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Chapter 14

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - History of India (1740-1947 AD) (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट
Chapter 13अध्याय 14 / 20Chapter 15

Chapter 14अध्ययन नोट्स

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14.1 ब्रिटिश शिक्षा नीति की पृष्ठभूमि

व्याख्या

14.1 ब्रिटिश शिक्षा नीति की पृष्ठभूमि

इस खंड में ब्रिटिश शिक्षा नीति की पृष्ठभूमि का विस्तार से वर्णन किया गया है। 18वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में जब ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में प्रशासनिक नियंत्रण स्थापित किया, तब शिक्षा का स्वरूप पारंपरिक था। भारत में गुरुकुल, मदरसा और पाठशालाएँ मुख्य शिक्षा केंद्र थे, जहाँ धार्मिक, सामाजिक और व्यावहारिक ज्ञान दिया जाता था। ब्रिटिशों ने आरंभ में भारतीय शिक्षा प्रणाली को समझने का प्रयास किया, लेकिन प्रशासनिक आवश्यकताओं के कारण उन्होंने अपने तरीके से शिक्षा नीति बनाने की आवश्यकता महसूस की। 1813 के चार्टर एक्ट में पहली बार शिक्षा के लिए धन आवंटित किया गया, जिससे ब्रिटिश शिक्षा नीति की नींव पड़ी। इस नीति के तहत अंग्रेजों का उद्देश्य भारतीयों को प्रशासनिक कार्यों के लिए प्रशिक्षित करना था, साथ ही पश्चिमी विचारधारा का प्रचार करना भी था।

  • ब्रिटिश शिक्षा नीति की शुरुआत 1813 के चार्टर एक्ट से हुई।
  • परंपरागत शिक्षा प्रणाली में गुरुकुल, मदरसा और पाठशालाएँ थीं।
  • ब्रिटिशों का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों के लिए भारतीयों को प्रशिक्षित करना था।
  • शिक्षा के माध्यम से पश्चिमी विचारधारा का प्रचार करना भी लक्ष्य था।
  • ब्रिटिशों ने भारतीय शिक्षा प्रणाली को आरंभ में समझने का प्रयास किया।
  • 📌 चार्टर एक्ट 1813: ब्रिटिश संसद द्वारा पारित कानून, जिसमें शिक्षा के लिए धन आवंटित किया गया।
  • 📌 गुरुकुल: पारंपरिक हिंदू शिक्षा केंद्र, जहाँ विद्यार्थी गुरु के सानिध्य में शिक्षा प्राप्त करते थे।

14.2 प्रारंभिक ब्रिटिश शिक्षा प्रयास

व्याख्या

14.2 प्रारंभिक ब्रिटिश शिक्षा प्रयास

ब्रिटिशों ने भारत में शिक्षा के क्षेत्र में अपने आरंभिक प्रयासों के तहत 18वीं शताब्दी के अंत और 19वीं शताब्दी की शुरुआत में कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए। बंगाल में 1781 में मदरसा की स्थापना और 1791 में बनारस संस्कृत कॉलेज की स्थापना की गई। इन संस्थानों का उद्देश्य पारंपरिक शिक्षा को संरक्षित करना था, लेकिन धीरे-धीरे ब्रिटिशों ने महसूस किया कि पश्चिमी शिक्षा का प्रचार आवश्यक है। 1813 के चार्टर एक्ट के बाद शिक्षा के लिए धन आवंटित किया गया, जिससे अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा देने की प्रक्रिया शुरू हुई। प्रारंभिक प्रयासों में भारतीयों को प्रशासनिक कार्यों के लिए प्रशिक्षित करना और ब्रिटिश शासन को मजबूत करना मुख्य उद्देश्य था।

  • 1781 में बंगाल मदरसा की स्थापना हुई।
  • 1791 में बनारस संस्कृत कॉलेज की स्थापना हुई।
  • 1813 के बाद शिक्षा के लिए धन आवंटित किया गया।
  • प्रारंभिक प्रयासों में पारंपरिक शिक्षा को संरक्षित करने का प्रयास किया गया।
  • ब्रिटिशों ने धीरे-धीरे पश्चिमी शिक्षा की ओर ध्यान केंद्रित किया।
  • 📌 मदरसा: इस्लामी शिक्षा केंद्र, जहाँ धर्म और कानून की शिक्षा दी जाती थी।
  • 📌 संस्कृत कॉलेज: हिंदू धर्म और दर्शन का अध्ययन केंद्र।

14.3 मैकॉले का मिनट (1835) और शिक्षा नीति

अवधारणा

14.3 मैकॉले का मिनट (1835) और शिक्षा नीति

1835 में लॉर्ड मैकॉले ने ब्रिटिश सरकार को एक प्रसिद्ध 'मिनट' प्रस्तुत किया, जिसमें भारतीय शिक्षा के लिए अंग्रेजी भाषा को माध्यम बनाने की सिफारिश की गई। मैकॉले का मानना था कि भारतीयों को अंग्रेजी शिक्षा देकर उन्हें 'ब्रिटिश विचारधारा' से परिचित कराया