Chapter 15
Chapter 15 — अध्ययन नोट्स
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परिचय
व्याख्यापरिचय
इस अनुभाग में भारतीय राष्ट्रवाद के उदय की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का वर्णन किया गया है। 19वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में भारत में राष्ट्रवादी चेतना का विकास हुआ। यह चेतना ब्रिटिश शासन के शोषण, सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों, पश्चिमी शिक्षा के प्रसार और संचार साधनों के विकास के कारण उत्पन्न हुई। भारतीय समाज में एकता की भावना जागृत हुई, जिससे स्वतंत्रता के लिए संघर्ष का मार्ग प्रशस्त हुआ। इस काल में भारतीयों ने अपने अधिकारों के प्रति सजगता दिखाई और ब्रिटिश शासन की नीतियों का विरोध करना आरंभ किया। इस अनुभाग में उन प्रमुख कारणों का विश्लेषण किया गया है, जिन्होंने भारतीय राष्ट्रवाद के बीज बोए।
- 19वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में राष्ट्रवादी भावना का विकास हुआ।
- ब्रिटिश शासन की नीतियों ने भारतीयों में असंतोष उत्पन्न किया।
- सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों ने एकता की भावना को बल दिया।
- पश्चिमी शिक्षा के प्रसार से आधुनिक विचारधारा का विकास हुआ।
- संचार साधनों के विकास ने राष्ट्रव्यापी संवाद को संभव बनाया।
- 📌 राष्ट्रवाद: वह भावना जिसमें लोग अपने देश के प्रति एकता, प्रेम और बलिदान की भावना रखते हैं।
- 📌 सामाजिक सुधार आंदोलन: ऐसे आंदोलन जो समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने के लिए चलाए गए।
भारतीय राष्ट्रवाद के विकास के कारण
व्याख्याभारतीय राष्ट्रवाद के विकास के कारण
भारतीय राष्ट्रवाद के विकास के पीछे कई कारण थे। ब्रिटिश शासन की आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक नीतियों ने भारतीय समाज में असंतोष को जन्म दिया। अंग्रेजों द्वारा भारतीय उद्योग-धंधों का विनाश, भारी करों की वसूली, भूमि व्यवस्था में परिवर्तन और प्रशासनिक भेदभाव ने भारतीयों को एकजुट किया। पश्चिमी शिक्षा के प्रसार ने भारतीयों में आधुनिक विचारधारा और स्वतंत्रता की भावना को जन्म दिया। सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों ने जातिवाद, छुआछूत, सती प्रथा आदि के विरुद्ध संघर्ष कर समाज में जागरूकता लाई। संचार साधनों जैसे रेलवे, टेलीग्राफ, डाक सेवा और समाचार पत्रों ने राष्ट्रव्यापी संवाद को संभव बनाया। इन सब कारणों ने मिलकर भारतीय राष्ट्रवाद की नींव रखी।
- ब्रिटिश शासन की शोषणकारी नीतियों ने असंतोष को बढ़ाया।
- पश्चिमी शिक्षा ने आधुनिक विचारधारा को जन्म दिया।
- सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों ने समाज में एकता लाई।
- संचार साधनों के विकास से राष्ट्रव्यापी संवाद संभव हुआ।
- भारतीयों में अपने अधिकारों के प्रति सजगता आई।
- 📌 आर्थिक शोषण: अंग्रेजों द्वारा भारतीय संसाधनों का दोहन।
- 📌 पश्चिमी शिक्षा: अंग्रेजों द्वारा स्थापित स्कूलों और कॉलेजों में दी जाने वाली आधुनिक शिक्षा।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना
व्याख्याभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 1885 में हुई, जो भारतीय राष्ट्रवाद के विकास में एक महत्वपूर्ण घटना थी। कांग्रेस की स्थापना का मुख्य उद्देश्य भारतीयों के राजनीतिक अधिकारों की रक्षा करना और ब्रिटिश सरकार के समक्ष भारतीयों की समस्याओं को प्रस्तुत क
SLM - History of India (1740-1947 AD) (Hindi) के सभी 20 अध्याय
History of India (1740-1947 AD) · Vardhman Mahaveer Open University
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