Chapter 1
Chapter 1 — अध्ययन नोट्स
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परिचय
व्याख्यापरिचय
राजनीति विज्ञान के अध्ययन की आवश्यकता और उसकी प्रासंगिकता को समझाने के लिए यह खंड आरंभिक भूमिका प्रस्तुत करता है। राजनीति विज्ञान समाज के संगठन, शासन प्रणाली, सत्ता के वितरण, और नागरिकों के अधिकारों एवं कर्तव्यों का अध्ययन करता है। यह विषय न केवल शासन की संरचना और कार्यप्रणाली को समझाता है, बल्कि यह भी बताता है कि नागरिक किस प्रकार अपने अधिकारों की रक्षा कर सकते हैं और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ बना सकते हैं। परंपरागत दृष्टिकोण के अनुसार, राजनीति विज्ञान का मुख्य केंद्र राज्य और सरकार था, जबकि आधुनिक दृष्टिकोण में समाज, अर्थव्यवस्था, संस्कृति, और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को भी शामिल किया गया है। राजनीति विज्ञान का अध्ययन न केवल शासकों के लिए, बल्कि सामान्य नागरिकों के लिए भी आवश्यक है, ताकि वे अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग रह सकें। इस खंड में राजनीति विज्ञान की परिभाषा, उसकी प्रकृति, और उसके महत्व को विस्तार से समझाया गया है।
- राजनीति विज्ञान समाज के संगठन और शासन प्रणाली का अध्ययन है।
- यह विषय नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों को स्पष्ट करता है।
- परंपरागत दृष्टिकोण राज्य और सरकार पर केंद्रित था।
- आधुनिक दृष्टिकोण में समाज, संस्कृति, और अंतरराष्ट्रीय संबंध भी शामिल हैं।
- राजनीति विज्ञान का अध्ययन लोकतांत्रिक मूल्यों की समझ बढ़ाता है।
- यह विषय नागरिकों को सजग और उत्तरदायी बनाता है।
- 📌 राजनीति विज्ञान: राज्य, सरकार, और नागरिकों के अधिकारों एवं कर्तव्यों का अध्ययन।
- 📌 लोकतंत्र: ऐसी शासन प्रणाली जिसमें जनता सर्वोच्च होती है।
राजनीति विज्ञान की परिभाषा
परिभाषाराजनीति विज्ञान की परिभाषा
राजनीति विज्ञान की परिभाषा को समझना आवश्यक है, क्योंकि इससे विषय की सीमाएँ और अध्ययन क्षेत्र स्पष्ट होते हैं। परंपरागत विचारकों के अनुसार, राजनीति विज्ञान का मुख्य विषय राज्य, सरकार, और सत्ता के स्वरूप का अध्ययन था। प्लेटो, अरस्तू, मैकियावेली, हॉब्स, लॉक, और रूसो जैसे विचारकों ने राज्य को राजनीति विज्ञान का केंद्र माना। अरस्तू ने राजनीति विज्ञान को 'सर्वोच्च विज्ञान' कहा, क्योंकि यह मानव जीवन के सभी पहलुओं को प्रभावित करता है। आधुनिक विचारकों के अनुसार, राजनीति विज्ञान केवल राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें समाज, अर्थव्यवस्था, संस्कृति, और अंतरराष्ट्रीय संबंध भी शामिल हैं। डेविड ईस्टन के अनुसार, 'राजनीति विज्ञान वह अध्ययन है जिसमें समाज में मूल्य वितरण का विश्लेषण किया जाता है।' इस प्रकार, राजनीति विज्ञान की परिभाषा समय के साथ विस्तृत होती गई है।
- राजनीति विज्ञान की परिभाषा समय के साथ बदलती रही है।
- परंपरागत दृष्टिकोण में राज्य और सरकार मुख्य केंद्र थे।
- आधुनिक दृष्टिकोण में समाज, संस्कृति, और अंतरराष्ट्रीय संबंध भी शामिल हैं।
- अरस्तू ने राजनीति विज्ञान को सर्वोच्च विज्ञान कहा।
- डेविड ईस्टन ने मूल्य वितरण के अध्ययन को राजनीति विज्ञान कहा।
- राजनीति विज्ञान की परिभाषा व्यापक और समावेशी है।
- 📌 राज्य: एक निश्चित भू-भाग पर निवास करने वाले लोगों का संगठित समूह।
- 📌 मूल्य वितरण: समाज में संसाधनों, अधिकारों, और कर्तव्यों का वितरण।
राजनीति विज्ञान की प्रकृति
अवधारणाराजनीति विज्ञान की प्रकृति
राजनीति विज्ञान की प्रकृति को समझना आवश्यक है, क्योंकि इससे यह स्पष्ट होता है कि यह विषय किस प्रकार का है—क्या यह विज्ञान है या कला, क्या यह सैद्धांतिक है या व्यावहारिक। राजनीति विज्ञान के अध्ययन में तर्क, विश्लेषण, और प्रमाण का विशेष महत्व है। परंपर
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Foundation of Political Science · Vardhman Mahaveer Open University
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