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State Legislature - Rajasthan Vidhan Sabha

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राजस्थान विधान सभा: परिचय एवं गठन

व्याख्या

राजस्थान विधान सभा: परिचय एवं गठन

राजस्थान विधान सभा (Rajasthan Legislative Assembly) राज्य की एकमात्र विधायी संस्था (unicameral legislature) है, जो राज्य के विधायी कार्यों को संचालित करती है। इसका गठन भारतीय संविधान के अनुच्छेद 168 (Article 168) के अंतर्गत हुआ है। राजस्थान का गठन 1 नवम्बर 1956 को राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के तहत हुआ था, जिसके पश्चात राजस्थान विधान सभा अस्तित्व में आई। प्रारंभ में राजस्थान विधान सभा में 160 सदस्य थे, जो धीरे-धीरे बढ़ते हुए वर्तमान में 200 हो गए हैं। विधानसभा का मुख्यालय जयपुर में स्थित है। विधानसभा का कार्यकाल सामान्यतः 5 वर्ष का होता है, किंतु राज्यपाल की सिफारिश पर इसे भंग भी किया जा सकता है। ⭐ परीक्षा महत्वपूर्ण तथ्य: • राजस्थान विधान सभा की वर्तमान सदस्य संख्या 200 है। • राज्यपाल विधानसभा के सत्र बुलाने एवं भंग करने का अधिकार रखते हैं। • राजस्थान विधान सभा का पहला सत्र 31 मार्च 1952 को हुआ था। • विधान सभा की सदस्य संख्या (200) अक्सर परीक्षा में पूछी जाती है। • राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 की तिथि (1 नवम्बर 1956) याद रखें।

  • राजस्थान विधान सभा की स्थापना 1952 में हुई थी, वर्तमान स्वरूप 1 नवम्बर 1956 से अस्तित्व में है।
  • विधान सभा में कुल 200 निर्वाचित सदस्य होते हैं।
  • राज्यपाल (Governor) विधानसभा का अभिन्न अंग है।
  • विधान सभा का कार्यकाल 5 वर्ष है, परंतु आपातकाल या राज्यपाल की सिफारिश पर भंग किया जा सकता है।
  • विधान सभा का मुख्यालय जयपुर में है।
  • 📌 विधान सभा: राज्य की विधायी संस्था
  • 📌 राज्यपाल: विधानसभा का अभिन्न अंग
  • 📌 Unicameral: एक सदनीय व्यवस्था

विधान सभा की संरचना एवं सदस्यता

अवधारणा

विधान सभा की संरचना एवं सदस्यता

राजस्थान विधान सभा एकल सदनीय (unicameral) है, जिसमें 200 सदस्य होते हैं। सदस्यता के लिए भारतीय नागरिक होना, न्यूनतम 25 वर्ष की आयु, मतदाता सूची में नाम, और अन्य अर्हताएं आवश्यक हैं। विधानसभा के सदस्य प्रत्यक्ष चुनाव द्वारा चुने जाते हैं। अनुसूचित जाति (SC) के लिए 34 एवं अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए 25 सीटें आरक्षित हैं। सदस्यता के लिए किसी लाभ के पद पर न होना चाहिए। विधानसभा का कार्यकाल 5 वर्ष है, परंतु आपातकाल में इसे बढ़ाया जा सकता है। ⭐ परीक्षा महत्वपूर्ण तथ्य: • राजस्थान में 34 SC और 25 ST आरक्षित सीटें हैं। • सदस्यता के लिए न्यूनतम आयु 25 वर्ष है। • सदस्यता की शपथ/प्रतिज्ञान अध्यक्ष के समक्ष ली जाती है। • SC/ST आरक्षित सीटों की संख्या याद रखें। • सदस्यता की न्यूनतम आयु (25 वर्ष) अक्सर पूछी जाती है।

  • विधान सभा में 200 सदस्य हैं, जिनका चुनाव प्रत्यक्ष मतदान द्वारा होता है।
  • SC के लिए 34 और ST के लिए 25 सीटें आरक्षित हैं।
  • सदस्य बनने के लिए न्यूनतम आयु 25 वर्ष है।
  • सदस्यता के लिए भारतीय नागरिकता अनिवार्य है।
  • लाभ के पद (Office of Profit) पर आसीन व्यक्ति सदस्य नहीं बन सकता।
  • 📌 आरक्षण: SC/ST के लिए सीटें सुरक्षित
  • 📌 लाभ का पद: सरकारी वेतन/लाभ प्राप्त पद

विधान सभा के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष

परिभाषा

विधान सभा के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष

विधान सभा के अध्यक्ष (Speaker) एवं उपाध्यक्ष (Deputy Speaker) का चुनाव सदन के सदस्य करते हैं। अध्यक्ष सदन की कार्यवाही का संचालन करते हैं, अनुशासन बनाए रखते हैं, तथा सदन के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हैं। अध्यक्ष की अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष कार्