिश्चित करने के लिए किए जाते हैं। डेविड ईस्टन के अनुसार, राजनीतिक व्यवस्था का मुख्य कार्य समाज की मांगों और समर्थन (inputs) को निर्णयों (outputs) में बदलना है। राजनीतिक व्यवस्था