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धन का निष्कासन

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - History of India (1740-1947 AD) (Hindi)📖 8 नोट्स⏱️ ~12 मिनट
Chapter 11अध्याय 12 / 20Chapter 13

धन का निष्कासनअध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 8 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

12.1 धन का निष्कासन: अवधारणा और परिभाषा

अवधारणा

12.1 धन का निष्कासन: अवधारणा और परिभाषा

धन का निष्कासन (Drain of Wealth) भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण अवधारणा है, जिसका अर्थ है भारत से ब्रिटेन को धन का निरंतर प्रवाह, विशेष रूप से औपनिवेशिक शासन के दौरान। यह प्रक्रिया 18वीं शताब्दी के मध्य से शुरू हुई और 1947 तक जारी रही। अंग्रेजों ने भारत में व्यापार, प्रशासन, और सेना के माध्यम से धन का निष्कासन किया। Dadabhai Naoroji ने इस अवधारणा को विस्तार से समझाया और बताया कि किस प्रकार भारत का आर्थिक शोषण हुआ। उन्होंने 'पॉवर्टी एंड अनब्रिटिश रूल इन इंडिया' नामक पुस्तक में इस विषय का विश्लेषण किया। धन का निष्कासन मुख्यतः व्यापारिक लाभ, प्रशासनिक खर्च, सेना के खर्च, और भारत से ब्रिटेन भेजे गए लाभांश के रूप में हुआ।

  • धन का निष्कासन भारत से ब्रिटेन को धन के प्रवाह को दर्शाता है।
  • Dadabhai Naoroji ने इस अवधारणा को पहली बार स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया।
  • अंग्रेजों ने व्यापार, प्रशासन और सेना के माध्यम से धन का निष्कासन किया।
  • इस प्रक्रिया ने भारत की आर्थिक स्थिति को कमजोर किया।
  • धन का निष्कासन औपनिवेशिक शोषण का मुख्य आधार था।
  • यह अवधारणा भारतीय राष्ट्रवाद के विकास में महत्वपूर्ण रही।
  • 📌 धन का निष्कासन: भारत से ब्रिटेन को धन का प्रवाह।
  • 📌 औपनिवेशिक शोषण: विदेशी शासन द्वारा आर्थिक शोषण।
  • 📌 Dadabhai Naoroji: धन के निष्कासन के सिद्धांत के प्रवर्तक।

12.2 धन के निष्कासन के कारण

व्याख्या

12.2 धन के निष्कासन के कारण

धन के निष्कासन के कई कारण थे, जिनमें ब्रिटिश व्यापार नीति, प्रशासनिक खर्च, सेना के खर्च, और लाभांश का स्थानांतरण प्रमुख थे। अंग्रेजों ने भारत में कच्चा माल सस्ते में खरीदा और तैयार माल महंगे दामों पर बेचा। प्रशासनिक खर्च, जैसे ब्रिटिश अधिकारियों का वेतन, पेंशन, और अन्य भत्ते भारत से ब्रिटेन भेजे जाते थे। सेना के खर्च भी भारत से ब्रिटेन को भेजे गए, क्योंकि अंग्रेजी सेना में ब्रिटिश अधिकारियों की नियुक्ति होती थी। इसके अलावा, रेलवे, टेलीग्राफ, और अन्य सार्वजनिक कार्यों में निवेश किए गए धन का लाभांश भी ब्रिटेन भेजा जाता था।

  • ब्रिटिश व्यापार नीति ने भारत को कच्चा माल निर्यातक बना दिया।
  • प्रशासनिक खर्च भारत से ब्रिटेन को भेजे गए।
  • सेना के खर्च और ब्रिटिश अधिकारियों की पेंशन भारत से भेजी गई।
  • रेलवे और अन्य सार्वजनिक कार्यों का लाभांश ब्रिटेन भेजा गया।
  • भारत में विदेशी निवेश का लाभांश भी निष्कासित हुआ।
  • इन सभी कारणों से भारत की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई।
  • 📌 ब्रिटिश व्यापार नीति: भारत को कच्चा माल निर्यातक बनाना।
  • 📌 प्रशासनिक खर्च: अधिकारियों का वेतन, पेंशन आदि।
  • 📌 लाभांश: निवेश पर प्राप्त लाभ।

12.3 धन के निष्कासन के प्रभाव

व्याख्या

12.3 धन के निष्कासन के प्रभाव

धन के निष्कासन का भारत की अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ा। इससे भारत में गरीबी, बेरोजगारी, और आर्थिक असमानता बढ़ी। कृषि और उद्योग दोनों क्षेत्रों में निवेश की कमी हुई, जिससे उत्पादन घटा। भारत का व्यापार घाटा बढ़ा और देश विदेशी कर्ज पर निर्भर हो गया।