Rajasthan Public Service Commission (RPSC)
Rajasthan Public Service Commission (RPSC) — अध्ययन नोट्स
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राजस्थान के राज्यपाल (Governor of Rajasthan)
व्याख्याराजस्थान के राज्यपाल (Governor of Rajasthan)
राज्यपाल (Governor) राजस्थान राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है, जिसकी नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। राज्यपाल का कार्यकाल पाँच वर्ष का होता है, लेकिन वह राष्ट्रपति की इच्छा पर निर्भर करता है। राज्यपाल की शक्तियाँ मुख्यतः तीन श्रेणियों में विभाजित होती हैं: कार्यकारी, विधायी और न्यायिक। कार्यकारी शक्तियों में मंत्रिपरिषद की नियुक्ति, मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति, विश्वविद्यालयों के कुलपति की नियुक्ति आदि शामिल हैं। विधायी शक्तियों में विधानसभा को बुलाना, स्थगित करना, विघटन करना, विधेयकों को मंजूरी देना या अस्वीकार करना, अध्यादेश जारी करना आदि शामिल हैं। न्यायिक शक्तियों में दंड माफी, राहत और क्षमा प्रदान करना शामिल है। राज्यपाल राजस्थान के विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति (Chancellor) भी होते हैं। ⭐ परीक्षा महत्वपूर्ण तथ्य: • राज्यपाल की नियुक्ति अनुच्छेद 155 के तहत होती है • राज्यपाल का कार्यकाल अनुच्छेद 156 के तहत निर्धारित है • राज्यपाल विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति होते हैं • राज्यपाल को दंड माफी का अधिकार अनुच्छेद 161 के तहत है • राज्यपाल से संबंधित अनुच्छेद 155, 156, 161 को याद रखें • राज्यपाल की शक्तियों में कार्यकारी, विधायी और न्यायिक को स्पष्ट रूप से समझें
- राज्यपाल की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है (अनुच्छेद 155)
- राज्यपाल का कार्यकाल पाँच वर्ष का होता है (अनुच्छेद 156)
- राज्यपाल विधानसभा को बुला सकता है, स्थगित कर सकता है या विघटन कर सकता है
- राज्यपाल विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति होते हैं
- राज्यपाल को दंड माफी, राहत और क्षमा देने का अधिकार है (अनुच्छेद 161)
- 📌 राज्यपाल: राज्य का संवैधानिक प्रमुख
- 📌 कुलाधिपति: विश्वविद्यालयों का प्रमुख
- 📌 दंड माफी: सजा में राहत
राजस्थान विधानसभा (Rajasthan Legislative Assembly)
व्याख्याराजस्थान विधानसभा (Rajasthan Legislative Assembly)
राजस्थान विधानसभा (Legislative Assembly) राज्य की विधायिका है, जिसमें 200 सदस्य होते हैं। विधानसभा का गठन संविधान के अनुच्छेद 168 के तहत हुआ है। विधानसभा के सदस्य सीधे जनता द्वारा चुने जाते हैं और इनका कार्यकाल पाँच वर्ष का होता है, लेकिन विधानसभा को राज्यपाल द्वारा पूर्व में भी विघटित किया जा सकता है। विधानसभा का प्रमुख अध्यक्ष (Speaker) होता है, जो सदन की कार्यवाही संचालित करता है। विधानसभा में विधेयकों का निर्माण, बजट पारित करना, सरकार पर नियंत्रण रखना आदि प्रमुख कार्य होते हैं। विधानसभा की बैठक जयपुर स्थित विधान भवन में होती है। ⭐ परीक्षा महत्वपूर्ण तथ्य: • राजस्थान विधानसभा में 200 सीटें हैं • विधानसभा का गठन अनुच्छेद 168 के तहत हुआ • अध्यक्ष का चुनाव सदन के सदस्यों द्वारा होता है • विधानसभा का कार्यकाल पाँच वर्ष का है • विधानसभा की कुल सीटें और प्रमुख पदों के नाम याद रखें • अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की नियुक्ति प्रक्रिया पर ध्यान दें
- राजस्थान विधानसभा में 200 सदस्य हैं (2024)
- विधानसभा का गठन अनुच्छेद 168 के तहत हुआ
- विधानसभा का कार्यकाल पाँच वर्ष का होता है
- अध्यक्ष (Speaker) विधानसभा का प्रमुख होता है
- विधानसभा की बैठक जयपुर के विधान भवन में होती है
- 📌 विधानसभा: राज्य की विधायिका
- 📌 अध्यक्ष: विधानसभा का प्रमुख
- 📌 विधेयक: कानून बनाने का प्रस्ताव
राजस्थान मंत्रिपरिषद (Council of Ministers of Rajasthan)
व्याख्याराजस्थान मंत्रिपरिषद (Council of Ministers of Rajasthan)
राजस्थान मंत्रिपरिषद (Council of Ministers) राज्य सरकार का कार्यकारी अंग है, जिसका नेतृत्व मुख्यमंत्री (Chief Minister) करते हैं। मंत्रिपरिषद में कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री और उप मंत्री शामिल होते हैं। मंत्रिपरिषद का गठन अनुच्छेद 163 के तहत होता है
राजस्थान की राजव्यवस्था के सभी 12 अध्याय
Polity of Rajasthan · Rajasthan General Knowledge