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Chapter 15

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Foundation of Political Science (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट
Chapter 14अध्याय 15 / 16Chapter 16

Chapter 15अध्ययन नोट्स

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मार्क्सवाद : परिचय

व्याख्या

मार्क्सवाद : परिचय

मार्क्सवाद राजनीतिक विज्ञान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण विचारधारा है, जिसकी स्थापना कार्ल मार्क्स और फ्रेडरिक एंगेल्स ने 19वीं शताब्दी में की थी। मार्क्सवाद का मूल उद्देश्य समाज में व्याप्त वर्ग संघर्ष, आर्थिक असमानता और शोषण की व्याख्या करना है। यह विचारधारा मानती है कि समाज दो मुख्य वर्गों में विभाजित है—पूंजीपति (बुर्जुआ) और श्रमिक (प्रोलितारियट)। मार्क्सवाद का मानना है कि उत्पादन के साधनों पर नियंत्रण रखने वाले वर्ग (पूंजीपति) श्रमिक वर्ग का शोषण करते हैं। मार्क्सवादी दृष्टिकोण के अनुसार, इतिहास की गति वर्ग संघर्ष के माध्यम से आगे बढ़ती है और अंततः समाजवादी तथा साम्यवादी व्यवस्था की स्थापना होती है। मार्क्सवाद के प्रमुख तत्व हैं—ऐतिहासिक भौतिकवाद, वर्ग संघर्ष, उत्पादन के साधनों का नियंत्रण, और राज्य की भूमिका। मार्क्सवाद का प्रभाव न केवल राजनीति में बल्कि समाज, अर्थशास्त्र, और संस्कृति में भी देखा जाता है।

  • मार्क्सवाद की स्थापना कार्ल मार्क्स और फ्रेडरिक एंगेल्स ने की।
  • समाज दो वर्गों—पूंजीपति और श्रमिक—में विभाजित है।
  • मार्क्सवाद वर्ग संघर्ष को ऐतिहासिक परिवर्तन का मुख्य कारण मानता है।
  • शोषण और आर्थिक असमानता की आलोचना मार्क्सवाद का मुख्य उद्देश्य है।
  • मार्क्सवाद का प्रभाव वैश्विक राजनीति और समाज में व्यापक है।
  • 📌 मार्क्सवाद: समाज की वर्गीय संरचना और वर्ग संघर्ष पर आधारित विचारधारा।
  • 📌 पूंजीपति: उत्पादन के साधनों का स्वामी वर्ग।
  • 📌 श्रमिक: उत्पादन के साधनों से वंचित, श्रम करने वाला वर्ग।

ऐतिहासिक भौतिकवाद

अवधारणा

ऐतिहासिक भौतिकवाद

ऐतिहासिक भौतिकवाद मार्क्सवाद का मूल सिद्धांत है, जो समाज के विकास को भौतिक परिस्थितियों और आर्थिक संरचना के आधार पर समझाता है। मार्क्स के अनुसार, समाज की संरचना और परिवर्तन का आधार उत्पादन के साधन और उत्पादन संबंध होते हैं। ऐतिहासिक भौतिकवाद मानता है कि विचार, संस्कृति, और राजनीति का विकास आर्थिक आधार पर निर्भर करता है। समाज के विभिन्न युग—आदिम साम्यवाद, दासता, सामंती, पूंजीवादी, और समाजवादी—उत्पादन के साधनों और संबंधों के परिवर्तन से उत्पन्न होते हैं। यह सिद्धांत बताता है कि समाज में परिवर्तन का कारण वर्ग संघर्ष है, जो आर्थिक संरचना में बदलाव लाता है।

  • ऐतिहासिक भौतिकवाद समाज के विकास को आर्थिक आधार पर समझाता है।
  • उत्पादन के साधन और संबंध समाज की संरचना निर्धारित करते हैं।
  • समाज के युग आर्थिक परिवर्तन के अनुसार बदलते हैं।
  • विचार और संस्कृति आर्थिक आधार पर निर्भर करते हैं।
  • वर्ग संघर्ष समाज में परिवर्तन का मुख्य कारण है।
  • 📌 ऐतिहासिक भौतिकवाद: समाज के विकास का आर्थिक आधार पर आधारित सिद्धांत।
  • 📌 उत्पादन के साधन: वे वस्तुएँ जिनसे उत्पादन होता है, जैसे—भूमि, मशीनें।
  • 📌 उत्पादन संबंध: उत्पादन के साधनों के स्वामित्व और उपयोग के संबंध।

वर्ग संघर्ष

व्याख्या

वर्ग संघर्ष

वर्ग संघर्ष मार्क्सवाद का केंद्रीय तत्व है। मार्क्स के अनुसार, समाज में दो मुख्य वर्ग होते हैं—पूंजीपति और श्रमिक। पूंजीपति वर्ग उत्पादन के साधनों का स्वामी होता है, जबकि श्रमिक वर्ग केवल अपनी श्रम शक्ति बेचता है। दोनों वर्गों के हितों में विरोध होता